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इलाज न करा पाई तो गोद दे दिया जिगर का टुकड़ा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 26 Dec 2015 01:54 AM IST
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मुफलिसी की मारी मां ने दिल पर पत्थर रखकर अपने जिगर का टुकड़ा सिर्फ इसलिए गोद दे दिया, क्योंकि वह उसका इलाज नहीं करा पा रही थी। उसके लिए उसने पायजेब तक बेच डाली, फिर भी पैसे कम पड़े तो अपने दो माह के अरमान से भगवती की सूनी गोद भर दी। लेकिन पड़ोसियों ने एक लाख रुपये में बच्चा बेचने का इल्जाम लगाकर उसे सिकंदरा थाने पहुंचा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आवास विकास के सेक्टर-16 में खाली पड़े सरकारी आवासों में शरण लेकर रह रही शबनम का पति शाहरुख कूड़ा बीनने का काम करता है। एक तो आमदनी कम, ऊपर से उसे दारू की लत। रोटियों तक के लाले हैं। उसकी हालत देखकर लखनपुर के आटो चालक हरेंद्र सिंह ने दो साल पहले रुदावल (भरतपुर) में रहने वाली अपनी बहन भगवती और बहनोई गंगादास के लिए बच्चा पैदा करने को कहा। शबनम पहले लखनपुर ही रहती थी। भगवती की गोद सूनी थी। वंश चलाने के लिए ढाई बीघा जमीन के मालिक गंगादास बच्चा गोद लेना चाहते थे। शबनम ने जन्म दिया बेटी को। नाम रखा, शिफा। तब उसने कहा, बेटी नहीं दूंगी, बेटा होता, तो दे देती। तब गंगादास ने भी जोर नहीं डाला।
दो महीने पहले उसे बेटा हुआ, नाम रखा अरमान। भगवती ने बच्चा गोद मांगा। शबनम इस बार भी राजी नहीं थी लेकिन बेटा बीमार पड़ गया। पायजेब बेचकर दवाओं का इंतजाम किया लेकिन बेटा स्वस्थ न हुआ। दिल पर पत्थर रख उसने अपने घर के चिराग से भगवती का घर रोशन कर दिया। उधर, शुक्रवार सुबह पड़ोसियों ने सिकंदरा थाना पर बच्चा बेचे जाने की जानकारी दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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डर की वजह से दी पुलिस को सूचना
शाहरुख के पड़ोसियों का कहना था कि उन्हें डर था कि कालोनी के अन्य बच्चों को भी कहीं इस तरह से कोई बेच न दे। इसलिए पुलिस को सूचना दी।
पड़ोसी कह रहे थे तूने बच्चा बेचा है, दावत दे, वरना पुलिस को बता देंगे। मैंने कहा, बच्चा बेचा नहीं है, मजबूरी में गोद दिया है, तुम पुलिस बुला लो, मुझे काहे का डर - शबनम।
हमने बच्चा खरीदा नहीं है, गोद लिया है, लिखापढ़ी हो चुकी है। गोदनामा शनिवार को कोर्ट में दाखिल कर दिया जाएगा, हम बेटी लेने के लिए भी तैयार थे, लेकिन शबनम ने दी नहीं थी - भगवती।
मेरी बहन की गोद सूनी थी, इसलिए दो साल पहले शबनम से कहा था कि बेटा हो या बेटी, गोद दे देना, वह राजी हो गई, तब लिखा-पढ़ी में बच्चा गोद लिया है- हरेंद्र।
बच्चे को बेचे जाने की शिकायत मिली थी। जांच में यह झूठी पाई गई। बच्चे को गंगादास ने गोद लिया था लेकिन कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इस कारण बच्चे को फिर उसकी मां को दिला दिया गया है - हरीमोहन सिंह ( इंस्पेक्टर सिकंदरा)
शंकर से बना शाहरुख
कूड़ा बीनने वाला शाहरुख पहले शंकर था। शबनम के पिता आकिल ने बताया कि उसने छह साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। इसके बाद नाम रखा शाहरुख। चार साल पहले उसकी शबनम से शादी हुई।
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आवास विकास के सेक्टर-16 में खाली पड़े सरकारी आवासों में शरण लेकर रह रही शबनम का पति शाहरुख कूड़ा बीनने का काम करता है। एक तो आमदनी कम, ऊपर से उसे दारू की लत। रोटियों तक के लाले हैं। उसकी हालत देखकर लखनपुर के आटो चालक हरेंद्र सिंह ने दो साल पहले रुदावल (भरतपुर) में रहने वाली अपनी बहन भगवती और बहनोई गंगादास के लिए बच्चा पैदा करने को कहा। शबनम पहले लखनपुर ही रहती थी। भगवती की गोद सूनी थी। वंश चलाने के लिए ढाई बीघा जमीन के मालिक गंगादास बच्चा गोद लेना चाहते थे। शबनम ने जन्म दिया बेटी को। नाम रखा, शिफा। तब उसने कहा, बेटी नहीं दूंगी, बेटा होता, तो दे देती। तब गंगादास ने भी जोर नहीं डाला।
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दो महीने पहले उसे बेटा हुआ, नाम रखा अरमान। भगवती ने बच्चा गोद मांगा। शबनम इस बार भी राजी नहीं थी लेकिन बेटा बीमार पड़ गया। पायजेब बेचकर दवाओं का इंतजाम किया लेकिन बेटा स्वस्थ न हुआ। दिल पर पत्थर रख उसने अपने घर के चिराग से भगवती का घर रोशन कर दिया। उधर, शुक्रवार सुबह पड़ोसियों ने सिकंदरा थाना पर बच्चा बेचे जाने की जानकारी दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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डर की वजह से दी पुलिस को सूचना
शाहरुख के पड़ोसियों का कहना था कि उन्हें डर था कि कालोनी के अन्य बच्चों को भी कहीं इस तरह से कोई बेच न दे। इसलिए पुलिस को सूचना दी।
पड़ोसी कह रहे थे तूने बच्चा बेचा है, दावत दे, वरना पुलिस को बता देंगे। मैंने कहा, बच्चा बेचा नहीं है, मजबूरी में गोद दिया है, तुम पुलिस बुला लो, मुझे काहे का डर - शबनम।
हमने बच्चा खरीदा नहीं है, गोद लिया है, लिखापढ़ी हो चुकी है। गोदनामा शनिवार को कोर्ट में दाखिल कर दिया जाएगा, हम बेटी लेने के लिए भी तैयार थे, लेकिन शबनम ने दी नहीं थी - भगवती।
मेरी बहन की गोद सूनी थी, इसलिए दो साल पहले शबनम से कहा था कि बेटा हो या बेटी, गोद दे देना, वह राजी हो गई, तब लिखा-पढ़ी में बच्चा गोद लिया है- हरेंद्र।
बच्चे को बेचे जाने की शिकायत मिली थी। जांच में यह झूठी पाई गई। बच्चे को गंगादास ने गोद लिया था लेकिन कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इस कारण बच्चे को फिर उसकी मां को दिला दिया गया है - हरीमोहन सिंह ( इंस्पेक्टर सिकंदरा)
शंकर से बना शाहरुख
कूड़ा बीनने वाला शाहरुख पहले शंकर था। शबनम के पिता आकिल ने बताया कि उसने छह साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। इसके बाद नाम रखा शाहरुख। चार साल पहले उसकी शबनम से शादी हुई।