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सेना में भर्ती के नाम पर ठगी: फर्जी वेबसाइट से दिखाते थे रिजल्ट, दो शातिरों को जेल, सरगना की तलाश
Mon, 15 Mar 2021 11:30 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 15 Mar 2021 11:30 AM IST
सार
- सेना में भर्ती का झांसा देने के लिए बनाते थे फर्जी वेबसाइट
- अलीगढ़ का है सरगना, पुलिस ने गैंग के दो बदमाशों को भेजा जेल
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आगरा पुलिस ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले दो युवक पकड़े
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा पुलिस की पकड़ में आए सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के सुनील तोमर और अजय कुमार को रविवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गैंग का सरगना अलीगढ़ के खैर का होशियार सिंह है। वह अपने एजेंट की मदद से भर्ती स्थल पर अभ्यर्थियों से संपर्क करता है। पांच लाख रुपये में भर्ती कराने का आश्वासन देता है। बाद में अलग-अलग राज्य में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को भेजता है। व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेज देता है। अभ्यर्थियों से बची रकम लेने के लिए फर्जी वेबसाइट पर रिजल्ट दिखाता है।
फतेहाबाद निवासी रवेंद्र, रिंकू और छोटेलाल वर्ष 2018 में मथुरा में सेना भर्ती में शामिल हुए थे। रवेंद्र ने पुलिस को बताया कि तब उनकी मुलाकात होशियार सिंह और उसके साथियों से हुई थी। उसने उनका नंबर ले लिया। नवंबर 2019 में कॉल करके भर्ती कराने का आश्वासन दिया। उन्हें कोलकाता ले जाकर परीक्षा दिलाने का दावा किया। 2.40 लाख रुपये ले लिए। उन्हें व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेजे थे, जिसमें सेना भर्ती बोर्ड लिखा हुआ था।
ये भी पढ़ें- आगरा: सेना में भर्ती कराने के नाम पर 2.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार
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कोलकाता से आने के 20 दिन बाद फिर से कॉल किया। इस बार बताया कि रिजल्ट जारी हो गया। उन्होंने ज्वाइन इंडियन आर्मी नाम से बनी वेबसाइट पर रिजल्ट दिखा दिया। इसमें उनके नाम, रोल नंबर और पते का जिक्र था। इसके बाद होशियार सिंह बाकी के 12 लाख मांग रहा था। मगर, शक होने की वजह से रकम नहीं दी। रकम वापस मांगने पर नंबर बंद कर लिया था। बाद में वेबसाइट फर्जी निकली थी।
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फतेहाबाद निवासी रवेंद्र, रिंकू और छोटेलाल वर्ष 2018 में मथुरा में सेना भर्ती में शामिल हुए थे। रवेंद्र ने पुलिस को बताया कि तब उनकी मुलाकात होशियार सिंह और उसके साथियों से हुई थी। उसने उनका नंबर ले लिया। नवंबर 2019 में कॉल करके भर्ती कराने का आश्वासन दिया। उन्हें कोलकाता ले जाकर परीक्षा दिलाने का दावा किया। 2.40 लाख रुपये ले लिए। उन्हें व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेजे थे, जिसमें सेना भर्ती बोर्ड लिखा हुआ था।
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कोलकाता से आने के 20 दिन बाद फिर से कॉल किया। इस बार बताया कि रिजल्ट जारी हो गया। उन्होंने ज्वाइन इंडियन आर्मी नाम से बनी वेबसाइट पर रिजल्ट दिखा दिया। इसमें उनके नाम, रोल नंबर और पते का जिक्र था। इसके बाद होशियार सिंह बाकी के 12 लाख मांग रहा था। मगर, शक होने की वजह से रकम नहीं दी। रकम वापस मांगने पर नंबर बंद कर लिया था। बाद में वेबसाइट फर्जी निकली थी।
थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि रवेंद्र, रिंकू और छोटेलाल सवा साल पहले ठगी का शिकार हुए थे। उन्होंने होशियार सिंह का नाम बताया है। उसकी तलाश की जा रही है। वह अलीगढ़ के खैर का रहने वाला है। पीड़ित की तहरीर पर होशियार सिंह, बागपत निवासी सुनील तोमर और अजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अजय और सुनील को जेल भेजा है। होशियार की तलाश की जा रही है।
मोबाइल की मदद से होगी सरगना की तलाश
थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी अजय और सुनील से पूछताछ की थी। मगर, उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि पीड़ितों से संपर्क कर रहे थे। उन्हें सेना में भर्ती कराने का आश्वासन दे रहे थे। इस पर पीड़ितों ने बहाने से दोनों को बुलाया था। सुनील का एक रिश्तेदार सेना में बताया गया है। वही होशियार सिंह के संपर्क में है। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। इन मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। सरगना के बारे में पता किया जाएगा।
सिकंदरा पुलिस ने पकड़ा था गैंग
आंनद इंजीनियरिंग कॉलेज में हाल में सेना भर्ती आयोजित की गई थी। इस भर्ती में भी गैंग सक्रिय था। फर्जी दस्तावेज की मदद से भर्ती होने आए युवाओं के साथ ही गैंग के सदस्य भी पकड़े गए थे। तीन सैन्य कर्मियों के नाम भी सामने आए थे। उनके बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। इससे पहले भी भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गैंग पकड़ा जा चुका है।
मोबाइल की मदद से होगी सरगना की तलाश
थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी अजय और सुनील से पूछताछ की थी। मगर, उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि पीड़ितों से संपर्क कर रहे थे। उन्हें सेना में भर्ती कराने का आश्वासन दे रहे थे। इस पर पीड़ितों ने बहाने से दोनों को बुलाया था। सुनील का एक रिश्तेदार सेना में बताया गया है। वही होशियार सिंह के संपर्क में है। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। इन मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। सरगना के बारे में पता किया जाएगा।
सिकंदरा पुलिस ने पकड़ा था गैंग
आंनद इंजीनियरिंग कॉलेज में हाल में सेना भर्ती आयोजित की गई थी। इस भर्ती में भी गैंग सक्रिय था। फर्जी दस्तावेज की मदद से भर्ती होने आए युवाओं के साथ ही गैंग के सदस्य भी पकड़े गए थे। तीन सैन्य कर्मियों के नाम भी सामने आए थे। उनके बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। इससे पहले भी भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गैंग पकड़ा जा चुका है।