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किसानों ने स्कूल में बंद किया गोवंश, अधिकारियों ने कराया बंधन मुक्त
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कासगंज पटियाली के नगला बैरू में गोवंशों को प्राथमिक विद्यालय से निकलवाती पुलिस
- फोटो : KASGANJ
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पटियाली (कासगंज)। गोवंश को बंधक बनाने का सिलसिला जारी है। रविवार को पटियाली के नगला बैरू में किसानों ने खेतों में विचरण कर रहे गोवंश को घेरकर सरकारी स्कूल में बंद कर दिया। सूचना पर पुलिस प्रशासन के अफसर पहुंच गए। प्रशासन का मानना है कि पड़ोसी जिले के किसान दूसरे जिले से गोवंश को कासगंज क्षेत्र की ओर दौड़ा रहे हैं।
डीएम ने निगरानी के लिए विकासखंड के अफसरों और सीमावर्ती गांव के प्रधानों को जिम्मेदारी सौंप दी है। रविवार सुबह नगला बैरू के आसपास खेतों में तमाम गोवंश विचरण कर रहे थे। किसानों ने देखा कि गोवंश फसलों को बरबाद कर रहे हैं। किसानों ने टोली बनाकर गोवंश की घेराबंदी शुरू कर दी। गोवंश को घेरते हुए किसान गांव की ओर ले आए और सरकारी स्कूल का दरवाजा खोलकर गोवंश को बंद दिया।
सूचना मिली तो प्रशासनऔर पशु चिकित्सा विभाग में खलबली मच गई। तहसील पटियाली के अधिकारी भी पहुंच गए और गोवंश को मुक्त कराकर पिथनपुर की गोशाला में भेज दिया। तहसीलदार तिमराज सिंह ने बताया कि गोवंश मुक्त कराकर पिथनपुर गोशाला भेज दिया है।
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प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि फर्रुखाबाद, बदायूं, अलीगढ़, एटा जिले के सीमावर्ती इलाके के किसान गोवंशों को घेरकर कासगंज जिले की सीमा में दौड़ा रहे हैं, जिससे रातों-रात गोवंश खेतों में पहुंचकर फसलों को बरबाद कर देते हैं। प्रशासन ने इसकी निगरानी के लिए भी योजना बनाई है।
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डीएम ने निगरानी के लिए विकासखंड के अफसरों और सीमावर्ती गांव के प्रधानों को जिम्मेदारी सौंप दी है। रविवार सुबह नगला बैरू के आसपास खेतों में तमाम गोवंश विचरण कर रहे थे। किसानों ने देखा कि गोवंश फसलों को बरबाद कर रहे हैं। किसानों ने टोली बनाकर गोवंश की घेराबंदी शुरू कर दी। गोवंश को घेरते हुए किसान गांव की ओर ले आए और सरकारी स्कूल का दरवाजा खोलकर गोवंश को बंद दिया।
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सूचना मिली तो प्रशासनऔर पशु चिकित्सा विभाग में खलबली मच गई। तहसील पटियाली के अधिकारी भी पहुंच गए और गोवंश को मुक्त कराकर पिथनपुर की गोशाला में भेज दिया। तहसीलदार तिमराज सिंह ने बताया कि गोवंश मुक्त कराकर पिथनपुर गोशाला भेज दिया है।
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प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि फर्रुखाबाद, बदायूं, अलीगढ़, एटा जिले के सीमावर्ती इलाके के किसान गोवंशों को घेरकर कासगंज जिले की सीमा में दौड़ा रहे हैं, जिससे रातों-रात गोवंश खेतों में पहुंचकर फसलों को बरबाद कर देते हैं। प्रशासन ने इसकी निगरानी के लिए भी योजना बनाई है।