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अनिल गुप्ता के साहस को पुलिस का भी सलाम
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 16 Jan 2016 02:00 AM IST
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बहादुर युवक अनिल गुप्ता के साहस को पुलिस ने भी सलाम किया है। उसे गणतंत्र दिवस परेड में पुलिस लाइन में सम्मानित किया जाएगा। उसे प्रदेश सरकार से पुरस्कार दिलाने के लिए भी संस्तुति की जाएगी। जब यह पता चला कि मुंह के कैंसर से जूझने के बावजूद उसने अपनी जान पर खेलकर यह पराक्रम दिखाया है तो अफसर दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो गए।
केदार नगर निवासी अनिल गुप्ता पृथ्वीनाथ चौकी के पास ही बेड़ई की ठेल लगता है। यहीं पर गुरुवार रात लूट के विरोध पर सराफ संजय वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अनिल ने जान की परवाह किए बगैर बाइक से भागते तीन बदमाशों में दो को पकड़कर गिरा लिया था। उस समय कोई बदमाशों के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
बदमाश तीन गोली चला चुके थे। पुलिस तो डर के मारे चौकी से बाहर ही नहीं निकली थी। उसके साहस की बदौलत एक हिस्ट्रीशीटर और उसका साथी पकड़े गया। शहर में कई सराफा कारोबारियों के साथ लूट और हत्या की घटना हो चुकी हैं।
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इससे पिछली घटना में सराफ धन कुमार जैन को गोली मारी गई थी। तब पहले सराफा बाजार बंद रहा था और फिर पूरा आगरा। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ तो इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ अनिल की बहादुरी है। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अनिल को गणतंत्र दिवस परेड में सम्मानित किया जाएगा।
अनिल की हिम्मत काबिल ए तारीफ है, उसे सम्मानित किया जाएगा, शासन को भी फाइल भेजी जाएगी - लक्ष्मी सिंह ( डीआईजी)
पुरस्कार की चाह नहीं
अनिल गुप्ता का कहना है कि उसने बदमाशों को पुरस्कार की चाहत में नहीं पकड़ा, उस समय उसके मन में सिर्फ यही बात थी कि चाहें उसकी जान चली जाए पर बदमाश न भागने पाएं।
‘गवाही देने के लिए तैयार हूं’
अनिल इस घटना का चश्मदीद भी है। उसका कहना है कि वह कोर्ट में गवाही देगा। उसे किसी का डर नहीं। पुलिस जब कहेगी तब कोर्ट के सामने बयान देने के लिए पहुंच जाएगा।
कैंसर की परवाह नहीं करता
अनिल ने बताया कि उसे मुंह का कैंसर कई सालों से है, लेकिन वह अपनी जिंदगी जीता है। सुबह से शाम काम से ही फुर्सत नहीं मिलती। कहता है, दवाई ले रहा हूं, बीमारी के बारे में सोचता नहीं।
बहुत भले आदमी थे संजय वर्मा
अनिल ने बताया कि संजय वर्मा को वह जानता नहीं था, लेकिन उनके बारे में सुना था। बहुत भले आदमी थे, कभी किसी का दिल नहीं दुखाते थे। उनका व्यवहार भी मधुर था।
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केदार नगर निवासी अनिल गुप्ता पृथ्वीनाथ चौकी के पास ही बेड़ई की ठेल लगता है। यहीं पर गुरुवार रात लूट के विरोध पर सराफ संजय वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अनिल ने जान की परवाह किए बगैर बाइक से भागते तीन बदमाशों में दो को पकड़कर गिरा लिया था। उस समय कोई बदमाशों के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
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बदमाश तीन गोली चला चुके थे। पुलिस तो डर के मारे चौकी से बाहर ही नहीं निकली थी। उसके साहस की बदौलत एक हिस्ट्रीशीटर और उसका साथी पकड़े गया। शहर में कई सराफा कारोबारियों के साथ लूट और हत्या की घटना हो चुकी हैं।
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इससे पिछली घटना में सराफ धन कुमार जैन को गोली मारी गई थी। तब पहले सराफा बाजार बंद रहा था और फिर पूरा आगरा। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ तो इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ अनिल की बहादुरी है। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अनिल को गणतंत्र दिवस परेड में सम्मानित किया जाएगा।
अनिल की हिम्मत काबिल ए तारीफ है, उसे सम्मानित किया जाएगा, शासन को भी फाइल भेजी जाएगी - लक्ष्मी सिंह ( डीआईजी)
पुरस्कार की चाह नहीं
अनिल गुप्ता का कहना है कि उसने बदमाशों को पुरस्कार की चाहत में नहीं पकड़ा, उस समय उसके मन में सिर्फ यही बात थी कि चाहें उसकी जान चली जाए पर बदमाश न भागने पाएं।
‘गवाही देने के लिए तैयार हूं’
अनिल इस घटना का चश्मदीद भी है। उसका कहना है कि वह कोर्ट में गवाही देगा। उसे किसी का डर नहीं। पुलिस जब कहेगी तब कोर्ट के सामने बयान देने के लिए पहुंच जाएगा।
कैंसर की परवाह नहीं करता
अनिल ने बताया कि उसे मुंह का कैंसर कई सालों से है, लेकिन वह अपनी जिंदगी जीता है। सुबह से शाम काम से ही फुर्सत नहीं मिलती। कहता है, दवाई ले रहा हूं, बीमारी के बारे में सोचता नहीं।
बहुत भले आदमी थे संजय वर्मा
अनिल ने बताया कि संजय वर्मा को वह जानता नहीं था, लेकिन उनके बारे में सुना था। बहुत भले आदमी थे, कभी किसी का दिल नहीं दुखाते थे। उनका व्यवहार भी मधुर था।