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UP: पति के खिलाफ जिस सिपाही की मदद से दर्ज कराई शिकायत, उसने ही लूट ली आबरू; दोषी को कोर्ट ने सुनाई सजा
Tue, 16 Jul 2024 02:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 16 Jul 2024 02:08 PM IST
सार
पति के खिलाफ हत्या की कोशिश और अन्य धाराओं में विवाहिता ने सिपाही की मदद से मुकदमा लिखाया था। लेकिन बाद में सिपाही ने भी उसे नहीं छोड़ा। पीड़िता से सिपाही ने दुष्कर्म किया। कोर्ट ने इस मामले के दोषी सिपाही को सात साल की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
आगरा कोर्ट ने मैनपुरी निवासी पुलिसकर्मी विमलेश यादव को दुष्कर्म करने का दोषी पाया। उसे 7 साल की कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले में महिला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि 22 नवंबर, 2007 को भूपेश नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था। कुछ समय बाद पति ने विवाद में जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता की शिकायत पर पति भूपेश के खिलाफ हत्या की कोशिश और अन्य धारा में मुकदमा दर्ज हुआ।
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मामले में महिला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि 22 नवंबर, 2007 को भूपेश नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था। कुछ समय बाद पति ने विवाद में जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता की शिकायत पर पति भूपेश के खिलाफ हत्या की कोशिश और अन्य धारा में मुकदमा दर्ज हुआ।
पीड़िता के मोहल्ले में भोगांव, मैनपुरी स्थित गांव शहजादपुर निवासी विमलेश यादव रहता था। वह पुलिस विभाग में तैनात था। वह न्याय दिलाने में मदद की बात कहकर घर आने लगा। मजबूरी का फायदा उठाकर कई बार दुष्कर्म किया। गर्भवती होने पर मारपीट करने लगा। गर्भपात का दबाव बनाया। शिकायत पर अपहरण की धमकी दी।
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शिकायत पर महिला थाने में दुष्कर्म सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से एडीजीसी संतोष भाटी ने पीड़िता, थानाध्यक्ष अलका ठाकुर सहित 5 गवाह अदालत में पेश किए। एडीजे फास्ट ट्रेक कोर्ट मदन मोहन ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं पुलिस कर्मी को दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाते हुए 7 साल कैद और 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।