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बिल्डर पर 20 लाख की धोखाधड़ी का केस
बिल्डर पर 20 लाख की धोखाधड़ी का केस
Updated Tue, 21 Feb 2017 05:50 PM IST
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- फोटो : SELF
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शहर के दो बिल्डरों ने अच्छे मुनाफे का लालच देकर किसान से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोप है कि पीड़ित ने कोर्ट में दावा किया तो बिल्डर ने पर्स सहित चेक खोने की थाना न्यू आगरा की मुहर लगी फर्जी तहरीर बना ली। इस मामले में आईजी के आदेश पर जांच की गई। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
कंजौली, थाना सादाबाद, हाथरस निवासी राजकुमार जूरैल किसान हैं। उन्होंने थाना न्यू आगरा में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसके परिचित आशीष शर्मा (कंपू टोला, फव्वारा) और धर्मेंद्र पचौरी (गिर्राज एन्क्लेव, सीताराम कालोनी के पीछे, बल्केश्वर) ने अच्छे मुनाफे का लालच देकर अपने एपीए कंस्ट्रक्शन ग्रुप के प्रोजेक्ट अनन्या अपार्टमेंट के लिए 20 लाख रुपये उधार लिए थे। वादे के अनुसार कोई लाभांश नहीं दिया। राजकुमार ने आलू फसल की बिक्री से मिली रकम आरोपियों को दी थी। इस कारण काम ठप हो गया। 17 नवंबर 2015 को बिल्डर ने अपनी कंपनी का 20 लाख रुपये का चेक दिया। लाभ के रुपये नगद देने की बात कही। मगर, बैंक से चेक पास नहीं हुआ। इसके साथ ही आरोपियों ने मुनाफे की भी रकम नहीं दी। इस पर पीड़ित ने कोर्ट में दावा कर दिया। आरोप है कि दोनों ने चेक को फर्जी बताया। मगर, इसे सही साबित करने में सफलता नहीं मिलने पर 16 अक्तूबर 2015 का थाना न्यू आगरा का दस्तावेज तैयार किया, जिस पर थाने की मुहर, हस्ताक्षर और रिसीविंग फर्जी थी। इसमें लिखा कि उसका पर्स खो गया था, जिसमें चेक भी रखे थे। इसके माध्यम से पीड़ित के खिलाफ कोर्ट में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया। दूसरी ओर चेक का मुकदमा भी खत्म कराने के लिए इसी दस्तावेज का इस्तेमाल किया। राजकुमार ने तहरीर के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत पुलिस से सूचना मांगी। इस पर सूचना मिली कि इस तरह की कोई तहरीर थाना न्यू आगरा पर नहीं दी गई। आरटीआई के आधार पर उसके दस्तावेज को फर्जी मानते हुए कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। इस मामले की शिकायत राजकुमार ने आईजी से की। एसएसपी के आदेश पर आशीष और धर्मेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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कंजौली, थाना सादाबाद, हाथरस निवासी राजकुमार जूरैल किसान हैं। उन्होंने थाना न्यू आगरा में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसके परिचित आशीष शर्मा (कंपू टोला, फव्वारा) और धर्मेंद्र पचौरी (गिर्राज एन्क्लेव, सीताराम कालोनी के पीछे, बल्केश्वर) ने अच्छे मुनाफे का लालच देकर अपने एपीए कंस्ट्रक्शन ग्रुप के प्रोजेक्ट अनन्या अपार्टमेंट के लिए 20 लाख रुपये उधार लिए थे। वादे के अनुसार कोई लाभांश नहीं दिया। राजकुमार ने आलू फसल की बिक्री से मिली रकम आरोपियों को दी थी। इस कारण काम ठप हो गया। 17 नवंबर 2015 को बिल्डर ने अपनी कंपनी का 20 लाख रुपये का चेक दिया। लाभ के रुपये नगद देने की बात कही। मगर, बैंक से चेक पास नहीं हुआ। इसके साथ ही आरोपियों ने मुनाफे की भी रकम नहीं दी। इस पर पीड़ित ने कोर्ट में दावा कर दिया। आरोप है कि दोनों ने चेक को फर्जी बताया। मगर, इसे सही साबित करने में सफलता नहीं मिलने पर 16 अक्तूबर 2015 का थाना न्यू आगरा का दस्तावेज तैयार किया, जिस पर थाने की मुहर, हस्ताक्षर और रिसीविंग फर्जी थी। इसमें लिखा कि उसका पर्स खो गया था, जिसमें चेक भी रखे थे। इसके माध्यम से पीड़ित के खिलाफ कोर्ट में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया। दूसरी ओर चेक का मुकदमा भी खत्म कराने के लिए इसी दस्तावेज का इस्तेमाल किया। राजकुमार ने तहरीर के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत पुलिस से सूचना मांगी। इस पर सूचना मिली कि इस तरह की कोई तहरीर थाना न्यू आगरा पर नहीं दी गई। आरटीआई के आधार पर उसके दस्तावेज को फर्जी मानते हुए कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। इस मामले की शिकायत राजकुमार ने आईजी से की। एसएसपी के आदेश पर आशीष और धर्मेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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