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जेल में की गई थी छोटू के साथ मारपीट
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22एमएनपी-23-किशनी के गांव महगवां में बंदी की मौत के बाद शोक में डूबे परिजन
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। किशनी क्षेत्र के गांव महिगवां निवासी छोटू के साथ मारपीट जेल में की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बंदीरक्षकों और लंबरदारों द्वारा मारपीट करने का दावा किया है। जांचकर्ता इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
महिगवां निवासी छोटू उर्फ विनय व उसके भाई ब्रजेश को पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री के मामले में जेल भेजा था। शनिवार को जिला कारागार में छोटू की मौत हो गई थी। परिजनों ने किशनी थाने के दरोगा पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
एसपी अजय शंकर राय ने दरोगा सोनपाल को लाइन हाजिर कर दिया था। जांचकर्ता इंस्पेक्टर ओमहरि वाजपेई ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में ये बात साबित हो गई है कि बंदी के साथ मारपीट बंदीरक्षकों और लंबरदारों ने की है। जांच के बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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बंदी छोटू का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया था। पैनल में वह डॉक्टर भी शामिल थे, जिसने बंदी का जिला जेल में इलाज किया था। इधर, सीएमओ का कहना है कि जेल में तैनात डॉक्टर अशोक कुमार की पूर्व में निर्धारित पोस्टमार्टम ड्यूटी थी। पैनल में उनके साथ सीनियर डॉक्टर संजीव राय बहादुर शामिल थे।
जिला कारागार में निरुद्ध बंदी की मौत मारपीट के कारण लीवर फटने और शरीर के अंदर रक्त का रिसाव होने से हुई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ था।
गांव महिगवां निवासी छोटू की जिला कारागार में मौत के बाद सोमवार को घर में सांत्वना देने वाले लोग आते-जाते रहे। इस बीच मृतक की पत्नी सुधा गुमसुम बनी हुई है। पत्नी व मां ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। परिजनों ने मांग की है कि मृतक की पत्नी के सामने दो बच्चों के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन आर्थिक सहायता प्रदान करे, जिससे वह बच्चों का भरण पोषण कर सके। सोमवार शाम मृतक की पत्नी की हालत खराब होने की सूचना पर सीएचसी से फार्मासिस्ट ताराचंद्र टीम के साथ पहुंचे और चेकअप किया। उधर, घटना के बाद से ही गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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महिगवां निवासी छोटू उर्फ विनय व उसके भाई ब्रजेश को पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री के मामले में जेल भेजा था। शनिवार को जिला कारागार में छोटू की मौत हो गई थी। परिजनों ने किशनी थाने के दरोगा पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
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एसपी अजय शंकर राय ने दरोगा सोनपाल को लाइन हाजिर कर दिया था। जांचकर्ता इंस्पेक्टर ओमहरि वाजपेई ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में ये बात साबित हो गई है कि बंदी के साथ मारपीट बंदीरक्षकों और लंबरदारों ने की है। जांच के बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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बंदी छोटू का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया था। पैनल में वह डॉक्टर भी शामिल थे, जिसने बंदी का जिला जेल में इलाज किया था। इधर, सीएमओ का कहना है कि जेल में तैनात डॉक्टर अशोक कुमार की पूर्व में निर्धारित पोस्टमार्टम ड्यूटी थी। पैनल में उनके साथ सीनियर डॉक्टर संजीव राय बहादुर शामिल थे।
जिला कारागार में निरुद्ध बंदी की मौत मारपीट के कारण लीवर फटने और शरीर के अंदर रक्त का रिसाव होने से हुई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ था।
गांव महिगवां निवासी छोटू की जिला कारागार में मौत के बाद सोमवार को घर में सांत्वना देने वाले लोग आते-जाते रहे। इस बीच मृतक की पत्नी सुधा गुमसुम बनी हुई है। पत्नी व मां ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। परिजनों ने मांग की है कि मृतक की पत्नी के सामने दो बच्चों के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन आर्थिक सहायता प्रदान करे, जिससे वह बच्चों का भरण पोषण कर सके। सोमवार शाम मृतक की पत्नी की हालत खराब होने की सूचना पर सीएचसी से फार्मासिस्ट ताराचंद्र टीम के साथ पहुंचे और चेकअप किया। उधर, घटना के बाद से ही गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।