मारपीट का मामला: गैंगस्टर मनोज गोयल पर पांच धाराओं में मुकदमा, कोर्ट से मिली जमानत
- होटल में एंपोयिरम संचालक से मारपीट का मामला, आरोपी मनोज गोयल और होटल मैनेजर को पुलिस ने रात भर हवालात में रखा
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आगरा के होटल ताज वे इन में एंपोरियम संचालक पवन जैन से मारपीट के मामले में गिरफ्तार गैंगस्टर मनोज गोयल और उनके मैनेजर सुनील को पुलिस ने रात भर थाने की हवालात में रखा। गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस ने मारपीट, तोड़फोड़, गहरी चोट पहुंचाने सहित चार धाराओं में कार्रवाई की थी।
छत्ता के फ्रीगंज निवासी पवन जैन ने कमला नगर निवासी अपने रिश्तेदार राजेश जैन की बेटी की सगाई समारोह के लिए जीवनी मंडी स्थित होटल ताज वे इन किया था। पवन जैन और राजेश जैन बुधवार रात को होटल में व्यवस्था देखने गए थे। वहां सफाई ठीक नहीं थी।
उन्होंने मैनेजर सुनील से शिकायत की। आरोप है कि मैनेजर अभद्रता करने लगा। पवन जैन के विरोध पर थप्पड़ मार दिया। बाद में मनोज गोयल अपने एक साथी के साथ कमरे से बाहर आ गए। उन दोनों ने भी मारपीट की। पवन जैन और राजेश जैन को जमीन पर गिराकर पीटा। वह बाहर भाग गए।
कार में बैठने पर भी हमलावर आ गए। कार में तोड़फोड़ करने लगे। कार के शीशे तोड़ दिए। बाद में खुद ही होटल में तोड़फोड़ करके मुकदमा दर्ज कराने की कहने लगे। पीड़ित ने रात को थाने में शिकायत की। पुलिस ने मनोज गोयल, उनके मैनेजर सुनील और एक अन्य को पकड़ा।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई के आदेश किए। इस पर धारा पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें मनोज गोयल और मैनेजर सुनील को नामजद किया गया। एक अन्य को पुलिस ने छोड़ दिया। मनोज और सुनील को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी।
आईजी ने पुराने मुकदमों में जमानत निरस्त कराने के दिए निर्देश
उधर, मारपीट का मामला संज्ञान में आने के बाद आईजी रेंज ए. सतीश गणेश ने मनोज गोयल के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी आगरा और एसएसपी मथुरा को एक पत्र लिखा है। कहा है कि इस मुकदमे को आधार बनाते हुए मनोज गोयल की पूर्व के मुकदमों में जमानत को निरस्त कराया जाए।
पुलिस ने छोड़ दिया सटोरिया
सूत्रों ने बताया कि मनोज गोयल और उसके मैनेजर के साथ एक और व्यक्ति पकड़ा गया था। उसे नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने भी उसे छोड़ दिया। अब चर्चा है कि वह विजय नगर निवासी सटोरिया था। सटोरिये श्याम वोहरा की गिरफ्तारी के समय उसका नाम मुकदमे में लिखाया गया था। यह बात वादी पक्ष ने भी कही कि वह सटोरिया था।