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निजी स्कूल के शिक्षक ने वायरल किया था बीएसए का फर्जी आदेश
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कासगंज। बीएसए के हस्ताक्षर से शीतलहर का अवकाश का फर्जी पत्र वायरल करने के मामले में जांच आगे बढ़ाई गई है। अब तक हुई जांच में पाया गया है कि बीएसए के हस्ताक्षर का यह फर्जी आदेश पटियाली के शिक्षक ने तैयार कर वायरल किया था। जांच टीम नाम, पते की जानकारी कर रही है। सबकुछ स्पष्ट होते ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
बुधवार देर रात बीएसए अंजली अग्रवाल के हस्ताक्षर से एक शीतलहर अवकाश का फर्जी आदेश वायरल हुआ था। जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक यह आदेश पहुंचा तो खलबली मच गई। डीएम ने जांच के आदेश जारी किए। मामले में बीएसए अंजली अग्रवाल ने जांच शुरू की। पाया गया है कि यह आदेश पटियाली के एक निजी स्कूल के शिक्षक ने वायरल किया था।
उस शिक्षक के बारे में जांच टीम विस्तृत जानकारी कर रही है। जैसे ही टीम नाम पता स्पष्टकर जांच पूरी कर लेगी तो शिक्षा विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही जांच से शिक्षकों में खलबली है। शिक्षकों को यह भी डर सता रहा है कि आदेश को फॉरवर्ड करने के मामले में कहीं कोई कार्रवाई न हो जाए।
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बुधवार देर रात बीएसए अंजली अग्रवाल के हस्ताक्षर से एक शीतलहर अवकाश का फर्जी आदेश वायरल हुआ था। जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक यह आदेश पहुंचा तो खलबली मच गई। डीएम ने जांच के आदेश जारी किए। मामले में बीएसए अंजली अग्रवाल ने जांच शुरू की। पाया गया है कि यह आदेश पटियाली के एक निजी स्कूल के शिक्षक ने वायरल किया था।
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उस शिक्षक के बारे में जांच टीम विस्तृत जानकारी कर रही है। जैसे ही टीम नाम पता स्पष्टकर जांच पूरी कर लेगी तो शिक्षा विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही जांच से शिक्षकों में खलबली है। शिक्षकों को यह भी डर सता रहा है कि आदेश को फॉरवर्ड करने के मामले में कहीं कोई कार्रवाई न हो जाए।
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