फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   'op[o

20 साल में पूरी हुई छात्रवृत्ति  घोटाले की विजिलेंस जांच

Tue, 04 Apr 2017 01:23 AM IST
20 साल में पूरी हुई छात्रवृत्ति  घोटाले की विजिलेंस जांच
20 साल में पूरी हुई छात्रवृत्ति  घोटाले की विजिलेंस जांच Updated Tue, 04 Apr 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
'op[o
rupees
फिरोजाबाद में 1997-98 में हुए चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में 20 साल चली जांच के बाद अब फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दी गई है । यह आरोप पत्र वहां के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी / जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पेडी लाल के खिलाफ दाखिल किया गया है। इस मामले में कुल 34 आरोप हैं। 33 के खिलाफ पहले ही चार्जशीट हो चुकी है। इन सभी पर 11 फर्जी कालेजों की छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप है।
विज्ञापन

कुल 15 कालेजों की छात्रवृत्ति में गोलमाल की शिकायत की गई थी। 1998 में विजिलेंस की आगरा इकाई ने इसकी जांच शुरू की। पता चला कि 11 कालेजों की तो मान्यता ही नहीं है। ये सिर्फ कागजों पर छात्रवृत्ति हड़पने के लिए खोले गए। इनके छात्र-छात्राओं के वजीफे का पैसा कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़प लिया था।
विज्ञापन

इसका खुलासा होने पर हड़कंप मच गया था। कई अधिकारी तो ट्रांसफर कराकर दूसरी जगह चले गए थे लेकिन जांच विजिलेंस को मिल जाने के बाद एक -एक पर शिकंजा कसता गया। यह अलग बात है कि इसमें वक्त 20 साल का लग गया। इस दौरान ज्यादातर अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए। पेडी लाल भी रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने 22 मार्च को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद 26 मार्च को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। वह लखनऊ के मलिहाबाद के बलवारखेड़ी गांव के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


: वर्जन
फिरोजाबाद के छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी पेडी लाल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।  डा. अरविंद, एसपी विजिलेंस।


उपकरण खरीद घोटाले की पूरी हुई जांच
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के उपकरण खरीद घोटाले की जांच भी विजिलेंस ने पूरी कर ली है। इसमें बाजार भाव से महंगी दरों पर उपकरण खरीदे गए थे। इस मामले में एमएम गेट थाना में एफआईआर पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। आगे की कार्रवाई के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। वहां से जांच का अनुमोदन होने पर कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed