{"_id":"5942c1784f1c1bdb568b4678","slug":"71497547128-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी और ससुर से दुखी था व्यापारी, दे दी अपनी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पत्नी और ससुर से दुखी था व्यापारी, दे दी अपनी जान
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
Demo Pic
- फोटो : demo
वृंदावन। नगर के अनाजमंडी क्षेत्र में किराना व्यापारी ने बुधवार रात जहर खा लिया। गंभीर हालत में व्यापारी को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, इसके बाद नयति अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सुबह उसकी मौत हो गई।
व्यापारी ने सुइसाइड नोट में अपनी मौत के लिए पत्नी और ससुर को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के पिता के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नगर के अनाज मंडी क्षेत्र निवासी और किराना व्यापारी सुरेश चंद्र अग्रवाल के 36 वर्षीय पुत्र विपिन अग्रवाल की शादी कोसीकलां निवासी सतीश चंद्र अग्रवाल की बेटी डौली से 10 वर्ष पूर्व शादी हुई थी। विपिन की दो बेटियां मेघ और विभा हैं।
विज्ञापन
बताया कि डौली अपनी दोनों बेटियों को लेकर पिछले दिनों मायके चली गई। विपिन के ससुराल वाले उसे तरह-तरह की धमकी देते थे। इससे विपिन काफी परेशान रहता था। 14 जून की रात 9 बजे विपिन की तबियत बिगड़ गई तो उसे अस्पताल ले गए जहां से उसे नयति अस्पताल रेफर कर दिया गया सुबह उसकी मौत हो गई। मौत का कारण जहरीले पदार्थ का सेवन बताया है।
उधर, परिजनों को मृतक के बेड के पास मिले सुइसाइड नोट में पत्नी डौली और ससुर सतीश चंद्र को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के पिता सुरेशचंद्र अग्रवाल की तहरीर पर पुलिस ने डौली और उनके पिता सतीश चंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उधर, मृतक के ससुर सतीश चंद्र ने बताया कि विपिन और उसके परिवार के गलत व्यवहार के कारण ही डौली गर्भवती होने के बाद भी मायके में रह रही थी। उसका इलाज भी नहीं कराया जा रहा था, इसीलिए दस दिन पूर्व वह अपनी बेटी को साथ लेकर गए।
सुइसाइड नोट में लिखा भाई-भाभी के हवाले कर दें बेटियां
आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में विपिन कुमार अग्रवाल ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और ससुर को ठहराया है। उसने लिखा है कि दोनाें बेटियाें को उसके बड़े भाई अशोक और भाभी सुनीता के हवाले किया जाए। साथ ही चल-अचल संपत्ति दोनों बेटियों के नाम कर दी जाए। भाई-भाभी को भी उसका कुछ भाग दिया जाए।
विज्ञापन
व्यापारी ने सुइसाइड नोट में अपनी मौत के लिए पत्नी और ससुर को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के पिता के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
नगर के अनाज मंडी क्षेत्र निवासी और किराना व्यापारी सुरेश चंद्र अग्रवाल के 36 वर्षीय पुत्र विपिन अग्रवाल की शादी कोसीकलां निवासी सतीश चंद्र अग्रवाल की बेटी डौली से 10 वर्ष पूर्व शादी हुई थी। विपिन की दो बेटियां मेघ और विभा हैं।
विज्ञापन
बताया कि डौली अपनी दोनों बेटियों को लेकर पिछले दिनों मायके चली गई। विपिन के ससुराल वाले उसे तरह-तरह की धमकी देते थे। इससे विपिन काफी परेशान रहता था। 14 जून की रात 9 बजे विपिन की तबियत बिगड़ गई तो उसे अस्पताल ले गए जहां से उसे नयति अस्पताल रेफर कर दिया गया सुबह उसकी मौत हो गई। मौत का कारण जहरीले पदार्थ का सेवन बताया है।
उधर, परिजनों को मृतक के बेड के पास मिले सुइसाइड नोट में पत्नी डौली और ससुर सतीश चंद्र को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के पिता सुरेशचंद्र अग्रवाल की तहरीर पर पुलिस ने डौली और उनके पिता सतीश चंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उधर, मृतक के ससुर सतीश चंद्र ने बताया कि विपिन और उसके परिवार के गलत व्यवहार के कारण ही डौली गर्भवती होने के बाद भी मायके में रह रही थी। उसका इलाज भी नहीं कराया जा रहा था, इसीलिए दस दिन पूर्व वह अपनी बेटी को साथ लेकर गए।
सुइसाइड नोट में लिखा भाई-भाभी के हवाले कर दें बेटियां
आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में विपिन कुमार अग्रवाल ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और ससुर को ठहराया है। उसने लिखा है कि दोनाें बेटियाें को उसके बड़े भाई अशोक और भाभी सुनीता के हवाले किया जाए। साथ ही चल-अचल संपत्ति दोनों बेटियों के नाम कर दी जाए। भाई-भाभी को भी उसका कुछ भाग दिया जाए।