{"_id":"585ad73c4f1c1b774fe3ae35","slug":"20leks","type":"story","status":"publish","title_hn":"साधन सहकारी समिति मनिया में 20 लाख का घपला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साधन सहकारी समिति मनिया में 20 लाख का घपला
साधन सहकारी समिति मनिया में 20 लाख का घपला
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:55 AM IST
विज्ञापन
साधन सहकारी समिति मनिया में 20 लाख का घपला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्लाक अकोला के साधन सहकारी समिति मनिया के सचिव और अकाउंटेंट पर दस्तावेजों में हेराफेरी कर 20 लाख रुपये का घपला करने का आरोप लगाया गया है।
समिति के अध्यक्ष हरवीर सिंह ने सचिव जयप्रकाश और अकाउंटेंट रमेश पर किसानों से ऋण वसूली में दस्तावेजों का उलट फेर कर घपले का आरोप लगाते हुए शिकायत जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष की है। उन्होंने अपर जिला सहकारी अधिकारी आगरा देवेन्द्र प्रताप सिंह और उपमहाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक उमेश कुमार को जांच के लिए बुधवार को मनिया समिति पर भेजा। वहां उन्हें समिति पर ताला लगा मिला। अपर जिला सहकारी अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसान बद्रीप्रसाद, ज्योति प्रसाद, छत्रपाल, रामवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, महाराज सिंह आदि पर ऋण बकाया बताया गया है। वहीं, किसानों ने ऋण समय पर जमा करने की बात कही है। उनका कहना है कि ऋण जमा करने के बाद मिली रसीदें उनके पास हैं।
घपले की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में किसान समिति पर पहुंच गये। वहां उन्होंने जमकर हंगामा किया। बताया कि आरोपी सचिव और अकाउंटेंट पर 2014 में भी घपले का आरोप साबित हुआ था। तब उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। किसानों ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। रालोद के जिलाध्यक्ष बृजेश चाहर ने कहा कि किसानों की कमाई का एक-एक रुपया कर्मचारियों से वसूल किया जाएगा।
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष हरवीर सिंह ने सचिव जयप्रकाश और अकाउंटेंट रमेश पर किसानों से ऋण वसूली में दस्तावेजों का उलट फेर कर घपले का आरोप लगाते हुए शिकायत जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष की है। उन्होंने अपर जिला सहकारी अधिकारी आगरा देवेन्द्र प्रताप सिंह और उपमहाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक उमेश कुमार को जांच के लिए बुधवार को मनिया समिति पर भेजा। वहां उन्हें समिति पर ताला लगा मिला। अपर जिला सहकारी अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसान बद्रीप्रसाद, ज्योति प्रसाद, छत्रपाल, रामवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, महाराज सिंह आदि पर ऋण बकाया बताया गया है। वहीं, किसानों ने ऋण समय पर जमा करने की बात कही है। उनका कहना है कि ऋण जमा करने के बाद मिली रसीदें उनके पास हैं।
घपले की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में किसान समिति पर पहुंच गये। वहां उन्होंने जमकर हंगामा किया। बताया कि आरोपी सचिव और अकाउंटेंट पर 2014 में भी घपले का आरोप साबित हुआ था। तब उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। किसानों ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। रालोद के जिलाध्यक्ष बृजेश चाहर ने कहा कि किसानों की कमाई का एक-एक रुपया कर्मचारियों से वसूल किया जाएगा।
विज्ञापन