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बदले की आग में ले ली मासूम की जान
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:02 PM IST
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दन्नाहार (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव चौरासी का सात वर्षीय मासूम शिवम चचेरे भाई के प्रतिशोध की भेंट चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की मानें तो वह अपनी मां की मौत का बदला मृतक के पिता से लेना चाहता था। उसने चचेरी बहन की शादी भी तुड़वाने की कोशिश की थी।
थाना क्षेत्र के गांव चौरासी निवासी एबरन सिंह जाटव का सात वर्षीय पुत्र शिवम पांच दिसंबर की शाम घर से लापता हो गया था। अगले दिन उसका शव गांव के समीप झाड़ियों में मिला था। गला घोंटने के साथ ही जमीन पर पटक कर मारा गया था।
इस मामले में मृतक के पिता एबरन सिंह ने गांव निवासी महेंद्र प्रताप उर्फ पिंटू, रिंकू उर्फ प्रशांत और राजू उर्फ राजवीर निवासी गांव बघिरुआ थाना एलाऊ के खिलाफ अगवा कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जुटी थी।
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एएसपी ओमप्रकाशि सिंह ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली की एबरन के बडे़ भाई अशोक कुमार के पुत्र अंकुर ने चचेरी बहन की शादी भी तुड़वाने की कोशिश की थी। इस पर पुलिस ने जब अंकुर से पूछताछ की तो उसने हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।
बताया कि उसकी मां की हत्या चाचा एबरन ने की थी। वह उसका बदला लेना चाहता था। वह एबरन को मारना चाहता था। पर, गुस्से का शिकार शिवम हो गया। शुक्रवार को पुलिस ने लिखा पढ़ी करके अंकुर को जेल भेज दिया है।
गांव चौरासी में सात वर्षीय मासूम शिवम को जहां उसके पिता की करतूत में जान गंवानी पड़ी। वहीं नफरत और शक ने उसकी हत्या के आरोप में चचेरे भाई अंकुर को सलाखों के पीछे भेज दिया। इस घटना की शुरूआत वर्ष 1999 में ही शुरू हो गई थी। जब शिवम के पिता एबरन सिंह एटा में रहकर काम करते थे। साथ ही एबरन सिंह का परिवार की एक महिला से संबंध हो गए थे।
वहीं उसका भाई अशोक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। इसी दौरान अशोक की पत्नी की मौत संदिग्ध हालात में जलने से हो गई थी। उस समय अंकुर महज 11 महीने का था। कम उम्र में मां को खो देने के बाद जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, उसके मन में चाचा एबरन के प्रति नफरत भर गई थी। उसे बताया गया था कि उसकी मां जली नहीं थी बल्कि चाचा एबरन ने उसे जलाकर मार दिया था। तभी से उसमें मन में बदले की भावना भर गई थी।
जवान होने के बाद वह मां की मौत का बदला लेने की तलाश में रहने लगा। साथ ही अंकुर के ही एक युवती से संबंध बन गए थे। इसी बीच पांच दिसंबर को अंकुर चचेरे भाई सात वर्षीय शिवम को दालमोंठ दिलाने के बहाने साथ ले गया।
रास्ते में सुनसान स्थान पर मफलर से गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद शव को झाड़ियों में फेंककर भाग गया था। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर आरोपी भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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थाना क्षेत्र के गांव चौरासी निवासी एबरन सिंह जाटव का सात वर्षीय पुत्र शिवम पांच दिसंबर की शाम घर से लापता हो गया था। अगले दिन उसका शव गांव के समीप झाड़ियों में मिला था। गला घोंटने के साथ ही जमीन पर पटक कर मारा गया था।
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इस मामले में मृतक के पिता एबरन सिंह ने गांव निवासी महेंद्र प्रताप उर्फ पिंटू, रिंकू उर्फ प्रशांत और राजू उर्फ राजवीर निवासी गांव बघिरुआ थाना एलाऊ के खिलाफ अगवा कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जुटी थी।
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एएसपी ओमप्रकाशि सिंह ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली की एबरन के बडे़ भाई अशोक कुमार के पुत्र अंकुर ने चचेरी बहन की शादी भी तुड़वाने की कोशिश की थी। इस पर पुलिस ने जब अंकुर से पूछताछ की तो उसने हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।
बताया कि उसकी मां की हत्या चाचा एबरन ने की थी। वह उसका बदला लेना चाहता था। वह एबरन को मारना चाहता था। पर, गुस्से का शिकार शिवम हो गया। शुक्रवार को पुलिस ने लिखा पढ़ी करके अंकुर को जेल भेज दिया है।
गांव चौरासी में सात वर्षीय मासूम शिवम को जहां उसके पिता की करतूत में जान गंवानी पड़ी। वहीं नफरत और शक ने उसकी हत्या के आरोप में चचेरे भाई अंकुर को सलाखों के पीछे भेज दिया। इस घटना की शुरूआत वर्ष 1999 में ही शुरू हो गई थी। जब शिवम के पिता एबरन सिंह एटा में रहकर काम करते थे। साथ ही एबरन सिंह का परिवार की एक महिला से संबंध हो गए थे।
वहीं उसका भाई अशोक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। इसी दौरान अशोक की पत्नी की मौत संदिग्ध हालात में जलने से हो गई थी। उस समय अंकुर महज 11 महीने का था। कम उम्र में मां को खो देने के बाद जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, उसके मन में चाचा एबरन के प्रति नफरत भर गई थी। उसे बताया गया था कि उसकी मां जली नहीं थी बल्कि चाचा एबरन ने उसे जलाकर मार दिया था। तभी से उसमें मन में बदले की भावना भर गई थी।
जवान होने के बाद वह मां की मौत का बदला लेने की तलाश में रहने लगा। साथ ही अंकुर के ही एक युवती से संबंध बन गए थे। इसी बीच पांच दिसंबर को अंकुर चचेरे भाई सात वर्षीय शिवम को दालमोंठ दिलाने के बहाने साथ ले गया।
रास्ते में सुनसान स्थान पर मफलर से गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद शव को झाड़ियों में फेंककर भाग गया था। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर आरोपी भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।