{"_id":"65d961267615e01b9409bb1f","slug":"crazy-anger-nine-cars-were-burnt-with-lighter-house-where-such-a-flag-was-found-became-the-target-2024-02-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लाइटर से जला दीं नौ कारें: गुस्सा किस पर था? कार या वजह कुछ और... जिस घर मिला ऐसा झंडा वही बना निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाइटर से जला दीं नौ कारें: गुस्सा किस पर था? कार या वजह कुछ और... जिस घर मिला ऐसा झंडा वही बना निशाना
Sat, 24 Feb 2024 10:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 24 Feb 2024 10:14 AM IST
सार
पानीपत के व्यक्ति ने शाहगंज के मुरली विहार में 15 स्थानों पर आगजनी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी जुबैर मानसिक बीमार लग रहा है।
विज्ञापन
कार में आग लगाता युवक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के मुरली विहार (शाहगंज) में बृहस्पतिवार देर रात पानीपत के 55 वर्षीय व्यक्ति ने आगजनी कर दहशत फैला दी। एक के बाद एक नौ कारों में आग लगा दी। झोपड़ी और खोखा भी फूंक दिया। दो बगीचों की जाली, लकड़ी और भूसे की टाल तक को जला डाला। लपटें उठने पर लोग घरों से बाहर आ गए। आरोपी की तलाश की। पुलिस भी पहुंच गई। बाद में आरोपी को पकड़ लिया।
विज्ञापन
लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन घरों को निशाना बना रहा था, जहां पर धार्मिक झंडे लगाए गए थे। इससे माहौल खराब कराने की कोशिश की गई। आरोपी से स्थानीय पुलिस के साथ ही एटीएस, एलआईयू और एसटीएफ ने भी पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि आरोपी जुबैर मानसिक बीमार लग रहा है। पूछताछ में ज्यादा कुछ नहीं बता सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुरली विहार निवासी गजेंद्र सिंह चौहान की कार बृहस्पतिवार रात को घर के बाहर खड़ी थी। रात तकरीबन 1:57 बजे अचानक कार का सिक्योरिटी अलार्म बजने लगा। आवाज सुनकर परिवार के लोग जाग गए। चोरों के आने की आशंका पर घर के बाहर आ गए। मगर, कार के बोनट से लपटें निकल रही थीं। परिजन ने शोर मचाया। इस पर पड़ोसी आ गए। पानी डालकर आग बुझाई। कुछ ही मिनट बाद कॉलोनी के अधिवक्ता योगेश बघेल और चंद्रकांत उप्रैती के घर के बाहर खड़ी कारों में आग लग गई। यह देखकर लोग दहशत में आ गए।
प्रदीप कुमार अग्रवाल, चंद्रकांत उप्रैती, प्रदीप अग्रवाल, अतुल दुबे, अजीत सिंह, सुनील शर्मा की कारें भी इसी तरह जलने लगीं। एक के बाद एक वाहनों में आग की घटना से काॅलोनी में अफरातफरी मच गई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने काॅलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। बाद में आरोपी को पकड़ लिया गया। उसे थाने ले जाकर पूछताछ की। एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि आरोपी पानीपत के माॅडल टाउन थाना क्षेत्र स्थित गंगाराम काॅलोनी निवासी जुबैर है। उससे पूछताछ की गई है।
तीन कारें हो गईं खाक
अधिवक्ता योगेश बघेल, बलवीर सिंह पौनिया, पीसी चतुर्वेदी, अतुल कुमार दुबे, प्रदीप कुमार अग्रवाल, अजीत सिंह, चंद्रकांत उप्रैती, गजेंद्र सिंह चौहान और सुनील शर्मा की कार में आग लगाई। याेगेश बघेल, प्रदीप कुमार और चंद्रकांत उप्रैती की कार पूरी तरह से जल गईं। बाकी का कुछ हिस्सा जला। इसके अलावा जयवीर सिंह के घर के गेट पर रखीं लकड़ियों, राजकुमार अग्रवाल की भूसे की टाल, किशन सिंह का रेलवे लाइन के किनारे रखे खोखे, सड़क किनारे रहने वाले परिवार की झोपड़ी, रमेश चाहर सहित दो के घरों के सामने लगी बगीचों की जाली में आग लगा दी।
अधिवक्ता योगेश बघेल, बलवीर सिंह पौनिया, पीसी चतुर्वेदी, अतुल कुमार दुबे, प्रदीप कुमार अग्रवाल, अजीत सिंह, चंद्रकांत उप्रैती, गजेंद्र सिंह चौहान और सुनील शर्मा की कार में आग लगाई। याेगेश बघेल, प्रदीप कुमार और चंद्रकांत उप्रैती की कार पूरी तरह से जल गईं। बाकी का कुछ हिस्सा जला। इसके अलावा जयवीर सिंह के घर के गेट पर रखीं लकड़ियों, राजकुमार अग्रवाल की भूसे की टाल, किशन सिंह का रेलवे लाइन के किनारे रखे खोखे, सड़क किनारे रहने वाले परिवार की झोपड़ी, रमेश चाहर सहित दो के घरों के सामने लगी बगीचों की जाली में आग लगा दी।
सवाल
- आरोप है कि आरोपी ने उन्हीं घरों के वाहनों में आग लगाई, जिनमें धार्मिक झंडा लगा था। जिन पर झंडे नहीं थे, उनके वाहनों को छोड़ दिया।
- जिन वाहनों में आग लगाई, वह दूर-दूर खड़े हुए थे। आरोपी आग लगाने में 1 मिनट से कम समय ले रहा था। सिर्फ लाइटर से इतनी जल्दी आग नहीं लग सकती है।
- आरोपी बार-बार अपने बयान बदल रहा था। कभी कह रहा था वह गुस्से में आ गया था। कभी कह रहा था कि वह जीना नहीं चाहता है। सवाल उठता है कि गुस्से में आने की बात कर रहा है तो आत्महत्या की बात क्यों कर रहा था।
- आरोप है कि आरोपी ने उन्हीं घरों के वाहनों में आग लगाई, जिनमें धार्मिक झंडा लगा था। जिन पर झंडे नहीं थे, उनके वाहनों को छोड़ दिया।
- जिन वाहनों में आग लगाई, वह दूर-दूर खड़े हुए थे। आरोपी आग लगाने में 1 मिनट से कम समय ले रहा था। सिर्फ लाइटर से इतनी जल्दी आग नहीं लग सकती है।
- आरोपी बार-बार अपने बयान बदल रहा था। कभी कह रहा था वह गुस्से में आ गया था। कभी कह रहा था कि वह जीना नहीं चाहता है। सवाल उठता है कि गुस्से में आने की बात कर रहा है तो आत्महत्या की बात क्यों कर रहा था।