{"_id":"57193c7a4f1c1b05048b4f4e","slug":"mahila-jinda-jali","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव छिरवाई की ठार में महिला जिंदा जली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गांव छिरवाई की ठार में महिला जिंदा जली
गांव छिरवाई की ठार में महिला जिंदा जली
Updated Fri, 22 Apr 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
गांव छिरवाई की ठार में महिला जिंदा जली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव छिरवाई की ठार में राजवती नाम की महिला की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आग की लपटों में महिला और घर में रखा सामान जल गया। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। घटना के पीछे रंजिश होने का शक है। राजवती हत्या के एक मामले में जेल भी गई थी।
घटना गुरुवार शाम तकरीबन चार बजे की है। गांव छिरवाई के पास छिरवाई की ठार (निहाल सिंह की ठार) है। यहां राजवती (50) पत्नी दिवंगत पंतोली बघेल बच्चों के साथ रहती थीं। शाम को ठार पर आग की लपटें देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। उन्होंने जब तक आग पर काबू पाया तब तक राजवती की जलकर मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप था कि राजवती की हत्या की गई है। मारपीट के बाद उसके शरीर पर गर्म कपड़े कंबल आदि लपेट कर उन्हें छप्पर के खंभे से बांधा गया। इसके बाद आग लगाई गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि घर में रखा सामान, अनाज और एक बाइक जल गई है।
--------
खेती करके बच्चों का करतीं थी पालन-पोषण
एत्मादपुर। गांव गारापुर निवासी अमृत सिंह बघेल की पुत्री राजवती की ससुराल थाना डौकी के गांव महल में है। 15 वर्ष पहले पति पंतोली बघेल की मौत होने के बाद पिता ने गांव छिरवाई के पास खेत दिलवा दिया। राजवती वहीं रहने लगीं। उनके चार पुत्र हैं। सबसे बड़े दिनेश ननिहाल गांव गारापुर में बचपन से ही रहते हैं। केरन, अशोक और मक्खन उनके साथ रहते थे। खेती और पशुपालन करके परिवार का पालन-पोषण करती थीं।
विज्ञापन
-------
जेल भी गईं थीं राजवती
एत्मादपुर। राजवती के साथ उनके देवर निहाल सिंह अपने पुत्र के साथ रहते थे। बताते हैं कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व निहाल सिंह पुत्र सुंदर सिंह बघेल की ठार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप राजवती और उनके पुत्र केरन पर लगा था। राजवती की जमानत हो गई थी लेकिन केरन अभी जेल में बंद है।
विज्ञापन
घटना गुरुवार शाम तकरीबन चार बजे की है। गांव छिरवाई के पास छिरवाई की ठार (निहाल सिंह की ठार) है। यहां राजवती (50) पत्नी दिवंगत पंतोली बघेल बच्चों के साथ रहती थीं। शाम को ठार पर आग की लपटें देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। उन्होंने जब तक आग पर काबू पाया तब तक राजवती की जलकर मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप था कि राजवती की हत्या की गई है। मारपीट के बाद उसके शरीर पर गर्म कपड़े कंबल आदि लपेट कर उन्हें छप्पर के खंभे से बांधा गया। इसके बाद आग लगाई गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि घर में रखा सामान, अनाज और एक बाइक जल गई है।
विज्ञापन
--------
खेती करके बच्चों का करतीं थी पालन-पोषण
एत्मादपुर। गांव गारापुर निवासी अमृत सिंह बघेल की पुत्री राजवती की ससुराल थाना डौकी के गांव महल में है। 15 वर्ष पहले पति पंतोली बघेल की मौत होने के बाद पिता ने गांव छिरवाई के पास खेत दिलवा दिया। राजवती वहीं रहने लगीं। उनके चार पुत्र हैं। सबसे बड़े दिनेश ननिहाल गांव गारापुर में बचपन से ही रहते हैं। केरन, अशोक और मक्खन उनके साथ रहते थे। खेती और पशुपालन करके परिवार का पालन-पोषण करती थीं।
विज्ञापन
-------
जेल भी गईं थीं राजवती
एत्मादपुर। राजवती के साथ उनके देवर निहाल सिंह अपने पुत्र के साथ रहते थे। बताते हैं कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व निहाल सिंह पुत्र सुंदर सिंह बघेल की ठार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप राजवती और उनके पुत्र केरन पर लगा था। राजवती की जमानत हो गई थी लेकिन केरन अभी जेल में बंद है।