फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   craze of kulkulbazi is going down

सिर्फ यादों में रह जाएगी कुलकुलबाजी

Tue, 29 Dec 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Tue, 29 Dec 2015 02:21 AM IST
विज्ञापन
craze of kulkulbazi is going down
जिस प्रशासन ने 2005 में कुलकुलबाजी को दोबारा शुरू कराया था, उसी की वजह से ये पुरानी परंपरा दम तोड़ गई। प्रशासन के उपेक्षात्मक रवैये के कारण उस्तादों ने 30 दिसंबर तक के सभी मुकाबले रद कर दिए हैं। आगे भी कोई मुकाबला न करने का निर्णय लिया है। कुलकुलबाजी अब यादों में सिमट कर रह जाएगी।
विज्ञापन


मुगलकालीन परंपरा को सहेजने के लिए किसी भी स्तर पर कोई कोशिश नहीं की गई। उस्ताद अपने स्तर से इसे बचाने में लगे हुए थे। हर साल अलग-अलग मैदानों में कुलकुलबाजी का आयोजन होता था। इस साल भी 25-26 दिसंबर को कुबेरपुर और यमुना एक्सप्रेस वे के पास कुलकुलबाजी हुई। 27 दिसंबर को सौ फुटा रोड पर मुकाबला होना था, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इसलिए पुलिस प्रशासन ने मुकाबला बंद करा दिया गया।
विज्ञापन

कुलकुलबाजी के उस्ताद दिनेश का कहना है कि महीने भर पहले से प्रशासन के चक्कर लगाए। एसपी सिटी के यहां से अनुमति मिल गई, लेकिन एडीएम सिटी के आफिस ने नहीं दी। हमारे पास और कोई स्थान नहीं था इसलिए सौ फुटा रोड गए। हर साल प्रशासन का यही रवैया रहता है। इसलिए हम लोगों ने फैसला किया है कि अब कुलकुलबाजी खत्म कर दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुलकुलबाजी 31 साल पहले बंद हो गई थी। सन् 2005 में जिलाधिकारी ने शासन के आदेश पर ताजमहल की सालगिरह के उपलक्ष्य में महताब बाग में कुलकुलबाजी कराई थी। उसके बाद यह परंपरा दोबारा शुरू हो गई पर प्रशासन ने कोई सहयोग नहीं दिया।
कुलकुलबाजी की परंपरा मुगल काल से चली आ रही है। जनकवि नजीर अकबराबादी ने भी अपनी कविताओं में आगरा की कुलकुलबाजी का वर्णन किया है।


कुलकुलबाजी के दौरान कई कबूतर घायल हो जाते हैं। इसलिए पूर्व के आदेशों को देखते हुए ही कुलकुलबाजी को फिर से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
- राजेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed