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और यहां टोरंट के लापरवाही से प्लंबर की जान गई
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:12 AM IST
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परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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मारुति एस्टेट में खंभे की सपोर्ट लाइन (खैंच) से करंट लगने से प्लंबर मनोज कुमार (23) की मौत हो गई। हादसे के बाद टोरंट अधिकारियों और पुलिस के नहीं आने पर परिवारीजनों ने जाम लगाकर हंगामा कर दिया। हालांकि एक घंटे बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। मामले में टोरंट और एक मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जय नगर, अलबतिया निवासी मनोज कुमार उर्फ मंगतू पुत्र रतन लाल विजय सिंह, सतीश और प्रेम सिंह के साथ गुरुवार सुबह आठ बजे मारुति एस्टेट स्थित फेस-1 निवासी वल्देव चावला के घर में नल की फिटिंग का काम करने गया था। आरोप है कि शाम छह बजे तक काम करने के बाद भी मकान मालिक ने मजदूरी के रुपये नहीं दिए। दो घंटे और काम करने को कहा। रात आठ बजे बाद भी वल्देव ने नाली पर पत्थर रखने को बोल दिया। पत्थर रखने के दौरान ही मनोज को बिजली के खंभे की सपोर्ट लाइन से करंट लग गया। साथियों ने उसे फावड़े से किसी तरह दूर किया। एसएन इमरजेंसी में डाक्टरों ने उसे मृत बताया।
हादसे के बाद बंद किया करंट
परिवारीजनों का आरोप है कि मनोज को करंट लगने के बाद वल्देव ने कोई मदद नहीं की। वह अस्पताल तक नहीं आया। टोरंट कर्मी जाम लगाने के बाद आए। तब खंभे की सपोर्ट लाइन में आए करंट को बंद कर दिया गया।
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बड़े बेटे की मौत से कोहराम
रतनलाल ने बताया कि उनके तीन बेटी और दो बेटे थे। इनमें से मनोज तीसरे नंबर का था। छोटा बेटा जितेंद्र अभी कुछ काम नहीं करता है। मनोज ही परिवार में अकेला कमाने वाला था। मनोज की पत्नी पूजा गर्भवती है। डेढ़ साल की बेटी वैष्णवी के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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जय नगर, अलबतिया निवासी मनोज कुमार उर्फ मंगतू पुत्र रतन लाल विजय सिंह, सतीश और प्रेम सिंह के साथ गुरुवार सुबह आठ बजे मारुति एस्टेट स्थित फेस-1 निवासी वल्देव चावला के घर में नल की फिटिंग का काम करने गया था। आरोप है कि शाम छह बजे तक काम करने के बाद भी मकान मालिक ने मजदूरी के रुपये नहीं दिए। दो घंटे और काम करने को कहा। रात आठ बजे बाद भी वल्देव ने नाली पर पत्थर रखने को बोल दिया। पत्थर रखने के दौरान ही मनोज को बिजली के खंभे की सपोर्ट लाइन से करंट लग गया। साथियों ने उसे फावड़े से किसी तरह दूर किया। एसएन इमरजेंसी में डाक्टरों ने उसे मृत बताया।
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हादसे के बाद बंद किया करंट
परिवारीजनों का आरोप है कि मनोज को करंट लगने के बाद वल्देव ने कोई मदद नहीं की। वह अस्पताल तक नहीं आया। टोरंट कर्मी जाम लगाने के बाद आए। तब खंभे की सपोर्ट लाइन में आए करंट को बंद कर दिया गया।
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बड़े बेटे की मौत से कोहराम
रतनलाल ने बताया कि उनके तीन बेटी और दो बेटे थे। इनमें से मनोज तीसरे नंबर का था। छोटा बेटा जितेंद्र अभी कुछ काम नहीं करता है। मनोज ही परिवार में अकेला कमाने वाला था। मनोज की पत्नी पूजा गर्भवती है। डेढ़ साल की बेटी वैष्णवी के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।