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फौजी को ऑनलाइन एक शर्ट की 'कीमत' पड़ी साढ़े तीन लाख रुपये, ऐसे हुआ धोखाधड़ी का शिकार
Tue, 09 Apr 2019 02:26 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 09 Apr 2019 02:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
एक फौजी को इनाम में कार का झांसा देकर खाते में 3.5 लाख रुपये जमा करा लिए गए। पीड़ित को पता चला तो डीआईजी से शिकायत की। इसके बाद साइबर सेल ने जांच की। पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता कर लिया। पुलिस ने रकम वापस करा दी है।
पीड़ित फौजी आगरा में तैनात हैं। पिछले दिनों उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें एक वेबसाइट के माध्यम से शॉपिंग करने पर ऑफर की बात कही गई थी। एक लिंक भी दिया था। उन्होंने लिंक पर क्लिक करने के बाद एक शर्ट की खरीद कर ली।
शर्ट कंपनी की थी। उन्हें पसंद आई। कुछ दिन बाद उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वो ऑनलाइन शॉपिंग कराने वाली कंपनी से बोल रहा है। शर्ट खरीदने पर उन्हें इनाम मिल रहा है। इसमें स्विफ्ट कार दी जाएगी।
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पीड़ित फौजी आगरा में तैनात हैं। पिछले दिनों उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें एक वेबसाइट के माध्यम से शॉपिंग करने पर ऑफर की बात कही गई थी। एक लिंक भी दिया था। उन्होंने लिंक पर क्लिक करने के बाद एक शर्ट की खरीद कर ली।
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शर्ट कंपनी की थी। उन्हें पसंद आई। कुछ दिन बाद उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वो ऑनलाइन शॉपिंग कराने वाली कंपनी से बोल रहा है। शर्ट खरीदने पर उन्हें इनाम मिल रहा है। इसमें स्विफ्ट कार दी जाएगी।
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ऐसे हुई धोखाधड़ी
कॉल करने वाले ने कहा कि कार की कीमत उनकी कंपनी अदा करेगी। मगर, उन्हें रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस के 3.5 लाख रुपये जमा करने होंगे। फौजी के पास घर बनाने के लिए लोन की रकम के रुपये थे। उन्होंने बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। मगर, उनके पास कार नहीं आई। फोन भी बंद हो गए।
शक होने पर फौजी ने डीआईजी से शिकायत की। डीआईजी ने साइबर सेल को जांच के आदेश किए। पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता किया। उससे फोन पर बात की।
उसने बताया कि वो कुछ दिन पहले दिल्ली गया था। तब गांव का युवक मिला था। उसने नौकरी लगवाने के लिए उनसे कागजात लिए थे। उसी पर शक है कि खाता खोलकर रकम जमा कराई हो। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की बात कही। खाता धारक ने कुछ दिन बाद रकम वापस कर दी।
आप इन खबरों के बारे में और क्या जानना चाहते हैं। कृपया अपनी कीमती राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
शक होने पर फौजी ने डीआईजी से शिकायत की। डीआईजी ने साइबर सेल को जांच के आदेश किए। पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता किया। उससे फोन पर बात की।
उसने बताया कि वो कुछ दिन पहले दिल्ली गया था। तब गांव का युवक मिला था। उसने नौकरी लगवाने के लिए उनसे कागजात लिए थे। उसी पर शक है कि खाता खोलकर रकम जमा कराई हो। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की बात कही। खाता धारक ने कुछ दिन बाद रकम वापस कर दी।
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