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कोर्ट में झूठे साक्ष्य पेश करने पर विशेष सचिव सहित चार अफसरों के खिलाफ केस दर्ज
Sat, 23 Mar 2019 08:52 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 23 Mar 2019 08:52 PM IST
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सीजेएम कोर्ट में एक मामले में झूठे साक्ष्य देने पर विशेष सचिव नियोजन लखनऊ, आयुक्त स्टांप एवं निबंधन लखनऊ, तत्कालीन एसपी और इंस्पेक्टर कोतवाली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए सीजेएम ने पांच अप्रैल की तारीख तय कर दी गई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के कचहरी रोड नवाटेढ़ा हाउस निवासी राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ वर्ष 2009 में थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोप सही पाकर सुनवाई के लिए अदालत में चार्जशीट भेज दी।
शनिवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सीजेएम कोर्ट में योगेंद्र सिंह चौहान के अधिवक्ता अरविंद कुमार पांडेय ने तर्क दिया कि मुकदमे की जांच के दौरान अदालत में तत्कालीन डीएम मिनिस्ती एस, तत्कालीन एसपी एसआरएस आदित्य, तत्कालीन एडीएम रामकेवल, तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली दयाशंकर सिंह ने गुमराह करने के लिए झूठे साक्ष्य दिए हैं।
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सीजेएम शक्ति सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई पांच अप्रैल को सीजेएम कोर्ट में होगी।
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थाना कोतवाली क्षेत्र के कचहरी रोड नवाटेढ़ा हाउस निवासी राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ वर्ष 2009 में थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोप सही पाकर सुनवाई के लिए अदालत में चार्जशीट भेज दी।
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शनिवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सीजेएम कोर्ट में योगेंद्र सिंह चौहान के अधिवक्ता अरविंद कुमार पांडेय ने तर्क दिया कि मुकदमे की जांच के दौरान अदालत में तत्कालीन डीएम मिनिस्ती एस, तत्कालीन एसपी एसआरएस आदित्य, तत्कालीन एडीएम रामकेवल, तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली दयाशंकर सिंह ने गुमराह करने के लिए झूठे साक्ष्य दिए हैं।
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सीजेएम शक्ति सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई पांच अप्रैल को सीजेएम कोर्ट में होगी।
यह है मामला
योगेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ छह मार्च 2009 को कोतवाली में तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली दयाशंकर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उनको तत्कालीन डीएम, एसपी, एडीएम की मौजूदगी में कोतवाली से जेल भेज दिया था। पुलिस ने बाद में जांच करने के बाद उनको दोषी पाकर सीजेएम कोर्ट में सुनवाई के लिए चार्जशीट भेज दी थी।
नौकरी से हो चुके बर्खास्त
योगेंद्र सिंह चौहान को शासन द्वारा 30 जून 2011 को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। उनका आरोप है कि उनको बड़े अधिकारियों ने साजिश रचकर नौकरी से बर्खास्त कराया है। जांच के नाम पर झूठे तथ्यों को आधार बनाकर चार्जशीट कोर्ट में भेजी है।
यहां है तैनाती
तत्कालीन डीएम मिनिस्ती एस वर्तमान में आयुक्त स्टांप एवं निबंधन लखनऊ, तत्कालीन एडीएम रामकेवल वर्तमान में विशेष सचिव नियोजन विभाग योजना भवन में तैनात हैं। तत्कालीन एसपी एसआरएस आदित्य रिटायर होने के बाद गोमती नगर लखनऊ और तत्कालीन इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह रिटायर होने के बाद सिंधुरिया तालाब कॉलोनी वाराणसी में रह रहे हैं।
नौकरी से हो चुके बर्खास्त
योगेंद्र सिंह चौहान को शासन द्वारा 30 जून 2011 को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। उनका आरोप है कि उनको बड़े अधिकारियों ने साजिश रचकर नौकरी से बर्खास्त कराया है। जांच के नाम पर झूठे तथ्यों को आधार बनाकर चार्जशीट कोर्ट में भेजी है।
यहां है तैनाती
तत्कालीन डीएम मिनिस्ती एस वर्तमान में आयुक्त स्टांप एवं निबंधन लखनऊ, तत्कालीन एडीएम रामकेवल वर्तमान में विशेष सचिव नियोजन विभाग योजना भवन में तैनात हैं। तत्कालीन एसपी एसआरएस आदित्य रिटायर होने के बाद गोमती नगर लखनऊ और तत्कालीन इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह रिटायर होने के बाद सिंधुरिया तालाब कॉलोनी वाराणसी में रह रहे हैं।