फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   fansi 1

मकान बन गया खंडहर, तबाह हो गया खानदान

Tue, 21 Mar 2017 12:42 AM IST
मकान बन गया खंडहर, तबाह हो गया खानदान
मकान बन गया खंडहर, तबाह हो गया खानदान Updated Tue, 21 Mar 2017 12:42 AM IST
विज्ञापन
fansi 1
मकान बन गया खंडहर, तबाह हो गया खानदान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
तुरकिया गांव के जिस मकान में पांच साल पहले सत्यभान और उसके परिवार की बर्बरता से हत्या की गई, वह खंडहर बन चुका है। लोग उधर जाने में भी डरते हैं। भूत-प्रेत के किस्से तक  जुड़ गए हैं खंडहर मकान के साथ। जिस परिवार में यह खून खराबा हुआ, वह पूरी तरह बिखर गया। एक भाई और उसके परिवार की तो हत्या की गई थी। दूसरे गंभीर सिंह को सजा ए मौत हो गई। तीसरा कान्हा हत्याकांड के बाद औने पौने दाम में जमीन बेचकर लापता हो गया।
विज्ञापन

इनकी बहन गायत्री भले ही साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गई है, लेकिन इस पूरे परिवार से गांव के लोग इतनी नफरत करते हैं कि उसके लिए गांव के दरवाजे खुलने मुश्किल हैं। जब गंभीर और सत्यभान अपनी मां की हत्या के आरोप में जेल गए थे, तभी गांव के लोगों ने इस परिवार से नाता तोड़ लिया था। पूरा परिवार गांव में अलग थलग पड़ गया था। कुल मिलाकर देखा जाए तो पूरा खानदान तबाह हो गया। यह जानना उन लोगों के लिए बेहद जरूरी है जो जरा-जरा सी बातों पर रिश्तों के कातिल बन जाते हैं। सत्यभान ने भाई से ली एक बीघा जमीन वापस नहीं की, उसका वंशनाश हो गया।
विज्ञापन

गंभीर ने एक बीघा जमीन के लिए खून से हाथ रंगे, उसे मृत्युदंड मिला। जिस मकान में यह परिवार रहता था, वह भुतहा खंडहर हो गया है। पड़ोस के देवी सिंह, राजवीर और वीर नारायण ने बताया कि उस मकान के पास भी कोई नहीं जाता है, डर लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



गंभीर ने भाभी के जेवर भी लूटे थे
आगरा। गंभीर ने हत्याकांड के बाद भाभी पुष्पा की लाश से जेवरात भी लूटे थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इन्हें बरामद किया। यही अहम साक्ष्य बने। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी सुरेश शाक्य ने की। उन्होंने 13 गवाह पेश किए।


गंभीर को मिली सजा
कत्ल की धारा 302 में सजा ए मौत और दस हजार जुर्माना।
बरामदगी की धारा 404 में दस साल कैद  और 10 हजार जुर्माना।

नरसंहार की वजह बनी जमीन पर खुलेगा शिक्षा का मंदिर 
अछनेरा(आगरा)। जिस एक बीघा जमीन के लिए छह लाशें बिछ गईं, एक भरे-पूरे परिवार का वंशनाश हो गया, उस पर अब शिक्षा का मंदिर खुलने जा रहा है। इसकी तैयारी की है पुष्पा के मायके वालों ने। इन लोगों ने यह जमीन उसी गंभीर से खरीदी, जिसने उनकी बेटी, दामाद और धेवते-धेवतियों की जान ली। वह बेटी और दामाद की याद में यह स्कूल खोलना चाहते हैं। इसका प्रस्ताव पहले ही गांव की पंचायत के सामने रख चुके हैं। इन्हें उम्मीद है कि नेक काम में पंचों की मदद जरूर मिलेगी। वे एक बार सहमति भी दे चुके  हैं।

सत्यभान की ससुराल अछनेरा के ही अरदाया गांव में है। उसकी शादी बलवीर और संता की बेटी पुष्पा से हुई थी। अदालत के फैसले की जानकारी इन लोगों को मीडिया के माध्यम से मिली। संता और बलवीर ने कहा कि यह इंसाफ की जीत है। उस दरिंदे ने ऐसा काम किया था, जिसकी सजा यही हो सकती है। ये लोग चाहते हैं कि उसे फांसी देने में देरी न की जाए ताकि  उसके जैसे हत्यारों को सबक मिल सके। बलवीर ने बताया कि उन्होंने गंभीर को पैसे देकर वही एक  बीघा जमीन खरीदी जिसके लिए उसने नरसंहार किया था। वे चाहते हैं कि उस जमीन पर सत्यभान और पुष्पा की याद में उनके नाम से ही स्कूल खोला जाए। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। तुरकिया के कई लोग राजी हैं। पंचायत के सामने भी प्रस्ताव रखा जा चुका है। जमीन पर फिलहाल खेती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed