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खुफिया विभाग जांच करने पहुंचा खेड़ा महान
Updated Wed, 25 Apr 2018 11:04 PM IST
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बरनाहल। गांव खेड़ा महान में लोगों को बरगलाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आने के बाद बुधवार को खुफिया विभाग की टीम जांच करने पहुंची। धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों से जानकारी लिए जाने के साथ ही ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई। थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा महान में एक परिवार के छह सदस्य ईसाई धर्म अपना चुके हैं। वहीं गांव में धर्म परिवर्तन कराने वाले विदेशी लोग सक्रिय हैं। जो कि भोले भाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं।
बुधवार को अमर उजाला के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद खुफिया विभाग की टीम जांच करने पहुंची। धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि महिला सहित पांच लोगों का एक दल गांव में अक्सर आता रहता है। मीठेपुर का एक व्यक्ति विदेशी लोगों की बात को हिंदी में लोगों को समझाता है। भीमसेन वाल्मीकि और उनके घर के छह सदस्य ईसाई धर्म अपना चुके हैं।
काफी देर तक छानबीन करने के बाद खुफिया विभाग की टीम वापस लौट गई। वहीं हिंदूवादी संगठन के किसी भी व्यक्ति के गांव न पहुंचना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। गांव खेड़ा महान के बाद खुफिया विभाग की टीम करहल क्षेत्र के गांव मीठेपुर गई। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ विदेशी किराए के मकान में रह रहे हैं। वहां भी कई परिवार धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। गांव निवासी धर्मेंद्र के घर में विदेशी रह रहे हैं।
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मकान मालिक धर्मेंद्र का परिवार भी ईसाई धर्म अपना चुका है। विदेशी महिला बताई जा रही जौली टूटी फूटी हिंदी बोल लेती है। बात करने पर उसने बताया कि हम लोग अपने धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। अपने धर्म के बारे में हम लोगों को बताते है। जो लोग स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाते है उन्हें हम लोग धर्म परिवर्तन करवा देते हैं। उसने खुद को मिजोरम का रहने वाला बताया।
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बुधवार को अमर उजाला के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद खुफिया विभाग की टीम जांच करने पहुंची। धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि महिला सहित पांच लोगों का एक दल गांव में अक्सर आता रहता है। मीठेपुर का एक व्यक्ति विदेशी लोगों की बात को हिंदी में लोगों को समझाता है। भीमसेन वाल्मीकि और उनके घर के छह सदस्य ईसाई धर्म अपना चुके हैं।
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काफी देर तक छानबीन करने के बाद खुफिया विभाग की टीम वापस लौट गई। वहीं हिंदूवादी संगठन के किसी भी व्यक्ति के गांव न पहुंचना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। गांव खेड़ा महान के बाद खुफिया विभाग की टीम करहल क्षेत्र के गांव मीठेपुर गई। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ विदेशी किराए के मकान में रह रहे हैं। वहां भी कई परिवार धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। गांव निवासी धर्मेंद्र के घर में विदेशी रह रहे हैं।
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मकान मालिक धर्मेंद्र का परिवार भी ईसाई धर्म अपना चुका है। विदेशी महिला बताई जा रही जौली टूटी फूटी हिंदी बोल लेती है। बात करने पर उसने बताया कि हम लोग अपने धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। अपने धर्म के बारे में हम लोगों को बताते है। जो लोग स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाते है उन्हें हम लोग धर्म परिवर्तन करवा देते हैं। उसने खुद को मिजोरम का रहने वाला बताया।