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अफसर के रिश्तेदार के अड्डे से 11 जुआरी पकड़े
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 14 Nov 2015 01:19 AM IST
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कारगिल चौराहे स्थित पुष्पांजलि विहार कालोनी में रहने वाला एक आईएएस का रिश्तेदार संजय सिंह फ्लैट में नाल पर जुआ करवा रहा था। थाना सिकंदरा पुलिस ने गुरुवार की रात को फ्लैट पर छापा मारकर संजय सिंह समेत 11 लोगों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार कर लिया। फड़ से 4.28 लाख रुपये बरामद हुए।
पकड़े गए जुआरियों में बिल्डर और व्यापारिक घरानों के लोग शामिल हैं। हाई प्रोफाइल जुआ पकड़ते ही पुलिस अधिकारियों पर सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। हवालात में पहुंचते ही संजय सिंह की हालत बिगड़ गई। पुलिस की मानें तो हृदय रोगी होने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जुआरियों के खिलाफ 3/4 जुआ अधिनियम मेें कार्रवाई की गई।
सिकंदरा थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष सुभाष सिंह कठेरिया ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर एसएसपी की अनुमति लेकर पुष्पांजलि विहार कालोनी के फ्लैट नंबर 18 में छापा मारा गया। वहां लोगों ने बताया कि संजय सिंह नाल पर जुआ कराता है। वह एक आईएएस अधिकारी का रिश्तेदार है।
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यह अधिकारी आजकल पूर्व उत्तर प्रदेश के एक जिले में कलक्टर है। प्रोन्नत आईएएस अधिकारी आगरा में भी तैनात रह चुके हैं। पुलिस ने फ्लैट में जुआ खेलते हुए संजय सिंह के साथ पुष्पांजलि विहार के दिनेश सिंह, रोहिणी रायल रेजीडेंसी, पश्चिमपुरी के सुशील अग्रवाल, पुष्पांजलि विहार के बिल्डर हरेंद्र सिंह, जवाहपुरम जगदीशपुरा के अजय कुमार, मनु विहार, मारुति स्टेट निवासी मूलचंद्र नथानी, गढ़ी भदौरिया जगदीशपुरा के धर्मेंद्र शर्मा, शमसाबाद के मान सिंह, प्रेम नगर जगदीशपुरा के चंद्र कुमार पटेल, महावन मथुरा के विष्णु कुमार, जवाहरपुरम, जगदीशपुरा के अंशू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जुए की फड़ से 4.28 लाख रुपये बरामद किए। संजय सिंह के पास से ब्रेसलेट, दो सोने की अंगूठी, चेन और दस हजार रुपये बरामद किए।
हवालात में जाते ही निकल गई हेकड़ी
हवालात में जाते ही संजय सिंह की हेकड़ी निकल गई। आईएएस अफसर की सिफारिश भी काम न आई और अंतत: उसे जेल जाना पड़ा। अफसर का रिश्तेदार होने का न सिर्फ रौब गालिब किया बल्कि छापा मारने गए पुलिस दल से उसने बदसलूकी की। यही वजह रही कि स्थानीय पुलिस अफसरों ने भी एक न सुनी।
पुष्पांजलि विहार में फ्लैट में जुआ पकड़ने के बाद पुलिस जब आरोपियों को थाने लेकर आई तो सिफारिशी फोन काल्स का तांता लग गया। अधिकारियों पर दबाव बढ़ने लगा। इसके बाद संजय सिंह की रात करीब एक बजे हालत बिगड़ने लगी। उसे हवालात में पसीना आने लगा। उसके घरवालों ने बताया कि हृदय रोगी है।
वर्ष 2009 से ही इलाज चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उसने आईएएस का रिश्तेदार होने का रौब गालिब किया। सिफारिशें भी हुईं पर काम नहीं आईं। अंतत: उसे जेल की हवा खानी ही पड़ी। कार्यवाहक थानाध्यक्ष ने बताया कि संजय की एंजियोप्लास्टी हो चुकी है। डाक्टर की सलाह के बाद ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जुआरियों के थाने पहुंचते ही सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। अधिकारियों के पास फोन पहुंचने शुरू हो गए। थाने पर बिल्डर और व्यापारियों का जमघट लग गया। थाने से जमानत देने की बात होने लगी पर मामला सिर्फ जुए का नहीं पुलिस से बदसलूकी का भी था। स्थानीय बडे़ अफसर भी काफी नाराज थे। ऐसे में पुलिस ने धारा 3/4 जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया। देर रात में संजय सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुुुुुलिस ने बताया कि सभी जुआरियों को शुक्रवार को जेल भेजा गया है।
क्या है धारा 3/4
बंद कमरे में धन कमाने के लिए नाल पर कराए जुआ कराने पर जुआ अधिनियम की धारा 3/4 लगाई जाती है। इसमें सात साल से कम की सजा है, लेकिन सेशन ट्रायल केस होने के कारण जुआ अधिनियम में पुलिस थाने से जमानत नहीं देती है। यही कारण रहा कि हाई प्रोफाइल जुआरियों को भी थाने से नहीं छोड़ा जा सका। वहीं 13 गैंबलिंग एक्ट में अधिकतम छह माह की सजा है। अमूमन ये धारा खुले स्थान पर जुआ खेलते हुए पकड़े जाने पर लगाई जाती है।
पुलिस लगाएगी गैंगस्टर
आईएएस अधिकारी के रिश्तेदार संजय सिंह समेत अन्य जुआरियों के खिलाफ गैंगस्टर भी लगाया जा सकता है। अमूमन संगठित अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करती है।
कालोनी के लोग भी थे परेशान
पुलिस सूत्रों की मानें तो आईएएस अधिकारी के रिश्तेदार संजय सिंह के फ्लैट में जुआ कराए जाने की सूचना कालोनी के लोगों ने ही पहुंचाई। बताते हैं कि कालोनी के लोग भी उसके खिलाफ मुंह नहीं खोल पाते थे।
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पकड़े गए जुआरियों में बिल्डर और व्यापारिक घरानों के लोग शामिल हैं। हाई प्रोफाइल जुआ पकड़ते ही पुलिस अधिकारियों पर सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। हवालात में पहुंचते ही संजय सिंह की हालत बिगड़ गई। पुलिस की मानें तो हृदय रोगी होने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जुआरियों के खिलाफ 3/4 जुआ अधिनियम मेें कार्रवाई की गई।
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सिकंदरा थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष सुभाष सिंह कठेरिया ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर एसएसपी की अनुमति लेकर पुष्पांजलि विहार कालोनी के फ्लैट नंबर 18 में छापा मारा गया। वहां लोगों ने बताया कि संजय सिंह नाल पर जुआ कराता है। वह एक आईएएस अधिकारी का रिश्तेदार है।
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यह अधिकारी आजकल पूर्व उत्तर प्रदेश के एक जिले में कलक्टर है। प्रोन्नत आईएएस अधिकारी आगरा में भी तैनात रह चुके हैं। पुलिस ने फ्लैट में जुआ खेलते हुए संजय सिंह के साथ पुष्पांजलि विहार के दिनेश सिंह, रोहिणी रायल रेजीडेंसी, पश्चिमपुरी के सुशील अग्रवाल, पुष्पांजलि विहार के बिल्डर हरेंद्र सिंह, जवाहपुरम जगदीशपुरा के अजय कुमार, मनु विहार, मारुति स्टेट निवासी मूलचंद्र नथानी, गढ़ी भदौरिया जगदीशपुरा के धर्मेंद्र शर्मा, शमसाबाद के मान सिंह, प्रेम नगर जगदीशपुरा के चंद्र कुमार पटेल, महावन मथुरा के विष्णु कुमार, जवाहरपुरम, जगदीशपुरा के अंशू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जुए की फड़ से 4.28 लाख रुपये बरामद किए। संजय सिंह के पास से ब्रेसलेट, दो सोने की अंगूठी, चेन और दस हजार रुपये बरामद किए।
हवालात में जाते ही निकल गई हेकड़ी
हवालात में जाते ही संजय सिंह की हेकड़ी निकल गई। आईएएस अफसर की सिफारिश भी काम न आई और अंतत: उसे जेल जाना पड़ा। अफसर का रिश्तेदार होने का न सिर्फ रौब गालिब किया बल्कि छापा मारने गए पुलिस दल से उसने बदसलूकी की। यही वजह रही कि स्थानीय पुलिस अफसरों ने भी एक न सुनी।
पुष्पांजलि विहार में फ्लैट में जुआ पकड़ने के बाद पुलिस जब आरोपियों को थाने लेकर आई तो सिफारिशी फोन काल्स का तांता लग गया। अधिकारियों पर दबाव बढ़ने लगा। इसके बाद संजय सिंह की रात करीब एक बजे हालत बिगड़ने लगी। उसे हवालात में पसीना आने लगा। उसके घरवालों ने बताया कि हृदय रोगी है।
वर्ष 2009 से ही इलाज चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उसने आईएएस का रिश्तेदार होने का रौब गालिब किया। सिफारिशें भी हुईं पर काम नहीं आईं। अंतत: उसे जेल की हवा खानी ही पड़ी। कार्यवाहक थानाध्यक्ष ने बताया कि संजय की एंजियोप्लास्टी हो चुकी है। डाक्टर की सलाह के बाद ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जुआरियों के थाने पहुंचते ही सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। अधिकारियों के पास फोन पहुंचने शुरू हो गए। थाने पर बिल्डर और व्यापारियों का जमघट लग गया। थाने से जमानत देने की बात होने लगी पर मामला सिर्फ जुए का नहीं पुलिस से बदसलूकी का भी था। स्थानीय बडे़ अफसर भी काफी नाराज थे। ऐसे में पुलिस ने धारा 3/4 जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया। देर रात में संजय सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुुुुुलिस ने बताया कि सभी जुआरियों को शुक्रवार को जेल भेजा गया है।
क्या है धारा 3/4
बंद कमरे में धन कमाने के लिए नाल पर कराए जुआ कराने पर जुआ अधिनियम की धारा 3/4 लगाई जाती है। इसमें सात साल से कम की सजा है, लेकिन सेशन ट्रायल केस होने के कारण जुआ अधिनियम में पुलिस थाने से जमानत नहीं देती है। यही कारण रहा कि हाई प्रोफाइल जुआरियों को भी थाने से नहीं छोड़ा जा सका। वहीं 13 गैंबलिंग एक्ट में अधिकतम छह माह की सजा है। अमूमन ये धारा खुले स्थान पर जुआ खेलते हुए पकड़े जाने पर लगाई जाती है।
पुलिस लगाएगी गैंगस्टर
आईएएस अधिकारी के रिश्तेदार संजय सिंह समेत अन्य जुआरियों के खिलाफ गैंगस्टर भी लगाया जा सकता है। अमूमन संगठित अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करती है।
कालोनी के लोग भी थे परेशान
पुलिस सूत्रों की मानें तो आईएएस अधिकारी के रिश्तेदार संजय सिंह के फ्लैट में जुआ कराए जाने की सूचना कालोनी के लोगों ने ही पहुंचाई। बताते हैं कि कालोनी के लोग भी उसके खिलाफ मुंह नहीं खोल पाते थे।