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ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला महर्षिपुरम
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 24 Aug 2015 01:32 AM IST
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सिकंदरा का महर्षिपुरम रविवार रात 11.15 बजे ताबड़तोड़ फायरिंग से दहल उठा। ककरैठा के दो भाइयों का भावना टावर से पीछा करते आए जायलो सवार बदमाशों ने 12 राउंड फायर किए। दोनों भाइयों ने किसी तरह छुपकर अपनी जान बचाई। हमलावर पुलिस की चीता मोबाइल के पहुंचने के बाद भी बेखौफ अंदाज में गोलियां चलाते रहे। इसके बाद बगैर नंबर की बिल्कुल नई गाड़ी छोड़कर भाग निकले। पुलिस देर रात तक उनकी तलाश करती रही लेकिन एक भी हाथ नहीं आया। पुलिस का कहना है कि किडनैपिंग किंग भूरा यादव के फुफेरे भाई और शराब तस्कर ने मुखबिरी के शक में यह फायरिंग की है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
ककरैठा निवासी अनिल यादव की गांव में दूध की डेयरी है। अनिल ने बताया कि वे रात 11.15 बजे अपने चचेरे भाई बबलू पुत्र राजेंद्र के साथ भावना टावर स्थित प्लाट से बुलट से घर लौट रहे थे। रेलवे पुल से उतरते ही उनके पीछे बिना नंबर की जायलो गाड़ी लग गई। गाड़ी में आठ-दस हथियारबंद लोग बैठे थे। उन्होंने दोनों भाइयों को ललकारते हुए हाईवे पर गोली चलाई। वे जान बचाकर गांव की ओर भागने लगे। जब महर्षिपुरम के मोड़ पर पहुंचे तो हमलावरों ने गाड़ी रोककर राइफल और पिस्टलों से फायरिंग करना शुरू कर दिया। दोनों भाई बुलट छोड़कर महर्षिपुरम की ओर दौड़ पड़े।
चीखपुकार मचाने पर आसपास के लोग निकले मगर गोलियों की आवाज सुनकर सहम गए। इसी बीच अनिल का भाई विनीत भी बाइक से महर्षिपुरम के मोड़ पर पहुंच गया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। तुरंत ही पास से राउंड पर घूम रहे चीता मोबाइल के सिपाही मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देखकर जायलो सवार हमलावर ककरैठा गांव की ओर भागे। उन्होंने राजेंद्र यादव के घर के सामने फायरिंग की और दोबारा महर्षिपुरम में पहुंच गए। यहां पहुंचकर उन्होंने सिपाहियों के सामने गोली चलाई। गनीमत रही कि इस बार भी गोली किसी को नहीं लगी। भागते वक्त गाड़ी बैक नहीं हो सकी। इस पर हमलावर गाड़ी छोड़कर भाग निकले। सीओ हरीपर्वत ने बताया कि घटना के पीछे तीन दिन पहले आबकारी टीम ने कालीचरण के घर से 41 पेटी शराब पकड़ी थी। इसी को लेकर गांव के पप्पू यादव और कालीचरण समेत अन्य साथियों ने फायरिंग की है। मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
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ककरैठा निवासी अनिल यादव की गांव में दूध की डेयरी है। अनिल ने बताया कि वे रात 11.15 बजे अपने चचेरे भाई बबलू पुत्र राजेंद्र के साथ भावना टावर स्थित प्लाट से बुलट से घर लौट रहे थे। रेलवे पुल से उतरते ही उनके पीछे बिना नंबर की जायलो गाड़ी लग गई। गाड़ी में आठ-दस हथियारबंद लोग बैठे थे। उन्होंने दोनों भाइयों को ललकारते हुए हाईवे पर गोली चलाई। वे जान बचाकर गांव की ओर भागने लगे। जब महर्षिपुरम के मोड़ पर पहुंचे तो हमलावरों ने गाड़ी रोककर राइफल और पिस्टलों से फायरिंग करना शुरू कर दिया। दोनों भाई बुलट छोड़कर महर्षिपुरम की ओर दौड़ पड़े।
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चीखपुकार मचाने पर आसपास के लोग निकले मगर गोलियों की आवाज सुनकर सहम गए। इसी बीच अनिल का भाई विनीत भी बाइक से महर्षिपुरम के मोड़ पर पहुंच गया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। तुरंत ही पास से राउंड पर घूम रहे चीता मोबाइल के सिपाही मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देखकर जायलो सवार हमलावर ककरैठा गांव की ओर भागे। उन्होंने राजेंद्र यादव के घर के सामने फायरिंग की और दोबारा महर्षिपुरम में पहुंच गए। यहां पहुंचकर उन्होंने सिपाहियों के सामने गोली चलाई। गनीमत रही कि इस बार भी गोली किसी को नहीं लगी। भागते वक्त गाड़ी बैक नहीं हो सकी। इस पर हमलावर गाड़ी छोड़कर भाग निकले। सीओ हरीपर्वत ने बताया कि घटना के पीछे तीन दिन पहले आबकारी टीम ने कालीचरण के घर से 41 पेटी शराब पकड़ी थी। इसी को लेकर गांव के पप्पू यादव और कालीचरण समेत अन्य साथियों ने फायरिंग की है। मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
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