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Azamgarh News: जोरदार आवाज के बाद मची चीख-पुकार, एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े यात्री
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हादसे में घायल मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती मरीज। श्रोत-वीडियो ग्रैब
कमलेश यादव ने बताया कि अचानक पिकअप वाहन आ गया। बस उसे बचाने के प्रयास में दो बार असंतुलित हुई और वाहन से टकराने के बाद पिलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
उन्होंने बताया कि जोरदार टक्कर के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए हादसे से यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। कई लोग बस के अंदर ही दब गए और बाहर निकलने के लिए चीखने-चिल्लाने लगे।
कमलेश ने बताया कि बस में 70 से अधिक लोग सवार थे और कई यात्री खड़े होकर भी यात्रा कर रहे थे। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव दल ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि बस में सवार लगभग सभी लोगों को किसी न किसी तरह की चोटें आई हैं, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए।
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हादसे में घायल यात्री प्रिंस ने बताया कि वह लखनऊ के आलमबाग से रोडवेज बस में सवार हुआ था और उसे मधुबन जाना था। रात करीब 12 बजे तक बस सामान्य रूप से चल रही थी। इसके बाद वह सो गया।
प्रिंस ने बताया कि वह गहरी नींद में था। इसी दौरान अचानक जोरदार आवाज के साथ बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा होते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग सहम गए। उसने बताया कि बस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की साइड में बनी सुरक्षा दीवार से टकराई थी।
हालांकि वह हादसे के समय सो रहा था, इसलिए दुर्घटना से ठीक पहले क्या हुआ, इसकी उसे जानकारी नहीं हो सकी। दुर्घटना के बाद अचानक उसकी नींद खुली और वह घायल अवस्था में बस में फंसा हुआ था।
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निजी अस्पताल में भर्ती बहन को नहीं पता कि भाई की हो गई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पवई(आजमगढ़)। रक्षाबंधन से पहले हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने भाई-बहन के रिश्ते को ऐसी पीड़ा दे दी, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस बस को भाई चला रहा था, उसी बस में उसकी बहन भी सवार थी।
हादसे में चालक भाई की मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मऊ जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र के मिर्जापुर अहिरौली गांव निवासी बस चालक रजनीकांत यादव (32) की बहन नितांजलि यादव भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनका उपचार शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
निलांजलि उसी बस में सवार थीं, जिसे उनका भाई चला रहा था। एक साथ शुरू हुआ भाई-बहन का सफर हादसे के बाद हमेशा के लिए बिछड़ने में बदल गया।
रक्षाबंधन के पर्व से पहले परिवार में भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारियां रही होंगी, लेकिन हादसे की खबर पहुंचते ही खुशियां मातम में बदल गईं। भाई की मौत और बहन के कोमा में चले जाने की खबर ने परिजनों को झकझोर दिया है।
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पिकअप चालक की तलाश, पुलिस कर रही जांच
पवई। थाना प्रभारी मनीष पाल ने बताया कि हादसे से जुड़े यात्रियों और वाहन चालकों की जानकारी दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस पिकअप वाहन और उसके चालक की पहचान करने में जुटी है। पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम रविंद्र कुमार मंडलीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों को सभी घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि गत रात करीब 12:55 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के स्टोन नंबर 191 किलोमीटर के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में रोडवेज बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय बस में चालक समेत कुल 76 लोग सवार थे। दुर्घटना में बस चालक और एक महिला यात्री की मौत हो गई, जबकि 34 लोग घायल हुए।
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चोटिल बहनों ने बांधी राखी, डीएम-एसपी ने निभाया भाई का फर्ज
आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती घायल महिलाओं और बच्चियों के बीच रक्षाबंधन का पर्व भावुक अंदाज में मनाया गया। इलाजरत करीब 20 चोटिल महिलाओं और बच्चियों ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह का भाव प्रकट किया। इस दौरान अस्पताल का माहौल भावुक हो गया। सुनीता, सृष्टि, श्रेया, अंकिता कुमारी सहित चार वर्षीय एलकेजी छात्रा साक्षी ने अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी। जिलाधिकारी और एसपी ने भी भाई का फर्ज निभाते हुए इन बहनों को उपहार भेंट किए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दोनों अधिकारियों ने घायल महिलाओं और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दुर्घटना में रोडवेज बस चालक रजनीकांत ने यात्रियों की जान बचाने का प्रयास करते हुए अपनी जान दे दी। डीएम ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। हादसे में एक 50 वर्षीय महिला की भी मौत हुई है। जिलाधिकारी के निर्देशन में परिवहन निगम की ओर से दोनों मृतकों के परिजनों को अलग-अलग 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों को भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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13 घायल स्वस्थ होकर पहुंचे घर, शेष का इलाज जारी
आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई गई। अहरौला से रेफर होकर करीब 34 मरीज मंडलीय अस्पताल पहुंचे। बस में चालक समेत कुल 76 यात्री सवार थे, जिनमें से 34 घायल और चोटिल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर एक बजे तक उपचार के बाद 13 मरीज स्वस्थ हो गए, जिन्हें प्रशासन की ओर से सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया। शेष घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सक लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों में से एक की हालत को देखते हुए उसे रेफर किया गया। वह करीब 22 वर्षीय युवती थी, जिसे सिर में चोट लगी थी।
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उन्होंने बताया कि जोरदार टक्कर के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए हादसे से यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। कई लोग बस के अंदर ही दब गए और बाहर निकलने के लिए चीखने-चिल्लाने लगे।
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कमलेश ने बताया कि बस में 70 से अधिक लोग सवार थे और कई यात्री खड़े होकर भी यात्रा कर रहे थे। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव दल ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि बस में सवार लगभग सभी लोगों को किसी न किसी तरह की चोटें आई हैं, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए।
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हादसे में घायल यात्री प्रिंस ने बताया कि वह लखनऊ के आलमबाग से रोडवेज बस में सवार हुआ था और उसे मधुबन जाना था। रात करीब 12 बजे तक बस सामान्य रूप से चल रही थी। इसके बाद वह सो गया।
प्रिंस ने बताया कि वह गहरी नींद में था। इसी दौरान अचानक जोरदार आवाज के साथ बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा होते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग सहम गए। उसने बताया कि बस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की साइड में बनी सुरक्षा दीवार से टकराई थी।
हालांकि वह हादसे के समय सो रहा था, इसलिए दुर्घटना से ठीक पहले क्या हुआ, इसकी उसे जानकारी नहीं हो सकी। दुर्घटना के बाद अचानक उसकी नींद खुली और वह घायल अवस्था में बस में फंसा हुआ था।
निजी अस्पताल में भर्ती बहन को नहीं पता कि भाई की हो गई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पवई(आजमगढ़)। रक्षाबंधन से पहले हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने भाई-बहन के रिश्ते को ऐसी पीड़ा दे दी, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस बस को भाई चला रहा था, उसी बस में उसकी बहन भी सवार थी।
हादसे में चालक भाई की मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मऊ जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र के मिर्जापुर अहिरौली गांव निवासी बस चालक रजनीकांत यादव (32) की बहन नितांजलि यादव भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनका उपचार शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
निलांजलि उसी बस में सवार थीं, जिसे उनका भाई चला रहा था। एक साथ शुरू हुआ भाई-बहन का सफर हादसे के बाद हमेशा के लिए बिछड़ने में बदल गया।
रक्षाबंधन के पर्व से पहले परिवार में भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारियां रही होंगी, लेकिन हादसे की खबर पहुंचते ही खुशियां मातम में बदल गईं। भाई की मौत और बहन के कोमा में चले जाने की खबर ने परिजनों को झकझोर दिया है।
पिकअप चालक की तलाश, पुलिस कर रही जांच
पवई। थाना प्रभारी मनीष पाल ने बताया कि हादसे से जुड़े यात्रियों और वाहन चालकों की जानकारी दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस पिकअप वाहन और उसके चालक की पहचान करने में जुटी है। पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम रविंद्र कुमार मंडलीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों को सभी घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि गत रात करीब 12:55 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के स्टोन नंबर 191 किलोमीटर के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में रोडवेज बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय बस में चालक समेत कुल 76 लोग सवार थे। दुर्घटना में बस चालक और एक महिला यात्री की मौत हो गई, जबकि 34 लोग घायल हुए।
चोटिल बहनों ने बांधी राखी, डीएम-एसपी ने निभाया भाई का फर्ज
आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती घायल महिलाओं और बच्चियों के बीच रक्षाबंधन का पर्व भावुक अंदाज में मनाया गया। इलाजरत करीब 20 चोटिल महिलाओं और बच्चियों ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह का भाव प्रकट किया। इस दौरान अस्पताल का माहौल भावुक हो गया। सुनीता, सृष्टि, श्रेया, अंकिता कुमारी सहित चार वर्षीय एलकेजी छात्रा साक्षी ने अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी। जिलाधिकारी और एसपी ने भी भाई का फर्ज निभाते हुए इन बहनों को उपहार भेंट किए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दोनों अधिकारियों ने घायल महिलाओं और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दुर्घटना में रोडवेज बस चालक रजनीकांत ने यात्रियों की जान बचाने का प्रयास करते हुए अपनी जान दे दी। डीएम ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। हादसे में एक 50 वर्षीय महिला की भी मौत हुई है। जिलाधिकारी के निर्देशन में परिवहन निगम की ओर से दोनों मृतकों के परिजनों को अलग-अलग 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों को भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जा रही है।
13 घायल स्वस्थ होकर पहुंचे घर, शेष का इलाज जारी
आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई गई। अहरौला से रेफर होकर करीब 34 मरीज मंडलीय अस्पताल पहुंचे। बस में चालक समेत कुल 76 यात्री सवार थे, जिनमें से 34 घायल और चोटिल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर एक बजे तक उपचार के बाद 13 मरीज स्वस्थ हो गए, जिन्हें प्रशासन की ओर से सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया। शेष घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सक लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों में से एक की हालत को देखते हुए उसे रेफर किया गया। वह करीब 22 वर्षीय युवती थी, जिसे सिर में चोट लगी थी।