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मुठभेड़ में घायल हिस्ट्रीशीटर श्रीकृष्ण की मौत

Wed, 16 Mar 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अागरा
अमर उजाला ब्यूरो, अागरा Updated Wed, 16 Mar 2016 01:56 AM IST
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injured historysheetr died
crime - फोटो : file
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बने 34 हजार के इनामी बदमाश सैंया के हिस्ट्रीशीटर श्रीकृष्ण की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी थी। पुलिस ने मंगलवार को उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद पिता के सुपुर्द कर दिया। बता दें, रविवार रात श्रीकृष्ण पुत्र शिव सिंह ने गांव सिकंदरपुर के पास एक ट्रक चालक से 12 हजार रुपये की लूट की थी। पुलिस के घेराबंदी करने पर उसने फायरिंग की थी। गोली लगने से एसआई अमित कुमार घायल हो गए थे। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में श्रीकृष्ण और उसका साथी संजय भी घायल हो गया था। श्रीकृष्ण के पैर मेें गोली लगी थी। दोनों को एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया। मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई।
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2007 में अपराध की दुनिया में रखा कदम
सैंया थाना प्रभारी ने बताया कि श्रीकृष्ण वर्ष 2007 से वारदात कर रहा था। उस पर अलग-अलग थानों में 18 मुकदमे फिरौती, लूट, अपहरण, डकैती के दर्ज हैं। सैंया मेें 14, खेरागढ़, थाना महुआ (मुरैना, एमपी), पचोखरा और सादाबाद में एक-एक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2009 में मारपीट की थी। फीरोजाबाद में 2015 में मथुरा के वकील की हत्या की थी। उस पर पांच हजार का इनाम घोषित हुआ था। सादाबाद में उससे डकैती का माल बरामद किया गया था। उस पर दो हजार का इनाम रखा गया था। इसके अलावा मुरैना के महुआ थाना क्षेत्र में 2014 में अपहरण और डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था। चंबल रेंज के आईजी ने उस पर 15000 का इनाम घोषित किया था। कई माह पहले खारी नदी स्थित पेट्रोल पंप पर लूट, ग्राम सिकंदरपुर से फौजी की राइफल लूट की थी। यहां से भी उस पर 12 हजार का इनाम था। वह वारदात कर दूसरे जिले में छिप जाता था।
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परिवार ने छोड़ दिया था गांव
पचोखरा में वकील की हत्या के बाद से फरार श्रीकृष्ण की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी कराई थी। इस पर उसका परिवार गांव छोड़कर चला गया था। तब से परिवारीजन लौटकर नहीं आए थे। मगर, कुछ दिन से श्रीकृष्ण गांव में आकर रहने लगा। गांव के लोग बताते हैं कि वह चौथ वसूली करता था। उसके सामने कोई कुछ नहीं बोल पाता था। श्रीकृष्ण सात भाई थे। पिता खेतीबाड़ी करते थे।
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हरियाणा के ताऊ का भी रहा साथी
पुलिस ने बताया कि श्रीकृष्ण हरियाणा के बदमाश ताऊ का भी साथी रहा है। उसने उसके साथ मिलकर कई वारदात को अंजाम भी दिया। 2015 में ताऊ की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद श्रीकृष्ण फिर से गांव की ओर लौटा। गांव में वापस आते ही उसने ताबड़तोड़ वारदात कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली।


‘उधारी की रकम लेने गया था मेरा बेटा’
मुठभेड़ में घायल फीरोजाबाद के वैभव नगर निवासी संजय पुत्र वीरेंद्र एक ठेकेदार की गाड़ी चलाता है। सोमवार रात एक बजे संजय के घर पर पहुंचकर पुलिस ने घटना की जानकारी दी। मंगलवार को एसएन इमरजेंसी पहुंची संजय की मां भूरी देवी ने बताया कि श्रीकृष्ण उनके पड़ोस मेें रहता था। उसने संजय से पांच हजार रुपये उधार लिए थे। कुछ दिन पहले भूरी देवी ने अपनी बेटी की शादी की थी। वह पिछले दिनों घर आई थी। रविवार को वह ससुराल जा रही थी। बहन को रुपये देने के लिए संजय ने श्रीकृष्ण से उधार की रकम वापस करने को बोला था। इस पर वह उसे अपने साथ ले गया। इस घटना में उन्होंने अपने बेटे को बेकसूर बताया। इस मामले में वह पुलिस अधिकारियों से मिलने की बात कह रहे हैं।
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