फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   2.75 करोड़ की धोखाधड़ी

गिरधर इंफ्राबिल्ड के निदेशकों ने की 2.75 करोड़ की धोखाधड़ी

Thu, 17 Aug 2017 01:48 PM IST
Updated Thu, 17 Aug 2017 01:48 PM IST
विज्ञापन
2.75 करोड़ की धोखाधड़ी
Fraud
आगरा। ताजगंज के कहरई मोड़ स्थित बेशकीमती जमीन का बैनामा कराने के बाद उसके मालिक को भुगतान नहीं किया गया। दो साल पहले बैनामा कराने के बाद भी 2.75 करोड़ रुपये नहीं देने पर भूस्वामी ने गिरधर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों डा. हरेंद्र प्रताप मोहनियां और नूतन गुप्ता के खिलाफ थाना ताजगंज में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन


गुलमोहर एन्क्लेव, शमसाबाद रोड निवासी विष्णु प्रकाश रावत का प्रापर्टी का व्यवसाय है। उन्होंने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि कहरई मोड़ पर उनकी पांच हजार वर्ग गज पुश्तैनी जमीन थी। रुपयों की जरूरत पड़ने पर नवंबर 2015 में जमीन का सौदा गिरधर इन्फ्राबिल्ड के निदेशकों से 2.75 करोड़ रुपये में किया।
विज्ञापन


बैनामा करने के तीन से चार माह के भीतर भुगतान किया जाना था। मगर, षड्यंत्र के तहत बैनामा के बाद 16 चेक दिए गए, जिनमें 2021 से 2026 की तारीख अंकित थी। जब चेकों पर इतने लंबे समय बाद भुगतान किए जाने की तारीख अंकित करने की जानकारी हुई तो उन्होंने तगादा किया और चेक वापस करने को कहा। इस पर डाक्टर मोहनियां ने कहा कि एक अन्य जमीन को बेचा है, जिसकी धनराशि मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद उक्त कंपनी के निदेशक लगातार कभी नोटबंदी लागू होने और कभी भुगतान नहीं मिलने की बात कहकर टालमटोल करते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप है कि निदेशक डा. हरेंद्र प्रताप मोहनियां और नूतन गुप्ता ने विष्णु रावत से ही 22 लाख रुपये देकर स्टांप लगवा दिए। अब उक्त लोग इस जमीन का सौदा करना चाहते हैं। जमीन वापस करने की कहने पर डाक्टर ने धमकाया कि वह गायत्री बिल्डर्स के साथ कई प्रोजेक्ट कर रहा है और उसे जान से मरवा देगा। इस संबंध में डा. हरेंद्र प्रताप मोहनियां और नूतन गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।


भरोसा करना भारी पड़ा
विष्णु रावत का कहना है कि हरेंद्र प्रताप मोहनियां से उनके पारिवारिक संबंध थे। इसलिए ही उन पर विश्वास कर लिया था। उनकी जमीन चली और रुपये भी नहीं मिल पाए हैं। 15 दिन पहले एसएसपी से शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद दो दिन पहले मुकदमा दर्ज किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed