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नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों की हर रोज होगी सुनवाई
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:49 PM IST
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मैनपुरी। नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों की जल्द ही हर रोज सुनवाई होगी। पीड़िता को समय से न्याय मिले इसके लिए मुकदमे लंबित नहीं किए जाएंगे। जो मामले लंबित हैं उनकी केस स्टडी निकलवाई जा रही है। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने वाले मामलों में पुलिस को जल्द ही जांच पूरी करके अंतिम आख्या कोर्ट में भेजनी होगी।
बिलंव होने की स्थिति में विवेचना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुकदमे की सुनवाई में अब देरी नहीं होगी। नाबालिग से दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या के मामलों में पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट और शासन के निर्देश के बाद अब सरकारी वकील पीड़ित पक्ष की गवाही हर हाल में तय तारीख पर कराएंगे।
गवाह पर जिरह करने के लिए आरोपी के वकील को बेवजह समय नहीं दिया जाएगा। मुकदमा लटकाने की मंशा जाहिर होने पर जिरह का मौका भी समाप्त किया जा सकेगा। इस तरह के मुकदमों के लिए बनाई जाने वाली विशेष अदालत में सुनवाई हर रोज होगी। जिला जज ने इस तरह के मुकदमों के निस्तारण में न्यायिक अधिकारियों को गंभीरता बरतकर न्यायिक कार्यवाही में शीघ्रता करने को कहा है।
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सत्र न्यायालयों में नाबालिग से दुष्कर्म के 12 मुकदमे लंबित हैं। नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के दीवानी न्यायालय में सात मुकदमे लंबित हैं। सभी लंबित मामलों की सुनवाई करके शीघ्र निस्तारित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकारी वकीलों को इस तरह के मुकदमों में गंभीरता बरतने की हिदायत दी गई है।
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बिलंव होने की स्थिति में विवेचना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुकदमे की सुनवाई में अब देरी नहीं होगी। नाबालिग से दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या के मामलों में पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट और शासन के निर्देश के बाद अब सरकारी वकील पीड़ित पक्ष की गवाही हर हाल में तय तारीख पर कराएंगे।
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गवाह पर जिरह करने के लिए आरोपी के वकील को बेवजह समय नहीं दिया जाएगा। मुकदमा लटकाने की मंशा जाहिर होने पर जिरह का मौका भी समाप्त किया जा सकेगा। इस तरह के मुकदमों के लिए बनाई जाने वाली विशेष अदालत में सुनवाई हर रोज होगी। जिला जज ने इस तरह के मुकदमों के निस्तारण में न्यायिक अधिकारियों को गंभीरता बरतकर न्यायिक कार्यवाही में शीघ्रता करने को कहा है।
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सत्र न्यायालयों में नाबालिग से दुष्कर्म के 12 मुकदमे लंबित हैं। नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के दीवानी न्यायालय में सात मुकदमे लंबित हैं। सभी लंबित मामलों की सुनवाई करके शीघ्र निस्तारित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकारी वकीलों को इस तरह के मुकदमों में गंभीरता बरतने की हिदायत दी गई है।