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लूट के विरोध पर फल व्यापारी को गोली मारी
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 12 Jan 2016 01:39 AM IST
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सिकंदरा मंडी के फल व्यापारी तनवीर (25) से सोमवार दोपहर 12:30 बजे मदिया कटरा-कैलाशपुरी रोड पर सरको कॉल सेंटर के सामने बाइक सवार तीन बदमाशों ने लूट का प्रयास किया। उन्होंने विरोध किया, जिस पर उनके पैर में गोली मारकर बदमाश भाग निकले। बाद में पहुंची पुलिस ने काफी देर तक उनकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
आवास विकास सेक्टर 11 निवासी तनवीर मूल रूप से जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं। यहां 20 सालों से रह रहे हैं। वे दोपहर अपने व्यापारी साथी बिलाल के साथ स्कूटी से हींग की मण्डी स्थित जे एंड के बैंक की शाखा जा रहे थे। उन्हें 50 हजार कैश जमा कराना था। यह उन्होंने स्कूटी की डिग्गी में रखा था। गुरुद्वारा गुरु का ताल आरओबी पर उन्होंने देखा कि बाइक सवार तीन युवक उनका पीछा कर रहे हैं।
मदिया कटरा-कैलाशपुरी रोड पर पहुंचने पर सरको के सामने युवक उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे। तब उन्हें पता चला कि वे बदमाश हैं। यह जानकर उन्होंने स्कूटी तेज दौडा़ई और शोर मचाने लगे। यह देख कुछ लोग भी उनकी ओर दौड़े। तभी बदमाशों में से एक ने तमंचे से उनके पैर में गोली मारी। इसके बाद बदमाश यू टर्न लेकर आरओबी की तरफ भाग निकले। बिलाल ने तनवीर को रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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उधर, सूचना पर पहुंची थाना हरिपर्वत पुलिस ने आस पास तलाश करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। गौरतलब है कि मदिया कटरा रोड पर पहले भी कई वारदात हो चुकी हैं।
तो स्केच से उठ गया पुलिस का भरोसा
पहले एक करोड़ की लूट में स्केच बनवाए गए। और फिर लॉयर्स कॉलोनी डकैती में। लेकिन दोनों में ही कुछ फायदा न हुआ तो पुलिस ने स्केच बनवाने की बंद कर दिए। सैंया की डकैती, बिट्टू के अपहरण और मऊ रोड की फैक्ट्री में हुई लूटपाट के मामले में स्केच नहीं बनवाए गए जबकि तीनों घटनाओं के चश्मदीद मौजूद रहे और बदमाशों का हुलिया भी पुलिस को बताया गया।
इसकी एक और वजह मानी जा रही हैं। पुलिस को स्केच आर्टिस्ट अच्छा नहीं मिल पा रहा। एक करोड़ की लूट और लायर्स कॉलोनी में बताए गए बदमाशों के हुलिए में काफी अंतर था लेकिन स्केच दोनों में एक जैसे बनाए गए। पिछले साल छह किलो सोने की लूट में भी स्केच बनवाए गए थे, लेकिन जब बदमाश पकड़े गए तो चेहरे जरा भी नहीं मिले। तब पुलिस हर बड़ी घटना में स्केच बनवा रही थी। लेकिन इस साल नीति बदली हुई लग रही है। एक स्केच बनवाने में एक से दो हजार तक का खर्च आता है। संवेदनशील घटनाओं में पुलिस स्केच के लिए दिल्ली से एक्सपर्ट बुलाती है।
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आवास विकास सेक्टर 11 निवासी तनवीर मूल रूप से जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं। यहां 20 सालों से रह रहे हैं। वे दोपहर अपने व्यापारी साथी बिलाल के साथ स्कूटी से हींग की मण्डी स्थित जे एंड के बैंक की शाखा जा रहे थे। उन्हें 50 हजार कैश जमा कराना था। यह उन्होंने स्कूटी की डिग्गी में रखा था। गुरुद्वारा गुरु का ताल आरओबी पर उन्होंने देखा कि बाइक सवार तीन युवक उनका पीछा कर रहे हैं।
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मदिया कटरा-कैलाशपुरी रोड पर पहुंचने पर सरको के सामने युवक उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे। तब उन्हें पता चला कि वे बदमाश हैं। यह जानकर उन्होंने स्कूटी तेज दौडा़ई और शोर मचाने लगे। यह देख कुछ लोग भी उनकी ओर दौड़े। तभी बदमाशों में से एक ने तमंचे से उनके पैर में गोली मारी। इसके बाद बदमाश यू टर्न लेकर आरओबी की तरफ भाग निकले। बिलाल ने तनवीर को रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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उधर, सूचना पर पहुंची थाना हरिपर्वत पुलिस ने आस पास तलाश करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। गौरतलब है कि मदिया कटरा रोड पर पहले भी कई वारदात हो चुकी हैं।
तो स्केच से उठ गया पुलिस का भरोसा
पहले एक करोड़ की लूट में स्केच बनवाए गए। और फिर लॉयर्स कॉलोनी डकैती में। लेकिन दोनों में ही कुछ फायदा न हुआ तो पुलिस ने स्केच बनवाने की बंद कर दिए। सैंया की डकैती, बिट्टू के अपहरण और मऊ रोड की फैक्ट्री में हुई लूटपाट के मामले में स्केच नहीं बनवाए गए जबकि तीनों घटनाओं के चश्मदीद मौजूद रहे और बदमाशों का हुलिया भी पुलिस को बताया गया।
इसकी एक और वजह मानी जा रही हैं। पुलिस को स्केच आर्टिस्ट अच्छा नहीं मिल पा रहा। एक करोड़ की लूट और लायर्स कॉलोनी में बताए गए बदमाशों के हुलिए में काफी अंतर था लेकिन स्केच दोनों में एक जैसे बनाए गए। पिछले साल छह किलो सोने की लूट में भी स्केच बनवाए गए थे, लेकिन जब बदमाश पकड़े गए तो चेहरे जरा भी नहीं मिले। तब पुलिस हर बड़ी घटना में स्केच बनवा रही थी। लेकिन इस साल नीति बदली हुई लग रही है। एक स्केच बनवाने में एक से दो हजार तक का खर्च आता है। संवेदनशील घटनाओं में पुलिस स्केच के लिए दिल्ली से एक्सपर्ट बुलाती है।