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20 रुपये का काम और मांग रहे थे 200, एक झटके में गया लाइसेंस
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 18 Jul 2017 08:51 PM IST
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आगरा में जनसेवा केंद्रों पर खुली लूट हो रही है। प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की जा रही है। ऐसे ही चार मामले जिलाधिकारी द्वारा गठित एसएनटीसी (से नो टू करप्शन) प्रकोष्ठ ने खोले हैं।
यहां जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र बनवाने की निर्धारित फीस 20 रुपये के बदले प्रति प्रमाण पत्र 200 रुपये वसूले जा रहे थे। डीएम ने जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को इन चारों जनसेवा केंद्रों के लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया है।
एसएनटीसी की टीम ने चार जुलाई को चार ऐसे लोगों से औचक फोन पर बात की, जिन्होंने अलग-अलग सेवा केंद्रों पर विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाए थे। इसमें पता चला कि इन चारों से ही केंद्रों पर निर्धारित फीस से अधिक की वसूली की गई। इन मामलों की बाद में और पड़ताल की गई। इसमें सभी मामले सही पाए गए।
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मंगलवार को डीएम ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उक्त कृत्य को भ्रष्टाचार की श्रेणी में मानकर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को इन चारों केंद्रों के लाइसेंस तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया है। डीएम ने सात दिन में इन पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।
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यहां जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र बनवाने की निर्धारित फीस 20 रुपये के बदले प्रति प्रमाण पत्र 200 रुपये वसूले जा रहे थे। डीएम ने जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को इन चारों जनसेवा केंद्रों के लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया है।
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एसएनटीसी की टीम ने चार जुलाई को चार ऐसे लोगों से औचक फोन पर बात की, जिन्होंने अलग-अलग सेवा केंद्रों पर विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाए थे। इसमें पता चला कि इन चारों से ही केंद्रों पर निर्धारित फीस से अधिक की वसूली की गई। इन मामलों की बाद में और पड़ताल की गई। इसमें सभी मामले सही पाए गए।
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मंगलवार को डीएम ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उक्त कृत्य को भ्रष्टाचार की श्रेणी में मानकर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को इन चारों केंद्रों के लाइसेंस तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया है। डीएम ने सात दिन में इन पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।
ये थे मामले
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