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अपराध पीड़ितों को वापस मिल सकते हैं गनर
अपराध पीड़ितों को वापस मिल सकते हैं गनर
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:30 AM IST
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चुनाव आयोग की सख्ती के चलते नेताओं के साथ अपराध पीड़ितों से भी गनर वापस ले लिए गए हैं, लेकिन अपराधियों के निशाने पर चल रहे लोगों को ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें जल्द ही सुरक्षा वापस मिल सकती है। इसके लिए उन्हें डीएम या एसएसपी को सिर्फ प्रार्थना पत्र देना होगा। इन अधिकारियों की कमेटी मामले की समीक्षा कर निर्णय लेगी। अगर किसी की जान वास्तव में खतरे में है तो उसे गनर मुहैया कराया जाएगा। अधिकारियों ने इस पर विचार शुरू कर दिया है।
बता दें आचार संहिता लागू होने के बाद आगरा जनपद में नेता और अन्य लोगों से 37 गनर वापस लिए जा चुके हैं। मथुरा, मैनपुरी, एटा, कासगंज, फीरोजाबाद में कुल मिलाकर 150 गनर वापस लिए गए हैं। इनमें 80 फीसदी गनर नेताओं के पास थे। सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्षों के पास एक -एक गनर छोड़ा गया है। संगठन के नेताओं और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्रियों से सभी गनर वापस ले लिए हैं।
20 फीसदी में ऐसे लोग हैं, जिन्हें अपराधी से जान खतरे में होने के चलते गनर मिला था। इनमें फीरोजाबाद की एक महिला प्रधानाचार्य भी शामिल है। वह हिस्ट्रीशीटर भूरा के निशाने पर है। उसके परिवार में तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। भूरा पुलिस कस्टडी से भाग गया था। उसे भी गनर वापस करने के लिए नोटिस मिला है। इस पर उसने डीआईजी महेश मिश्रा को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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डीआईजी का कहना है कि अपराध पीड़ितों को सुरक्षा जारी रहेगी। ऐसे तमाम मामले डीएम और एसएसपी की कमेटी के सामने रखे जाएंगे। समीक्षा के बाद ऐसे तमाम लोगों को गनर वापस कर दिए जाएंगे जो किसी अपराधी के निशाने पर हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष से भी छिना गनर
आगरा। जिन नेताओं से गनर वापस लिए गए हैं, उनमें सबसे ज्यादा सपा के हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव भी शामिल हैं। इसी तरह पूर्व कबीना मंत्री एवं बाह विधायक अरिदमन सिंह के पास एक गनर छोड़कर अन्य वापस लिए गए हैं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय से गनर वापस लिए गए हैं। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों में डाक्टर रोली तिवारी, अभिनव शर्मा, नितिन गुप्ता, विपुल पुरोहित का नाम शामिल है। सपा संगठन के नेताओं में जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, महानगर अध्यक्ष रहीसुद्दीन, युवजन सभा के नितिन कोहली का नाम है। जिला पंचायत सदस्यों में राजपाल यादव, हरेंद्र शामिल हैं। अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह से भी गनर वापस ले लिया है।
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बता दें आचार संहिता लागू होने के बाद आगरा जनपद में नेता और अन्य लोगों से 37 गनर वापस लिए जा चुके हैं। मथुरा, मैनपुरी, एटा, कासगंज, फीरोजाबाद में कुल मिलाकर 150 गनर वापस लिए गए हैं। इनमें 80 फीसदी गनर नेताओं के पास थे। सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्षों के पास एक -एक गनर छोड़ा गया है। संगठन के नेताओं और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्रियों से सभी गनर वापस ले लिए हैं।
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20 फीसदी में ऐसे लोग हैं, जिन्हें अपराधी से जान खतरे में होने के चलते गनर मिला था। इनमें फीरोजाबाद की एक महिला प्रधानाचार्य भी शामिल है। वह हिस्ट्रीशीटर भूरा के निशाने पर है। उसके परिवार में तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। भूरा पुलिस कस्टडी से भाग गया था। उसे भी गनर वापस करने के लिए नोटिस मिला है। इस पर उसने डीआईजी महेश मिश्रा को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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डीआईजी का कहना है कि अपराध पीड़ितों को सुरक्षा जारी रहेगी। ऐसे तमाम मामले डीएम और एसएसपी की कमेटी के सामने रखे जाएंगे। समीक्षा के बाद ऐसे तमाम लोगों को गनर वापस कर दिए जाएंगे जो किसी अपराधी के निशाने पर हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष से भी छिना गनर
आगरा। जिन नेताओं से गनर वापस लिए गए हैं, उनमें सबसे ज्यादा सपा के हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव भी शामिल हैं। इसी तरह पूर्व कबीना मंत्री एवं बाह विधायक अरिदमन सिंह के पास एक गनर छोड़कर अन्य वापस लिए गए हैं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय से गनर वापस लिए गए हैं। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों में डाक्टर रोली तिवारी, अभिनव शर्मा, नितिन गुप्ता, विपुल पुरोहित का नाम शामिल है। सपा संगठन के नेताओं में जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, महानगर अध्यक्ष रहीसुद्दीन, युवजन सभा के नितिन कोहली का नाम है। जिला पंचायत सदस्यों में राजपाल यादव, हरेंद्र शामिल हैं। अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह से भी गनर वापस ले लिया है।