{"_id":"056235bbc3e7eb378e5635db67d816d5","slug":"order-to-leave-the-village-to-young-man-accused-of-misconduct-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुराचार के आरोपी युवक को गांव छोड़ने का फरमान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुराचार के आरोपी युवक को गांव छोड़ने का फरमान
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Sun, 21 Feb 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
पांचवीं की छात्रा के साथ दुराचार का मामला पुलिस के पास ले जाने के बजाय बिरादरी की पंचायत में निपटा दिया गया। पंचों ने मनमानी करते हुए आरोपी युवक को 12 साल के लिए गांव से बाहर रहने का अजीबोगरीब फरमान सुना दिया। उसके परिवार को चेतावनी दी कि अगर वह भूल से भी गांव में नजर आ गया, तो उम्र भर के लिए बेदखल कर दिया जाएगा। उसके परिवार को भी गांव छोड़कर जाना होगा।
थाना मंसुखपुरी क्षेत्र के एक गांव में यह घटना दो दिन पहले हुई थी। पड़ोसी युवक के साथ 13 साल की बालिका दवाई लेने के लिए गई थी। उसे बुखार था। युवक से उसे डाक्टर के पास ले जाने के लिए कहा गया था। आरोप है कि वह उसे अपने साथ ले गया और दुराचार करने के बाद छोड़ दिया।
बालिका ने घर आकर जानकारी दी तो परिवार के लोग गुस्से में आ गए। लेकिन पुलिस के पास जाने के बजाय बिरादरी के ठेकेदारों के पास पहुंच गए। शनिवार को पंचायत बुला ली गई। इसमें पीड़ित और आरोपी पक्ष के परिवार बुलाए गए। भरी पंचायत में लड़की के परिवार से घटना के बारे में पूछा गया।
विज्ञापन
इसके बाद आरोपी युवक के परिवार को फरमान सुनाया गया। उन्होंने इसे स्वीकार भी कर लिया। उधर, हैरानी की बात यह है कि पुलिस को न घटना का पता चला और न पंचायत का। थानाध्यक्ष का कहना है कि दुराचार की कोई तहरीर नहीं आई है और पंचायत की भी किसी ने शिकायत नहीं की है। मामला संज्ञान में भी नहीं है।
विज्ञापन
थाना मंसुखपुरी क्षेत्र के एक गांव में यह घटना दो दिन पहले हुई थी। पड़ोसी युवक के साथ 13 साल की बालिका दवाई लेने के लिए गई थी। उसे बुखार था। युवक से उसे डाक्टर के पास ले जाने के लिए कहा गया था। आरोप है कि वह उसे अपने साथ ले गया और दुराचार करने के बाद छोड़ दिया।
विज्ञापन
बालिका ने घर आकर जानकारी दी तो परिवार के लोग गुस्से में आ गए। लेकिन पुलिस के पास जाने के बजाय बिरादरी के ठेकेदारों के पास पहुंच गए। शनिवार को पंचायत बुला ली गई। इसमें पीड़ित और आरोपी पक्ष के परिवार बुलाए गए। भरी पंचायत में लड़की के परिवार से घटना के बारे में पूछा गया।
विज्ञापन
इसके बाद आरोपी युवक के परिवार को फरमान सुनाया गया। उन्होंने इसे स्वीकार भी कर लिया। उधर, हैरानी की बात यह है कि पुलिस को न घटना का पता चला और न पंचायत का। थानाध्यक्ष का कहना है कि दुराचार की कोई तहरीर नहीं आई है और पंचायत की भी किसी ने शिकायत नहीं की है। मामला संज्ञान में भी नहीं है।