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मातमी चीखों से गूंजा मोहल्ला चौधरी
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:46 PM IST
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मैनपुरी-भोगांव। फर्रुखाबाद में हवन कुंड विसर्जन के दौरान गंगा नदी में डूबने से दो भाइयों की मौत के बाद शव जब मोहल्ला चौधरी पहुंचे तो मोहल्ला मातमी चीखों से गूंज उठा। सगे भाइयों की अर्थी घर से एक साथ उठी तो हर एक शख्स की आंखों से आंसू बह निकले। रविवार को हुई इस हृदय विदारक घटना के बाद मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।
थाना क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी में कथा आयोजन के बाद रविवार को लोग हवन कुंड को फर्रुखाबाद में गंगा नदी में सिराने के लिए गए थे। मोहल्ला निवासी राधे उर्फ राधकिशन शाक्य के तीन पुत्र शिवा (19), आशीष (17) और जतिन (15) भी साथ गए थे। वहां जब एक भाई नदी में डूबने लगा तो दो भाई जान की परवाह किए बगैर बचाने के लिए कूद गए। एक भाई तो बच गया मगर जतिन और शिवा की डूबने से मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी होने के बाद घर में कोहराम मच गया।
वहीं परिजन व रिश्तेदार शव लेने के लिए फर्रुखाबाद रवाना हो गए थे। रविवार देर रात शव मोहल्ला चौधरी पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम थीं। रात के सन्नाटे में सिर्फ मातमी चीखें ही सुनाई दे रहीं थीं। रात भर घर में कोहराम की स्थिति बनी रही। एक ही घर में दो सगे भाइयों की मौत से हर कोई दुखी नजर आ रहा था। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
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जब दोनों के शव ले जाए जा रहे थे तो मां और पिता होशहवास खोकर बेहोश हो गए। उन्हें वहां मौजूद लोगों ने बमुश्किल संभाला। दोनों भाइयों के शव काली मंदिर के पास स्थित खेतों में गड्ढा खोदकर दफनाए गए। अंतिम संस्कार के समय विधायक प्रतिनिधि अंकुर अग्निहोत्री, डाक्टर मनोज दीक्षित, जलज सक्सेना, सुरेंद्र चौहान, रावल सिंह यादव, सूरज बौद्घ, सुमित शाक्य समेत सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद रहे।
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थाना क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी में कथा आयोजन के बाद रविवार को लोग हवन कुंड को फर्रुखाबाद में गंगा नदी में सिराने के लिए गए थे। मोहल्ला निवासी राधे उर्फ राधकिशन शाक्य के तीन पुत्र शिवा (19), आशीष (17) और जतिन (15) भी साथ गए थे। वहां जब एक भाई नदी में डूबने लगा तो दो भाई जान की परवाह किए बगैर बचाने के लिए कूद गए। एक भाई तो बच गया मगर जतिन और शिवा की डूबने से मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी होने के बाद घर में कोहराम मच गया।
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वहीं परिजन व रिश्तेदार शव लेने के लिए फर्रुखाबाद रवाना हो गए थे। रविवार देर रात शव मोहल्ला चौधरी पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम थीं। रात के सन्नाटे में सिर्फ मातमी चीखें ही सुनाई दे रहीं थीं। रात भर घर में कोहराम की स्थिति बनी रही। एक ही घर में दो सगे भाइयों की मौत से हर कोई दुखी नजर आ रहा था। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
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जब दोनों के शव ले जाए जा रहे थे तो मां और पिता होशहवास खोकर बेहोश हो गए। उन्हें वहां मौजूद लोगों ने बमुश्किल संभाला। दोनों भाइयों के शव काली मंदिर के पास स्थित खेतों में गड्ढा खोदकर दफनाए गए। अंतिम संस्कार के समय विधायक प्रतिनिधि अंकुर अग्निहोत्री, डाक्टर मनोज दीक्षित, जलज सक्सेना, सुरेंद्र चौहान, रावल सिंह यादव, सूरज बौद्घ, सुमित शाक्य समेत सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद रहे।