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अपराजिता: महामारी की रोकथाम को नारी शक्ति लगा रही दम, जनता की सुरक्षा की चिंता
Wed, 22 Apr 2020 05:13 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Apr 2020 05:13 PM IST
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मैनपुरी की महिला सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
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कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए नारी शक्ति पूरा दम लगा रही है। कोरोना के खतरे के बीच अपनों से दूर रहकर सड़कों पर तेज धूप के बीच ड्यूटी कर रहीं महिला सिपाही अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभा रही हैं।
अमर उजाला ने मंगलवार को उनसे बात की तो उनके चेहरे पर समाजसेवा का जज्बा दिखा। उन्होंने कहा कि आज समाज पहले है, परिवार बाद में। हम दिन रात ड्यूटी इसलिए कर रहे हैं, जिससे मैनपुरी के लोग कोरोना के खतरे से सुरक्षित रहें।
परिजनों के आते हैं फोन, लेकिन कर्तव्य पालन जरूरी
करहल चौराहे पर तेज धूप के बीच अपनी जिम्मेदारी निभा रहीं कांस्टेबल शांति विश्वकर्मा का कहना था कि परिजनों के रोज फोन आते हैं। उन्हें भरोसा देती हूं कि मैं ठीक हूं। इस महामारी के बीच समाजसेवा करने में किसी प्रकार का भय नहीं दिख रहा। लोगों को घरों में रहने के लिए कहा जा रहा है।
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अमर उजाला ने मंगलवार को उनसे बात की तो उनके चेहरे पर समाजसेवा का जज्बा दिखा। उन्होंने कहा कि आज समाज पहले है, परिवार बाद में। हम दिन रात ड्यूटी इसलिए कर रहे हैं, जिससे मैनपुरी के लोग कोरोना के खतरे से सुरक्षित रहें।
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परिजनों के आते हैं फोन, लेकिन कर्तव्य पालन जरूरी
करहल चौराहे पर तेज धूप के बीच अपनी जिम्मेदारी निभा रहीं कांस्टेबल शांति विश्वकर्मा का कहना था कि परिजनों के रोज फोन आते हैं। उन्हें भरोसा देती हूं कि मैं ठीक हूं। इस महामारी के बीच समाजसेवा करने में किसी प्रकार का भय नहीं दिख रहा। लोगों को घरों में रहने के लिए कहा जा रहा है।
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लोगों को समझाने में आती है मुश्किल
कृष्णानगर के सामने वाली गली में ड्यूटी पर तैनात रश्मि यादव का कहना था कि महामारी के बीच लोगों को घरों में रोकना कठिन कार्य है। कभी-कभी लोग भला बुरा भी कहते हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें घरों में रोकना ही पड़ता है। संकट के इस समय में कुछ लोग समझदारी दिखाते हुए आसानी से बात मान जाते हैं, जबकि कुछ को समझाया मुश्किल होता है।
करनी पड़ती है कभी-कभी सख्ती
स्टेशन के पास ड्यूटी कर रहीं कुसुम वर्मा का कहना है कि पास के मोहल्ले में कोरोना पॉजिटिव है। ऐसे में जिम्मेदारी है कि यहां के लोग घरों से न निकल पाएं। घर से फोन आते हैं कि अपना ख्याल रखना। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए लोगों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। कभी-कभी लोगों को धमकाना भी पड़ता है। देश हित में यह सब नौकरी का हिस्सा बन गया है।
कृष्णानगर के सामने वाली गली में ड्यूटी पर तैनात रश्मि यादव का कहना था कि महामारी के बीच लोगों को घरों में रोकना कठिन कार्य है। कभी-कभी लोग भला बुरा भी कहते हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें घरों में रोकना ही पड़ता है। संकट के इस समय में कुछ लोग समझदारी दिखाते हुए आसानी से बात मान जाते हैं, जबकि कुछ को समझाया मुश्किल होता है।
करनी पड़ती है कभी-कभी सख्ती
स्टेशन के पास ड्यूटी कर रहीं कुसुम वर्मा का कहना है कि पास के मोहल्ले में कोरोना पॉजिटिव है। ऐसे में जिम्मेदारी है कि यहां के लोग घरों से न निकल पाएं। घर से फोन आते हैं कि अपना ख्याल रखना। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए लोगों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। कभी-कभी लोगों को धमकाना भी पड़ता है। देश हित में यह सब नौकरी का हिस्सा बन गया है।
लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी खुशी
रघुराजपुरी के पास ड्यूटी दे रहीं प्रियंका कुमारी का कहना था कि दो महीने पहले ही शादी हुई है। छुट्टी पर जाना था, लेकिन देश मेंमहामारी ने दस्तक दे दी। पति से फोन पर ही बात होती है। शादी की खुशी से बड़ी जनसेवा की खुशी है। लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसमें हर सभंव योगदान दे रही हैं।
रघुराजपुरी के पास ड्यूटी दे रहीं प्रियंका कुमारी का कहना था कि दो महीने पहले ही शादी हुई है। छुट्टी पर जाना था, लेकिन देश मेंमहामारी ने दस्तक दे दी। पति से फोन पर ही बात होती है। शादी की खुशी से बड़ी जनसेवा की खुशी है। लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसमें हर सभंव योगदान दे रही हैं।