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मथुरा मुठभेड़ः गोलियों की तड़तड़ाहट संग हुई चौबियापाड़े की सुबह
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 20 May 2017 07:27 PM IST
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सराफा कारोबारियों की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार की शाम को करीब पांच बजे मैसेज जारी हुआ। पुलिस अधिकारियों के साथ वह पुलिस वाले पुलिस लाइन में कॉल किए गए जो लूटकांड के खुलासे में लगाए गए थे। शाम को सात बजते ही पुलिस वालों की टीमें चौबियापाड़े की तरफ आती-जाती दिखीं। लोगों को लगा कि कोई रुटीन चेकिंग होगी। लेकिन नौ बजने के साथ ही अधिकारियों की दौड़ भी शुरू हो गई तो लोग आशंकित हो गए।
पुलिस की टीमें चौबियापाड़े में घुसकर रात को एक बजे तक रिहर्सल करती रहीं। पुलिस ने उस मकान को भी देख लिया था जहां रंगा अपने गैंग के साथ छिपा हुआ था। कैसे मकान में घुसेंगे और किस मोर्चे पर कौन रहेगा सब तय हो गया था। रिहर्सल करने के बाद पुलिस टीम लौट आई।
तड़के करीब चार बजे पुलिस ने उस मकान को घेर लिया जिसमें रंगा अपने साथियों के साथ ठहरा हुआ था। उस वक्त पूरे इलाके में खामोशी थी।
पुलिस ने उसे ललकारा तो फायरिंग होने लगी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। भोर में गोलियों की तड़तड़ाहट से चौबियापाड़ा दहशत में घिर गया। दरवाजा खोलकर बाहर लोगों ने जब देखा कि पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो रही है तो सभी ने मकानों का दरवाजा बंद कर लिया। मार्निंग वॉक को जाने वाले लोग भी घरों में दुबक गए थे। आपरेशन के खत्म होने का इंतजार होता रहा।
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सुबह करीब सात बजे के करीब मुठभेड़ खत्म हुई। मुहल्ले वालों को पता चला कि रंगा और उसके भाइयों के साथ सभी बदमाश गिरफ्तार किए जा चुके हैं। लोगों ने बताया कि मुहल्ले का सबसे बड़ा कलंक हैं ये लोग। आए दिन लोगों के साथ मारपीट करते। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता। लोग डर के मारे शिकायत तक नहीं कर पाते थे।
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पुलिस की टीमें चौबियापाड़े में घुसकर रात को एक बजे तक रिहर्सल करती रहीं। पुलिस ने उस मकान को भी देख लिया था जहां रंगा अपने गैंग के साथ छिपा हुआ था। कैसे मकान में घुसेंगे और किस मोर्चे पर कौन रहेगा सब तय हो गया था। रिहर्सल करने के बाद पुलिस टीम लौट आई।
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तड़के करीब चार बजे पुलिस ने उस मकान को घेर लिया जिसमें रंगा अपने साथियों के साथ ठहरा हुआ था। उस वक्त पूरे इलाके में खामोशी थी।
पुलिस ने उसे ललकारा तो फायरिंग होने लगी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। भोर में गोलियों की तड़तड़ाहट से चौबियापाड़ा दहशत में घिर गया। दरवाजा खोलकर बाहर लोगों ने जब देखा कि पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो रही है तो सभी ने मकानों का दरवाजा बंद कर लिया। मार्निंग वॉक को जाने वाले लोग भी घरों में दुबक गए थे। आपरेशन के खत्म होने का इंतजार होता रहा।
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सुबह करीब सात बजे के करीब मुठभेड़ खत्म हुई। मुहल्ले वालों को पता चला कि रंगा और उसके भाइयों के साथ सभी बदमाश गिरफ्तार किए जा चुके हैं। लोगों ने बताया कि मुहल्ले का सबसे बड़ा कलंक हैं ये लोग। आए दिन लोगों के साथ मारपीट करते। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता। लोग डर के मारे शिकायत तक नहीं कर पाते थे।