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देख लीजिए सीएम साहब, सुधरी नहीं आपकी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:15 AM IST
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पुलिस ने कहा, तुम्हारी बेटी कहीं चली गई होगी
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दो दिन पहले ही पुलिस और प्रशासन के अफसरों को ताकीद किया कि संगीन वारदात को बेहद गंभीरता से लिया जाए। क्विक एक्शन हो। आला अफसर खुद मौके पर जाएं। लेकिन किशोरी का अपहरण कर हत्या के मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। उसकी गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई। उसके परिवारीजनों से दो चौकियों के चक्कर लगवाए गए। इसके बाद पुलिस ने कह दिया कि तुम्हारी बेटी कहीं चली गई होगी। सुबह को उसकी लाश नाले से बरामद हुई।
संध्या के परिवारीजनों का आरोप है कि सौ नंबर पर सूचना देने के बाद वह बल्केश्वर चौकी पर गए, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मी ने कहा कि पहले बेटी को कहीं और ढूंढ लो, ऐसा भी हो सकता है कि वह कहीं खुद चली गई हो। इसके बाद भी पुलिस ने उसकी तलाश में कोई जल्दी नहीं दिखाई। पीड़ित को बृजविहार चौकी पर भेज दिया। पीड़ित एक घंटे तक दो चौकी पर भटकते रहे। पुलिस आई, लेकिन खानापूर्ति करके चली गई।
उसे अगवा किया गया
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह गणेश पंडाल से वहां क्यों जाएगी, इतना ही नहीं, जब परिवारीजन तलाश में जुटे थे उन्हें संध्या नहीं मिली, जबकि कई बार आसपास उसकी तलाश की गई। उसकी चाची दीप्ति ने बताया कि संध्या को भीड़ के दौरान अगवा किया गया।
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अनुराग नगर के युवक लाए थे झांकी
परिवारीजनों ने बताया कि क्षेत्र के लाला और रवि ने अनुराग नगर के युवकों को झांकी के लिए बुलाया था। एक युवक माता पार्वती के स्वरूप में आया था। उनके जाने के बाद ही संध्या अगवा हो गई। कार्यक्रम की वीडियो में भी 11:45 बजे के कार्यक्रम के बाद संध्या नहीं दिख रही है। एक युवक यह भी कह रहा था कि यहां अब झांकी नहीं निकलेगी।
परिवार में मचा कोहराम
संध्या चार भाई-बहन में दूसरे नंबर की थी। बड़ी सिमरन नौंवी की छात्रा है, जबकि छोटे भाई राज आर हिमांशु हैं। संध्या की हत्या की खबर से मां सपना बेसुध हो गईं। उन्हें परिवारीजन संभाल रहे थे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में बल्केश्वर श्मशान घाट पर संध्या का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस की लापरवाही से गई जान
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू का कहना है कि किशोरी की हत्या पुलिस की लापरवाही से हुई है। अगर उसके लापता होने की सूचना पर तुरंत तलाश शुरू की जाती तो हो सकता था कि उसकी जान बच जाती और अपराधी पकड़े जाते।
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संध्या के परिवारीजनों का आरोप है कि सौ नंबर पर सूचना देने के बाद वह बल्केश्वर चौकी पर गए, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मी ने कहा कि पहले बेटी को कहीं और ढूंढ लो, ऐसा भी हो सकता है कि वह कहीं खुद चली गई हो। इसके बाद भी पुलिस ने उसकी तलाश में कोई जल्दी नहीं दिखाई। पीड़ित को बृजविहार चौकी पर भेज दिया। पीड़ित एक घंटे तक दो चौकी पर भटकते रहे। पुलिस आई, लेकिन खानापूर्ति करके चली गई।
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उसे अगवा किया गया
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह गणेश पंडाल से वहां क्यों जाएगी, इतना ही नहीं, जब परिवारीजन तलाश में जुटे थे उन्हें संध्या नहीं मिली, जबकि कई बार आसपास उसकी तलाश की गई। उसकी चाची दीप्ति ने बताया कि संध्या को भीड़ के दौरान अगवा किया गया।
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अनुराग नगर के युवक लाए थे झांकी
परिवारीजनों ने बताया कि क्षेत्र के लाला और रवि ने अनुराग नगर के युवकों को झांकी के लिए बुलाया था। एक युवक माता पार्वती के स्वरूप में आया था। उनके जाने के बाद ही संध्या अगवा हो गई। कार्यक्रम की वीडियो में भी 11:45 बजे के कार्यक्रम के बाद संध्या नहीं दिख रही है। एक युवक यह भी कह रहा था कि यहां अब झांकी नहीं निकलेगी।
परिवार में मचा कोहराम
संध्या चार भाई-बहन में दूसरे नंबर की थी। बड़ी सिमरन नौंवी की छात्रा है, जबकि छोटे भाई राज आर हिमांशु हैं। संध्या की हत्या की खबर से मां सपना बेसुध हो गईं। उन्हें परिवारीजन संभाल रहे थे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में बल्केश्वर श्मशान घाट पर संध्या का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस की लापरवाही से गई जान
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू का कहना है कि किशोरी की हत्या पुलिस की लापरवाही से हुई है। अगर उसके लापता होने की सूचना पर तुरंत तलाश शुरू की जाती तो हो सकता था कि उसकी जान बच जाती और अपराधी पकड़े जाते।