{"_id":"30530a53399abbe659592dbe9cf1b958","slug":"attack-on-doctor-at-mid-night-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधी रात को एसएन के डाक्टरों पर हमला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आधी रात को एसएन के डाक्टरों पर हमला
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 18 Dec 2015 02:18 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज में गुुरुवार रात करीब 12 बजे इमरजेंसी केसर्जरी विभाग में तैनात दो जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों को तीन गाड़ियों में आए 20-25 हमलावरों ने बेरहमी से पीटा। डाक्टरों ने पहले हमलावरों को फौजी बताया फिर कहा कि वे उन जैसी ड्रेस में थे। हमले के बाद इमरजेंसी सेवाएं ठप कर डाक्टरों ने एसएन के बाहर रोड जाम करने की कोशिश की। उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। वे एसआई मनोज कुमार को तुरंत निलंबित करने की मांग कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने जाते समय हमलावरों से हाथ मिलाया था। डाक्टरों ने एलान किया कि जब तक उन्हें सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता, मेडिकल सेवाएं बंद रहेंगी। रात डेढ़ बजे पूरा अस्पताल पुलिस छावनी बना दिया गया। फौजियों का नाम आने पर सेना पुलिस भी बुला ली गई।
एसएन के सूत्रों ने बताया कि रात करीब नौ बजे तीन युवक एक घायल युवक के साथ पहुंचे थे। उसके चेहरे पर चोट लगी थी। डा. अश्वनी और डा. सरफराज ने उसका उपचार किया। युवक कह रहे थे कि वे फौजी हैं, उपचार में जल्दी की जाए। इसी पर उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि उन्होंने डाक्टरों की पिटाई की। इसके बाद वे घायल को लेकर गुस्से में चले गए। मौकेपर मौजूद जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. लोकेश ने बताया कि रात करीब 12 बजे तीन गाड़ियों से 20-25 लोग पहुंचे। एक गाड़ी बाहर रही, दो अंदर आईं। वे सिविल ड्रेस में थे, लेकिन फौजी लग रहे थे। उन्होंने आते ही डा. सरफराज और डा. अश्वनी को ढूंढकर बेरहमी से पीटा। डाक्टरों का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस को सूचना दे दी गई थी। कई पुलिसवाले पहुंच भी गए थे। लौट रहे हमलावरों को पकड़ने की जगह एसआई उनसे हाथ मिला रहा था।
बाद में एसपी सिटी राजेश कुमार, तीन सीओ और छह थानों की फोर्स के साथ एसएन पहुंच गए। पुलिस अफसरों ने डाक्टरों से वार्ता कर इमरजेंसी सेवाएं बहाल करने के लिए कहा लेकिन वे हड़ताल पर अड़े रहे।
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सीसीटीवी में कैद हुए हमलावर
डाक्टरों की पिटाई करने वाले लोग इमरजेंसी के सीसीटीवी में कैद हो गए हैं। पुलिस अधिकारी देर रात फुटेज से उनकी पहचान करने में जुटे थे। हालांकि कोई भी चेहरा पहचान में नहीं आया।
मरीजों का हाल बेहाल
इमरजेसी सेवाएं ठप हो जाने से मरीजों का हाल बेहाल हो गया। इमरजेंसी में शाम को कई घायल पहुंचे थे। इन्हें भी ठीक से उपचार नहीं मिल सका।
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एसएन के सूत्रों ने बताया कि रात करीब नौ बजे तीन युवक एक घायल युवक के साथ पहुंचे थे। उसके चेहरे पर चोट लगी थी। डा. अश्वनी और डा. सरफराज ने उसका उपचार किया। युवक कह रहे थे कि वे फौजी हैं, उपचार में जल्दी की जाए। इसी पर उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि उन्होंने डाक्टरों की पिटाई की। इसके बाद वे घायल को लेकर गुस्से में चले गए। मौकेपर मौजूद जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. लोकेश ने बताया कि रात करीब 12 बजे तीन गाड़ियों से 20-25 लोग पहुंचे। एक गाड़ी बाहर रही, दो अंदर आईं। वे सिविल ड्रेस में थे, लेकिन फौजी लग रहे थे। उन्होंने आते ही डा. सरफराज और डा. अश्वनी को ढूंढकर बेरहमी से पीटा। डाक्टरों का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस को सूचना दे दी गई थी। कई पुलिसवाले पहुंच भी गए थे। लौट रहे हमलावरों को पकड़ने की जगह एसआई उनसे हाथ मिला रहा था।
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बाद में एसपी सिटी राजेश कुमार, तीन सीओ और छह थानों की फोर्स के साथ एसएन पहुंच गए। पुलिस अफसरों ने डाक्टरों से वार्ता कर इमरजेंसी सेवाएं बहाल करने के लिए कहा लेकिन वे हड़ताल पर अड़े रहे।
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सीसीटीवी में कैद हुए हमलावर
डाक्टरों की पिटाई करने वाले लोग इमरजेंसी के सीसीटीवी में कैद हो गए हैं। पुलिस अधिकारी देर रात फुटेज से उनकी पहचान करने में जुटे थे। हालांकि कोई भी चेहरा पहचान में नहीं आया।
मरीजों का हाल बेहाल
इमरजेसी सेवाएं ठप हो जाने से मरीजों का हाल बेहाल हो गया। इमरजेंसी में शाम को कई घायल पहुंचे थे। इन्हें भी ठीक से उपचार नहीं मिल सका।