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एत्मादपुर में सराफ के इकलौते बेटे की हत्या
एत्मादपुर में सराफ के इकलौते बेटे की हत्या
Updated Sat, 15 Apr 2017 01:12 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एत्मादपुर में तहसीला चौराहा के पास स्थित गणेश नगर निवासी सराफा कारोबारी श्रीभगवान वर्मा के इकलौते बेटे आशू ( तीन ) की शुक्रवार को हत्या कर दी गई। उसका शव रात दस बजे घर के पास ही खाली पड़े प्लॉट में बोरी में बंद मिला। सिर पर चोट के निशान थे। वह दोपहर दो बजे लापता हुआ था। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
श्रीभगवान वर्मा के तीन बच्चों में आशू सबसे छोटा था। उसकी दो बहने हैं। वह एत्मादपुर के ही केएस पब्लिकस्कूल में केजी में पढ़ता था। शुक्रवार दोपहर को घर के बाहर से ही लापता हो गया था। शाम तक तलाश चलती रही। नहीं मिला तो छह बजे एत्मादपुर थाना पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
रात को कस्बा की बिजली गुल हो गई थी। इसके चलते उसे ढूंढने में परेशानी हो रही थी। रात दस बजे जैसे ही बिजली आई, वैसे ही आशू के चाचा रंजीत की नजर घर के पास ही खाली पड़े प्लॉट में एक बोरी पर पड़ी। उसने पास जाकर देखा तो बोरी से बच्चे के पैर बाहर निकल रहे थे। कई और लोग साथ थे। बोरी खोलकर देखी गई तो उसमें से आशू निकला। उसके सिर पर चोट के निशान थे। खून निकल रहा था। उसे जीवित मानकर माता-पिता उपचार के लिए आगरा ले गए। पहुंचे। वहां डाक्टर ने मृत बताया। यह सुनते ही आशू की मां अर्चना का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
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वारदात में हो सकता है करीबी का हाथ
एत्मादपुर। श्रीभगवान वर्मा और उनके परिवार ने आशू की हत्या में किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। उधर पुलिस का मानना है कि यह मामला फिरौती के लिए अपहरण का नहीं लग रहा। वारदात का मकसद फिरौती होता तो बच्चे की हत्या न की जाती। हो सकता है बच्चे ने अपहरणकर्ता को पहचान लिया हो। इसलिए उसकी हत्या कर दी गई हो। हालांकि सही जानकारी हत्यारे के पकड़े जाने पर ही सामने आएगी।
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श्रीभगवान वर्मा के तीन बच्चों में आशू सबसे छोटा था। उसकी दो बहने हैं। वह एत्मादपुर के ही केएस पब्लिकस्कूल में केजी में पढ़ता था। शुक्रवार दोपहर को घर के बाहर से ही लापता हो गया था। शाम तक तलाश चलती रही। नहीं मिला तो छह बजे एत्मादपुर थाना पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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रात को कस्बा की बिजली गुल हो गई थी। इसके चलते उसे ढूंढने में परेशानी हो रही थी। रात दस बजे जैसे ही बिजली आई, वैसे ही आशू के चाचा रंजीत की नजर घर के पास ही खाली पड़े प्लॉट में एक बोरी पर पड़ी। उसने पास जाकर देखा तो बोरी से बच्चे के पैर बाहर निकल रहे थे। कई और लोग साथ थे। बोरी खोलकर देखी गई तो उसमें से आशू निकला। उसके सिर पर चोट के निशान थे। खून निकल रहा था। उसे जीवित मानकर माता-पिता उपचार के लिए आगरा ले गए। पहुंचे। वहां डाक्टर ने मृत बताया। यह सुनते ही आशू की मां अर्चना का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
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वारदात में हो सकता है करीबी का हाथ
एत्मादपुर। श्रीभगवान वर्मा और उनके परिवार ने आशू की हत्या में किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। उधर पुलिस का मानना है कि यह मामला फिरौती के लिए अपहरण का नहीं लग रहा। वारदात का मकसद फिरौती होता तो बच्चे की हत्या न की जाती। हो सकता है बच्चे ने अपहरणकर्ता को पहचान लिया हो। इसलिए उसकी हत्या कर दी गई हो। हालांकि सही जानकारी हत्यारे के पकड़े जाने पर ही सामने आएगी।