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विभव नगर में कालेज संचालक के घर 35 लाख की लूट
विभव नगर में कालेज संचालक के घर 35 लाख की लूट
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:53 AM IST
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विभव नगर में कालेज संचालक के घर 35 लाख की लूट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वीवीआईपी कालोनी विभव नगर में मंगलवार दोपहर पौने तीन बजे कॉलेज संचालक योगराज परिहार के घर 35 लाख की लूट से शहर में सनसनी फैल गई। दो नकाबपोश बदमाशों ने योगराज की दो साल की बेटी अराध्या को गन प्वाइंट पर लेकर 27 लाख कैश और लगभग आठ लाख केजेवरात लूट लिए। विरोध करने पर उनकी पत्नी अनीता और भतीजे हेमंत को तमंचे की बट से पीटा। 10 मिनट में वारदात कर बदमाश आराम से फरार हो गए।
मूल रूप से शमसाबादा के बांगुरी गांव निवासी योगराज परिहार और उनके भाई राजेश परिहार के शमसाबाद में पिता भानू प्रताप सिंह और मा शांति देवी के नाम से दो-दो कालेज हैं। एक कोल्ड स्टोरेज भी है। विभव नगर की अजंता कालोनी में उनकी कोठी है। मंगलवार को योगराज कोल्ड स्टोरेज और कालेज के काम से शमसाबाद में थे। राजेश बहन रीना और शीला के साथ बीमे के काम से संजय प्लेस गए थे। दोनों बहनें दिल्ली स्थित ससुराल से मायके आई हुई हैं। राजेश की पत्नी मिथलेश पिता के निधन के चलते ग्वालियर स्थित मायके में गई हुई थीं। घर पर योगराज की पत्नी अनिता, बेटा अर्जुन (पांच), बेटी रिद्दिमा (आठ) और अराध्या (दो), राजेश का 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा हेमंत और आठवीं का छात्र राजेश थे। पौने तीन बजे अर्जुन दोस्त के यहां से लौटा था। रिद्दिमा गेट बंद कर रही थी तभी दो नकाबपोश बदमाश आ धमके। बोले, हेमंत कहां है, अर्जुन कहां हैं, अनिता कहां है, कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाश घर के अंदर घुस गए। एक ने अराध्या को गोदी में उठाकर उसके सिर पर तमंचा लगा दिया।
इसके बाद अनिता और सभी बच्चों को किचन में बंद कर दिया। अनिता से अलमारी की चाभी ली। इसे खोलकर 27 लाख कैश और अनिता तथा मिथलेश के लगभग आठ लाख के जेवरात लूट लिए। अनिता और हेमंत ने विरोध किया तो उन्हें पीटा। इसके बाद बदमाश आराम से फरार हो गए।
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वीवीआईपी कालोनी है विभव नगर
विभव नगर में तीन पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, शिव कुमार राठौर, जीपी पुष्कर और पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा समेत कई वीआईपी के आवास हैं। विभव नगर में ही अजंता कालोनी है ।
स्थानीय हैं बदमाश, 25 साल है उम्र
बदमाशों की भाषा स्थानीय रही। उम्र लगभग 25 साल है। उन्होंने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। योगराज के परिवार के सदस्यों का नाम एक सांस में लिया। जैसे इसका अभ्यास करके आए हों।
मेरी मां को कैंसर है, इसलिए लूट रहा हूं
एक बदमाश जाते हुए कहकर गया कि उसकी मां कैंसर की मरीज है, उसे पैसे की जरूरत है, इसलिए वह लूट कर रहा है। हालांकि बदमाशों का तरीका प्रोफेशनल अपराधियों की तरह था।
पुलिस को लुटेरों के परिचित होने का शक
आगरा। लुटेरों ने जिस तरह योगराज के परिवार के सदस्यों के नाम लिए, उससे माना जा रहा है कि वह परिचित हो सकते हैं। दूसरी संभावना यह है कि किसी परिचित से उन्होंने इसकी जानकारी ली हो। कुल मिलाकर जांच की दिशा यही है कि वारदात में किसी न किसी परिचित का हाथ जरूर है। बदमाशों के नकाब में रहने की भी यही वजह मानी जा रहा है कि उन्हें पहचान लिए जाने का डर रहा होगा। एक और सवाल पुलिस के मन में खटक रहा है कि बदमाशों को कैसे पता चला कि योगराज के घर पर इतना कैश है। योगराज ने पुलिस को बताया कि 27 लाख यूनिवर्सिटी में जमा कराने थे। यह छात्रों की फीस की रकम थी। वह सोमवार को 11 लाख और मंगलवार को 16 लाख बैंक से निकालकर लाए थे। घर में और भी पैसा रखा था। बदमाशों ने चार दराज खोल लिए लेकिन पांचवें को नहीं खोल पाए। बताया तो यह भी जा रहा है कि एक दराज में लाइसेंसी पिस्टल और रिवाल्वर भी थे। बदमाश इसे नहीं खोल पाए। इनके अलावा एक दराज के न खुल पाने पर बदमाशों ने इसे तोड़ने की कोशिश की।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
योगराज की कोठी से तीसरे मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस इनकी रिकार्डिंग खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि बदमाश इसमें नजर आ रहे हैं लेकिन उनके चेहरों पर नकाब हैं।
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मूल रूप से शमसाबादा के बांगुरी गांव निवासी योगराज परिहार और उनके भाई राजेश परिहार के शमसाबाद में पिता भानू प्रताप सिंह और मा शांति देवी के नाम से दो-दो कालेज हैं। एक कोल्ड स्टोरेज भी है। विभव नगर की अजंता कालोनी में उनकी कोठी है। मंगलवार को योगराज कोल्ड स्टोरेज और कालेज के काम से शमसाबाद में थे। राजेश बहन रीना और शीला के साथ बीमे के काम से संजय प्लेस गए थे। दोनों बहनें दिल्ली स्थित ससुराल से मायके आई हुई हैं। राजेश की पत्नी मिथलेश पिता के निधन के चलते ग्वालियर स्थित मायके में गई हुई थीं। घर पर योगराज की पत्नी अनिता, बेटा अर्जुन (पांच), बेटी रिद्दिमा (आठ) और अराध्या (दो), राजेश का 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा हेमंत और आठवीं का छात्र राजेश थे। पौने तीन बजे अर्जुन दोस्त के यहां से लौटा था। रिद्दिमा गेट बंद कर रही थी तभी दो नकाबपोश बदमाश आ धमके। बोले, हेमंत कहां है, अर्जुन कहां हैं, अनिता कहां है, कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाश घर के अंदर घुस गए। एक ने अराध्या को गोदी में उठाकर उसके सिर पर तमंचा लगा दिया।
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इसके बाद अनिता और सभी बच्चों को किचन में बंद कर दिया। अनिता से अलमारी की चाभी ली। इसे खोलकर 27 लाख कैश और अनिता तथा मिथलेश के लगभग आठ लाख के जेवरात लूट लिए। अनिता और हेमंत ने विरोध किया तो उन्हें पीटा। इसके बाद बदमाश आराम से फरार हो गए।
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वीवीआईपी कालोनी है विभव नगर
विभव नगर में तीन पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, शिव कुमार राठौर, जीपी पुष्कर और पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा समेत कई वीआईपी के आवास हैं। विभव नगर में ही अजंता कालोनी है ।
स्थानीय हैं बदमाश, 25 साल है उम्र
बदमाशों की भाषा स्थानीय रही। उम्र लगभग 25 साल है। उन्होंने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। योगराज के परिवार के सदस्यों का नाम एक सांस में लिया। जैसे इसका अभ्यास करके आए हों।
मेरी मां को कैंसर है, इसलिए लूट रहा हूं
एक बदमाश जाते हुए कहकर गया कि उसकी मां कैंसर की मरीज है, उसे पैसे की जरूरत है, इसलिए वह लूट कर रहा है। हालांकि बदमाशों का तरीका प्रोफेशनल अपराधियों की तरह था।
पुलिस को लुटेरों के परिचित होने का शक
आगरा। लुटेरों ने जिस तरह योगराज के परिवार के सदस्यों के नाम लिए, उससे माना जा रहा है कि वह परिचित हो सकते हैं। दूसरी संभावना यह है कि किसी परिचित से उन्होंने इसकी जानकारी ली हो। कुल मिलाकर जांच की दिशा यही है कि वारदात में किसी न किसी परिचित का हाथ जरूर है। बदमाशों के नकाब में रहने की भी यही वजह मानी जा रहा है कि उन्हें पहचान लिए जाने का डर रहा होगा। एक और सवाल पुलिस के मन में खटक रहा है कि बदमाशों को कैसे पता चला कि योगराज के घर पर इतना कैश है। योगराज ने पुलिस को बताया कि 27 लाख यूनिवर्सिटी में जमा कराने थे। यह छात्रों की फीस की रकम थी। वह सोमवार को 11 लाख और मंगलवार को 16 लाख बैंक से निकालकर लाए थे। घर में और भी पैसा रखा था। बदमाशों ने चार दराज खोल लिए लेकिन पांचवें को नहीं खोल पाए। बताया तो यह भी जा रहा है कि एक दराज में लाइसेंसी पिस्टल और रिवाल्वर भी थे। बदमाश इसे नहीं खोल पाए। इनके अलावा एक दराज के न खुल पाने पर बदमाशों ने इसे तोड़ने की कोशिश की।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
योगराज की कोठी से तीसरे मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस इनकी रिकार्डिंग खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि बदमाश इसमें नजर आ रहे हैं लेकिन उनके चेहरों पर नकाब हैं।