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हत्यारे पिता-पुत्र सहित पांच को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में पांच साल पहले बालिका की अपहरण के बाद हत्या करके शव छिपाने के मामले में पिता-पुत्र सहित पांच लोगों को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। स्पेशल जज रेप एंड पॉक्सो एक्ट प्रथम अनीता ने सजा सुनाने के बाद पांचों को जेल भेजा है।
थाना बेवर क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी दिलशाद अली की साढ़े तीन साल की पुत्री फलक 23 नवंबर 2015 को घर से मदरसा में पढ़ने गई थी। जब वह रात तक नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसको तलाश किया। पता नहीं चलने पर गमशुदगी दर्ज कराई। 25 नवंबर को शौकत अली मार्केट में बालिका का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। दिलशाद ने मोहल्ले के ही जलालउद्दीन, उनके पुत्र अफसर अली, आबिद अली, चांद मियां और हज्जू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज रेप एंड पॉक्सो एक्ट अनीता की कोर्ट में हुई। वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने पांचों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उनको एक राय होकर बालिका की अपहरण के बाद हत्या कर शव छिपाने का दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, बालिका के पिता की ओर से अमित मिश्रा और सुभाष शाक्य एडवोकेट ने पैरवी की। स्पेशल जज रेप एंड पॉक्सो एक्ट प्रथम अनीता ने पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद पांचों को अदालत से जेल भेज दिया गया है।
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हर तारीख पर अदालत पहुंचा पिता
बालिका की अपहरण के बाद हत्या करके शव छिपाने के मामले में बालिका के पिता ने अदालत में जमकर पैरवी की। हर तारीख पर वह अदालत पहुंचा। बालिका के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए अदालत में खुद तय तारीख पर गवाही दी। अन्य गवाहों की भी समय से अदालत में गवाही कराई। बालिका के हत्यारों को सजा होने के बाद बालिका के परिवार के लोग खुशी जताते नजर आए।
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पीड़ित परिवार को मिलेंगे 1.77 लाख रुपये
बालिका के हत्यारों पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने बताया स्पेशल जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि बालिका के माता पिता को दी जाएगी। बालिका के माता पिता को एक लाख 77 हजार 500 रुपये प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।
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थाना बेवर क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी दिलशाद अली की साढ़े तीन साल की पुत्री फलक 23 नवंबर 2015 को घर से मदरसा में पढ़ने गई थी। जब वह रात तक नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसको तलाश किया। पता नहीं चलने पर गमशुदगी दर्ज कराई। 25 नवंबर को शौकत अली मार्केट में बालिका का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। दिलशाद ने मोहल्ले के ही जलालउद्दीन, उनके पुत्र अफसर अली, आबिद अली, चांद मियां और हज्जू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज रेप एंड पॉक्सो एक्ट अनीता की कोर्ट में हुई। वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने पांचों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उनको एक राय होकर बालिका की अपहरण के बाद हत्या कर शव छिपाने का दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, बालिका के पिता की ओर से अमित मिश्रा और सुभाष शाक्य एडवोकेट ने पैरवी की। स्पेशल जज रेप एंड पॉक्सो एक्ट प्रथम अनीता ने पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद पांचों को अदालत से जेल भेज दिया गया है।
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हर तारीख पर अदालत पहुंचा पिता
बालिका की अपहरण के बाद हत्या करके शव छिपाने के मामले में बालिका के पिता ने अदालत में जमकर पैरवी की। हर तारीख पर वह अदालत पहुंचा। बालिका के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए अदालत में खुद तय तारीख पर गवाही दी। अन्य गवाहों की भी समय से अदालत में गवाही कराई। बालिका के हत्यारों को सजा होने के बाद बालिका के परिवार के लोग खुशी जताते नजर आए।
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पीड़ित परिवार को मिलेंगे 1.77 लाख रुपये
बालिका के हत्यारों पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने बताया स्पेशल जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि बालिका के माता पिता को दी जाएगी। बालिका के माता पिता को एक लाख 77 हजार 500 रुपये प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।