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आगरा में चालक की हत्या कर टेंपो लूटा, झाड़ियों में शव फेंककर बदमाश फरार
Tue, 22 Jan 2019 11:58 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:58 AM IST
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आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में लोडिंग टेंपो चालक की हत्या कर दी गई। इसके बाद हत्यारे टेंपो लूटकर फरार हो गए। सोमवार को चालक का शव बिचपुरी नहर के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस जांच में जुटी है।
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बिचपुरी के अमरपुरा निवासी महेश चंद्र (37) पुत्र नवल सिंह लोडिंग टेंपो चलाता था। परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह टेंपो लेकर काम पर गया था। शाम तक घर नहीं आने पर पत्नी अनीता ने फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
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इस पर परिजनों को चिंता हुई। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। इस पर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे बिचपुरी नहर के पास झाड़ियों में उसकी लाश पड़ी मिली।
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चालक के गले पर निशान
जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी। उसके गले पर निशान था। टेंपो नहीं मिला है। परिजनों का कहना था कि हत्या कर टेंपो लूट लिया गया है।
उधर, इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना आया है। मामले की जांच की जा रही है। महेश चंद्र के दो बेटे और एक बेटी हैं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
फोन आने पर घर से निकला था
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि महेश चंद्र के साथ उसके चाचा इंद्रवीर सिंह भी टेंपो चलाते हैं। दोनों दोपहर में 12 बजे घर से बोदला स्टैंड जाते थे। इसके बाद व्यापारियों के कॉल आने पर माल लेकर निकलते थे।
उधर, इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना आया है। मामले की जांच की जा रही है। महेश चंद्र के दो बेटे और एक बेटी हैं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
फोन आने पर घर से निकला था
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि महेश चंद्र के साथ उसके चाचा इंद्रवीर सिंह भी टेंपो चलाते हैं। दोनों दोपहर में 12 बजे घर से बोदला स्टैंड जाते थे। इसके बाद व्यापारियों के कॉल आने पर माल लेकर निकलते थे।
टेंपो में लोड था माल
मगर, रविवार की सुबह 8:45 बजे महेश के पास एक कॉल आया। इसके बाद वह घर से टेंपो लेकर निकल गया। खाना भी नहीं खाकर गया। दोपहर में तीन बजे चाचा ने फोन किया तो बताया कि उसके टेंपो में माल लोड है। वह माल पहुंचाने जा रहा है।
पिता ने शाम को साढ़े छह बजे कॉल किए। किसी व्यक्ति ने उठाया, लेकिन ठीक से बात नहीं की। इसके बाद फोन रिसीव नहीं हुआ। परिजनों ने सौ से ज्यादा कॉल किए थे।
पुलिस का कहना है कि महेश के शव के पास से मोबाइल मिला है। उसे कब्जे में ले लिया है। उसमें छह नंबर मिले हैं, जिनसे बात हुई है। कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। आशंका है कि उसे किसी परिचित ने फोन करके बुलाया है।
दो बहनों में अकेला था भाई
चाचा तेजवीर सिंह ने बताया कि घर में महेश इकलौता था। उसकी एक बड़ी और एक छोटी बहन है। दोनों शादीशुदा हैं। वहीं पिता फिरोजाबाद में रहते हैं। वह अधिवक्ता हैं। अमरपुरा में पैतृक मकान है। इसमें महेश परिवार सहित रह रहा था। उसके दो बेटे और एक बेटी है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है।
पिता ने शाम को साढ़े छह बजे कॉल किए। किसी व्यक्ति ने उठाया, लेकिन ठीक से बात नहीं की। इसके बाद फोन रिसीव नहीं हुआ। परिजनों ने सौ से ज्यादा कॉल किए थे।
पुलिस का कहना है कि महेश के शव के पास से मोबाइल मिला है। उसे कब्जे में ले लिया है। उसमें छह नंबर मिले हैं, जिनसे बात हुई है। कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। आशंका है कि उसे किसी परिचित ने फोन करके बुलाया है।
दो बहनों में अकेला था भाई
चाचा तेजवीर सिंह ने बताया कि घर में महेश इकलौता था। उसकी एक बड़ी और एक छोटी बहन है। दोनों शादीशुदा हैं। वहीं पिता फिरोजाबाद में रहते हैं। वह अधिवक्ता हैं। अमरपुरा में पैतृक मकान है। इसमें महेश परिवार सहित रह रहा था। उसके दो बेटे और एक बेटी है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है।