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खनन माफिया ने की रेंजर पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश
खनन माफिया ने की रेंजर पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:48 AM IST
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खनन माफिया ने की रेंजर पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद में बालू खनन रोकने को लेकर सिपाही रवि रावत की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या के बाद रविवार की सुबह बाह के विक्रमपुर से बालू भरकर ले जा रही ट्रैक्टर ट्राली को रोकने पर खनन माफिया ने रेंजर पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान लेने की कोशिश की। घटना के दौरान रेंजर केएन सुधीर समेत अन्य वनकर्मी भी बाल-बाल बच गये। वन विभाग की टीम ने लगभग तीन घंटे की घेराबंदी के बाद ट्रैक्टर ट्राली और उसके चालक को पकड़ लिया। पकड़ा गया चालक बाह थाने में तैनात होमगार्ड भदई लाल का पुत्र गिर्राज है।
रविवार की सुबह विक्रमपुर घाट से बालू भर कर ला रहे ट्रैक्टर ट्राली की सूचना पर रेंजर केएन सुधीर वन विभाग की टीम के साथ रास्ते में खडे़ हो गये। रोकने पर चालक ने ट्रैक्टर ट्राली को टीम पर चढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान रेंजर समेत वनकर्मी बाल-बाल बच गये। बाद में टीम ने चंबल सेंक्च्युुरी, बाह, जैतपुर रेंज की टीम के साथ ट्रैक्टर ट्राली की घेराबंदी की। टीम को रोकने के लिए एक बाइक पर सवार तीन लोग पहुंच गये। यह देख वन विभाग की टीम ने पुलिस से मदद मांगी। डायल-100 की टीम और कोबरा पुलिस ने पहुंचकर घेराबंदी कराई। लगभग तीन घंटे बाद ट्रैक्टर एक मेड़ से टकरा गया। इसी दौरान टीम ने चालक और ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ लिया। चालक ने अपना नाम गिर्राज निवासी विक्रमपुर बताया है। उसका पिता भदई लाल बाह थाने में होमगार्ड है। उसके कब्जे से मोबाइल भी बरामद हुआ है। रेंजर केएन सुधीर ने बताया कि विभागीय केस दर्ज कर लिया गया है। टीम में चंबल सेंक्च्युरी के रेंजर आरके चतुर्वेदी, बृजेश परमार, सिकन्दर सिंह, कलियान सिंह, राजेश परिहार, नन्दराम, योगेश कुमार आदि शामिल रहे।
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भागने के दौरान चालक के फोन पर दो बार आई कॉल
बाह। ट्रैक्टर ट्राली की घेराबंदी करने के लिए वन विभाग की टीम ने पुलिस से मदद मांगी। इसके बाद ट्रैक्टर ट्राली लेकर भाग रहे चालक के मोबाइल पर दो बार फोन कॉल आई और इसके बाद बाइक पर सवार खनन माफिया के तीन गुर्गे पहुंच गए। सड़क पर ईंटें बिखेर कर रास्ता रोका। ट्राली का डाला खोलकर सड़क पर बालू फैला दी। डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंची तब तक वन विभाग की टीम की गाड़ी को बाह बाईपास पर ट्रैक्टर ट्राली से कट मार दी। इससे गाड़ी पलटने से बाल-बाल बची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर ट्राली और चालक को पकड़ लिया। चालक से मिले फोन में लालेन्द्र पुलिस नाम से कॉल रिसीव मिली। नंबर की असलियत जानने के लिए रेंजर केएन सुधीर ने सीओ सतीश शर्मा से बात की। बाद में मोबाइल को जांच के लिए भेज दिया गया।
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ड्राइवर पर मेहरबान वन विभाग, मुचलके पर छोड़ा
बाह। वन विभाग के रेंजर समेत कर्मचारियों की ट्रैक्टर ट्राली चढ़ाकर जान लेने की कोशिश करने वाले चालक को मुचलके पर छोड़ दिया गया। इसे लेकर चर्चाओं का माहौल भी गर्म रहा।
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तहसीलदार पर हमले में भी होमगार्ड का ट्रैक्टर था
बाह। 10 माह पहले खनन माफिया ने तत्कालीन नायब तहसीलदार गजेन्द्र पाल सिंह पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी। तब पकड़ा गया ट्रैक्टर विक्रमपुर गांव के होमगार्ड लायक सिंह का था। दो साल पहले तत्कालीन एसडीएम उमाशंकर पर भी खनन माफिया ने ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी। इतने हमलों के बाद भी अवैध खनन का खेल नहीं रुक रहा।
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अवैध खनन में पकडे़ तीन और ट्रैक्टर
बाह। उगनपुरा वन ब्लाक में शनिवार की रात वन विभाग की टीम ने रेंजर केएन सुधीर के नेतृत्व में छापा मारा था। वन विभाग की टीम को देख तीन ट्रैक्टर ट्रालियां मिट्टी छोड़कर खननकर्ता भाग गये थे। खनन के लिए वन विभाग की जमीन के रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था। वन विभाग की इस कार्यवाही से प्रशासन की सुस्ती उजागर हुई है।
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पत्थर खनन की सूचना पर पहाड़ पर पहुंचे अधिकारी
तांतपुर। तांतपुर के पहाड़ों पर लाल पत्थर के खनन की शिकायत पर एसडीएम खेरागढ़ विनीता सिंह ने रविवार की दोपहर नायब तहसीलदार अभयराज, रामनरेश त्यागी, लेखपाल भवानी सिंह, इंस्पेक्टर रामपाल सिंह को पहाड़ पर भेजा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को जांच के दौरान खनन बंद मिला। बता दें कि 24 मार्च को एसडीएम ने औचक निरीक्षण के दौरान पहाड़ पर हो रहे अवैध खनन को पूर्ण रूप से बंद करा दिया था।
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रविवार की सुबह विक्रमपुर घाट से बालू भर कर ला रहे ट्रैक्टर ट्राली की सूचना पर रेंजर केएन सुधीर वन विभाग की टीम के साथ रास्ते में खडे़ हो गये। रोकने पर चालक ने ट्रैक्टर ट्राली को टीम पर चढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान रेंजर समेत वनकर्मी बाल-बाल बच गये। बाद में टीम ने चंबल सेंक्च्युुरी, बाह, जैतपुर रेंज की टीम के साथ ट्रैक्टर ट्राली की घेराबंदी की। टीम को रोकने के लिए एक बाइक पर सवार तीन लोग पहुंच गये। यह देख वन विभाग की टीम ने पुलिस से मदद मांगी। डायल-100 की टीम और कोबरा पुलिस ने पहुंचकर घेराबंदी कराई। लगभग तीन घंटे बाद ट्रैक्टर एक मेड़ से टकरा गया। इसी दौरान टीम ने चालक और ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ लिया। चालक ने अपना नाम गिर्राज निवासी विक्रमपुर बताया है। उसका पिता भदई लाल बाह थाने में होमगार्ड है। उसके कब्जे से मोबाइल भी बरामद हुआ है। रेंजर केएन सुधीर ने बताया कि विभागीय केस दर्ज कर लिया गया है। टीम में चंबल सेंक्च्युरी के रेंजर आरके चतुर्वेदी, बृजेश परमार, सिकन्दर सिंह, कलियान सिंह, राजेश परिहार, नन्दराम, योगेश कुमार आदि शामिल रहे।
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भागने के दौरान चालक के फोन पर दो बार आई कॉल
बाह। ट्रैक्टर ट्राली की घेराबंदी करने के लिए वन विभाग की टीम ने पुलिस से मदद मांगी। इसके बाद ट्रैक्टर ट्राली लेकर भाग रहे चालक के मोबाइल पर दो बार फोन कॉल आई और इसके बाद बाइक पर सवार खनन माफिया के तीन गुर्गे पहुंच गए। सड़क पर ईंटें बिखेर कर रास्ता रोका। ट्राली का डाला खोलकर सड़क पर बालू फैला दी। डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंची तब तक वन विभाग की टीम की गाड़ी को बाह बाईपास पर ट्रैक्टर ट्राली से कट मार दी। इससे गाड़ी पलटने से बाल-बाल बची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर ट्राली और चालक को पकड़ लिया। चालक से मिले फोन में लालेन्द्र पुलिस नाम से कॉल रिसीव मिली। नंबर की असलियत जानने के लिए रेंजर केएन सुधीर ने सीओ सतीश शर्मा से बात की। बाद में मोबाइल को जांच के लिए भेज दिया गया।
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ड्राइवर पर मेहरबान वन विभाग, मुचलके पर छोड़ा
बाह। वन विभाग के रेंजर समेत कर्मचारियों की ट्रैक्टर ट्राली चढ़ाकर जान लेने की कोशिश करने वाले चालक को मुचलके पर छोड़ दिया गया। इसे लेकर चर्चाओं का माहौल भी गर्म रहा।
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तहसीलदार पर हमले में भी होमगार्ड का ट्रैक्टर था
बाह। 10 माह पहले खनन माफिया ने तत्कालीन नायब तहसीलदार गजेन्द्र पाल सिंह पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी। तब पकड़ा गया ट्रैक्टर विक्रमपुर गांव के होमगार्ड लायक सिंह का था। दो साल पहले तत्कालीन एसडीएम उमाशंकर पर भी खनन माफिया ने ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी। इतने हमलों के बाद भी अवैध खनन का खेल नहीं रुक रहा।
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अवैध खनन में पकडे़ तीन और ट्रैक्टर
बाह। उगनपुरा वन ब्लाक में शनिवार की रात वन विभाग की टीम ने रेंजर केएन सुधीर के नेतृत्व में छापा मारा था। वन विभाग की टीम को देख तीन ट्रैक्टर ट्रालियां मिट्टी छोड़कर खननकर्ता भाग गये थे। खनन के लिए वन विभाग की जमीन के रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था। वन विभाग की इस कार्यवाही से प्रशासन की सुस्ती उजागर हुई है।
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पत्थर खनन की सूचना पर पहाड़ पर पहुंचे अधिकारी
तांतपुर। तांतपुर के पहाड़ों पर लाल पत्थर के खनन की शिकायत पर एसडीएम खेरागढ़ विनीता सिंह ने रविवार की दोपहर नायब तहसीलदार अभयराज, रामनरेश त्यागी, लेखपाल भवानी सिंह, इंस्पेक्टर रामपाल सिंह को पहाड़ पर भेजा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को जांच के दौरान खनन बंद मिला। बता दें कि 24 मार्च को एसडीएम ने औचक निरीक्षण के दौरान पहाड़ पर हो रहे अवैध खनन को पूर्ण रूप से बंद करा दिया था।