फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Court Takes Strict Action: SHO Ordered to Pay 4500 Compensation for Witness Inconvenience

UP: साक्षी को हुई परेशानी पर कोर्ट सख्त, थानाध्यक्ष पर लगा 4500 रुपये का हर्जाना; जानें पूरा मामला

Sat, 04 Apr 2026 12:12 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 04 Apr 2026 12:12 PM IST
सार

अदालत ने साक्षी को हुई परेशानी पर सख्ती दिखाते हुए थानाध्यक्ष को 4500 रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया। बरामद सामान पेश न होने से गवाही टल गई, अब अगली सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।
 

विज्ञापन
Court Takes Strict Action: SHO Ordered to Pay 4500 Compensation for Witness Inconvenience
agra police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में हत्या की कोशिश के मुकदमे की फर्द बरामदगी में दर्शित सामान को थानाध्यक्ष छत्ता ने अदालत में पेश नहीं किया। इस वजह से अभियोजन साक्षी सेवानिवृत्त निरीक्षक पुष्पेंद्र पाल सिंह की गवाही दर्ज नहीं हो सकी। एडीजे-13 महेश चंद्र वर्मा ने साक्षी के आने-जाने के खर्च की भरपाई के 4500 रुपये थानाध्यक्ष छत्ता से पुलिस आयुक्त को वसूलने के आदेश दे दिए। बृहस्पतिवार को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन


यह मामला वर्ष 2015 में हत्या की कोशिश के तहत थाना छत्ता में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। 30 मार्च को अदालत में सुनवाई हुई तो अभियुक्त रविंद्र, राजेश और वीरू उपस्थित थे। भोलू की तरफ से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र लगा था। अभियोजन साक्षी सेवानिवृत्त निरीक्षक पुष्पेंद्र पाल सिंह गवाही देने झांसी से आए थे। वह लगभग 90 किलोमीटर दूर गांव बमौर से यात्रा करके पहुंचे थे।
विज्ञापन


थानाध्यक्ष छत्ता ने फर्द बरामदगी में दर्शित सामान अदालत में पेश नहीं किया गया। इस वजह से उनकी गवाही दर्ज नहीं हुई। साक्षी पुष्पेंद्र पाल सिंह ने अदालत में बताया आने-जाने में लगभग 1400 रुपये का किराया और तीन दिनों के अन्य खर्चों को मिलाकर कुल 4500 रुपये का अनुमानित खर्चा हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए अपर जिला महेश चंद्र वर्मा ने पुलिस कमिश्नरेट को आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने थानाध्यक्ष छत्ता से साक्षी को हुए नुकसान की भरपाई के 4500 रुपये वसूलकर बृहस्पतिवार से पहले अदालत में जमा कराएं। पुलिस कमिश्नर को यह भी निर्देशित किया गया है कि थानाध्यक्ष छत्ता को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि हर स्थिति में सुबह 10:30 बजे तक वांछित बरामद माल साक्ष्य हेतु अदालत में करें।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed