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आल इंडिया टी-20 डे-नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में आगरा के खिलाड़ियों की अनदेखी
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 11 Jun 2015 02:06 AM IST
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छह से नौ जून तक चले आल इंडिया टी-20 डे-नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट दर्शकों के लिहाज से हिट जरूर रहा है, लेकिन खेल और खिलाड़ियों के नजरिए से इसकी आलोचना भी हो रही है। वरिष्ठ खिलाड़ियों और खेल संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने इस आयोजन को व्यवसायिक करार दिया है। उनका कहना है कि इसमें खेल और खिलाड़ियों के हितों को दरकिनार कर दिया गया। खासतौर पर आगरा के खिलाड़ियों का ध्यान नहीं रखा गया।
सन् 1992 तक हुए अखिल भारतीय शहीद स्मृति टूर्नामेंट को आज भी याद किया जाता था। उसमें तमाम भारतीय और रणजी टीम के खिलाड़ी खेलते थे। आगरा जिले की एक टीम बनती थी। उसमें शामिल होने के लिए खिलाड़ी कड़ी मेहनत करते थे। उनको स्तरीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता था। वहीं टी-20 डे-नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में आगरा के इक्का-दुक्का खिलाड़ियों को ही टीम इंडिया और आईपीएल खिलाड़ियों के साथ खेलने को मौका मिला। जबकि छवि ज्वैलर्स, मधुर कूरियर आगरा की टीमें थीं। छवि ज्वैलर्स में 10 खिलाड़ी बाहर के थे तो मधुर कूरियर की टीम में भी तकरीबन सात बाहर के खिलाड़ियों को जगह दे दी गई। बाकी टूर्नामेंट में इन दोनों टीमों में आगरा के ही खिलाड़ी खेलते हैं और मैच जीताते भी हैं। प्रयास के बाद भी जीडी गोयंका और राधाबल्लभ की टीमें इस टूर्नामेंट में एंट्री नहीं पा सकीं।
शहर के खिलाड़ियों को मौका न देना निराशाजनक
आगरा का नाम रोशन करने वाले रणजी खिलाड़ी दीपक चाहर और केके उपाध्याय का टूर्नामेंट न खेलना और उभरती खिलाड़ियों को मौका न देना निराशाजनक है। अखिल भारतीय शहीद स्मृति टूर्नामेंट में रणजी और भारतीय टीम के खिलाड़ी खेलते थे। एक टीम आगरा के अच्छे खिलाड़ियों की बनाई जाती थी। उनमें से कई खिलाड़ियों ने रणजी खेला।
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- केके शर्मा
पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर
टूर्नामेंट पूरी तरह प्रोफेशनल
बेशक टूर्नामेंट बड़ा है, लेकिन यह पूरी तरह से प्रोफेशनल है। इसमें आगरा के खिलाड़ियों को फायदा नहीं है। इस तरह के आयोजन में आगरा की उभरती प्रतिभाओं को मौका देना चाहिए। यदि इसमें खेलने के बाद कोई क्रिकेटर रणजी या आईपीएल खेलता है तो आयोजन खेल और खिलाड़ी के हित में होगा।
- कैलाश नाथ टंडन
यूपीसीए के उपाध्यक्ष
एक चौथाई नामी खिलाड़ी भी नहीं पहुंचे
आगरा। आयोजन की ब्रांडिंग के लिए भारतीय टीम और आईपीएल के खिलाड़ियों के नाम को इस्तेमाल किया गया। आयोजन समिति ने टूर्नामेंट में करीब दो दर्जन भारतीय टीम और आईपीएल के खिलाड़ियों के आने की संभावना जताई थी। इसमें अमित मिश्रा, सौरभ तिवारी, उन्मुक्त चंद आदि शामिल थे। महज सात-आठ खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट खेला।
मैच के बाद फायरिंग की रही चर्चा
सोमवार रात दूसरा मैच खत्म होने के बाद आगरा कालेज मैदान में सट्टे को लेकर दो गुटों के बीच हुई फायरिंग की चर्चा जोरों पर रहीं। मैदान पर कई राउंड गोलियां चलीं। चर्चा रही कि टूर्नामेंट के मैचों में सट्टे को लेकर दोनों गुटों में विवाद हुआ था।
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सन् 1992 तक हुए अखिल भारतीय शहीद स्मृति टूर्नामेंट को आज भी याद किया जाता था। उसमें तमाम भारतीय और रणजी टीम के खिलाड़ी खेलते थे। आगरा जिले की एक टीम बनती थी। उसमें शामिल होने के लिए खिलाड़ी कड़ी मेहनत करते थे। उनको स्तरीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता था। वहीं टी-20 डे-नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में आगरा के इक्का-दुक्का खिलाड़ियों को ही टीम इंडिया और आईपीएल खिलाड़ियों के साथ खेलने को मौका मिला। जबकि छवि ज्वैलर्स, मधुर कूरियर आगरा की टीमें थीं। छवि ज्वैलर्स में 10 खिलाड़ी बाहर के थे तो मधुर कूरियर की टीम में भी तकरीबन सात बाहर के खिलाड़ियों को जगह दे दी गई। बाकी टूर्नामेंट में इन दोनों टीमों में आगरा के ही खिलाड़ी खेलते हैं और मैच जीताते भी हैं। प्रयास के बाद भी जीडी गोयंका और राधाबल्लभ की टीमें इस टूर्नामेंट में एंट्री नहीं पा सकीं।
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शहर के खिलाड़ियों को मौका न देना निराशाजनक
आगरा का नाम रोशन करने वाले रणजी खिलाड़ी दीपक चाहर और केके उपाध्याय का टूर्नामेंट न खेलना और उभरती खिलाड़ियों को मौका न देना निराशाजनक है। अखिल भारतीय शहीद स्मृति टूर्नामेंट में रणजी और भारतीय टीम के खिलाड़ी खेलते थे। एक टीम आगरा के अच्छे खिलाड़ियों की बनाई जाती थी। उनमें से कई खिलाड़ियों ने रणजी खेला।
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- केके शर्मा
पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर
टूर्नामेंट पूरी तरह प्रोफेशनल
बेशक टूर्नामेंट बड़ा है, लेकिन यह पूरी तरह से प्रोफेशनल है। इसमें आगरा के खिलाड़ियों को फायदा नहीं है। इस तरह के आयोजन में आगरा की उभरती प्रतिभाओं को मौका देना चाहिए। यदि इसमें खेलने के बाद कोई क्रिकेटर रणजी या आईपीएल खेलता है तो आयोजन खेल और खिलाड़ी के हित में होगा।
- कैलाश नाथ टंडन
यूपीसीए के उपाध्यक्ष
एक चौथाई नामी खिलाड़ी भी नहीं पहुंचे
आगरा। आयोजन की ब्रांडिंग के लिए भारतीय टीम और आईपीएल के खिलाड़ियों के नाम को इस्तेमाल किया गया। आयोजन समिति ने टूर्नामेंट में करीब दो दर्जन भारतीय टीम और आईपीएल के खिलाड़ियों के आने की संभावना जताई थी। इसमें अमित मिश्रा, सौरभ तिवारी, उन्मुक्त चंद आदि शामिल थे। महज सात-आठ खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट खेला।
मैच के बाद फायरिंग की रही चर्चा
सोमवार रात दूसरा मैच खत्म होने के बाद आगरा कालेज मैदान में सट्टे को लेकर दो गुटों के बीच हुई फायरिंग की चर्चा जोरों पर रहीं। मैदान पर कई राउंड गोलियां चलीं। चर्चा रही कि टूर्नामेंट के मैचों में सट्टे को लेकर दोनों गुटों में विवाद हुआ था।