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जवाहर बाग कांड: एसपी सिटी की हत्या के मुख्य आरोपियों संग पकड़े गए तीन अभियुक्त रिहा
Fri, 27 Sep 2019 12:11 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 27 Sep 2019 12:11 AM IST
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एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी (फाइल फोटो)
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मथुरा के जवाहर बाग कांड में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की हत्या के मुख्य आरोपियों के संग असलहों के साथ मिले 39 अभियुक्तों में से तीन अभियुक्तों की गुरुवार को रिहाई हो गई। अभी तक यह केस न्यायालय तक नहीं पहुंचा है। रिहाई का कारण केस की अधिकतम सजा का समय जेल में ही व्यतीत होना है।
जवाहर बाग में दो जून 2016 को तत्कालीन एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष फरह की हत्या के बाद पुलिस ने 39 ऐसे लोगों को पकड़ा था जो असलहों के साथ थे। इन सभी को पुलिस ने 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजा था। तब से लेकर अब तक उनके केस पर सुनवाई नहीं हो सकी।
गुरुवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने तीन अभियुक्त राधेश्याम, ओमवीर और रामभरोसे उर्फ राम आसरे की रिहाई के लिए जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। जिले की अदालत से यह प्रार्थना पत्र संबंधित कोर्ट एडीजे-षष्टम संजय यादव की अदालत में गया।
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जवाहर बाग में दो जून 2016 को तत्कालीन एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष फरह की हत्या के बाद पुलिस ने 39 ऐसे लोगों को पकड़ा था जो असलहों के साथ थे। इन सभी को पुलिस ने 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजा था। तब से लेकर अब तक उनके केस पर सुनवाई नहीं हो सकी।
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गुरुवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने तीन अभियुक्त राधेश्याम, ओमवीर और रामभरोसे उर्फ राम आसरे की रिहाई के लिए जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। जिले की अदालत से यह प्रार्थना पत्र संबंधित कोर्ट एडीजे-षष्टम संजय यादव की अदालत में गया।
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50-50 हजार मुचलके पर छोड़ने का आदेश
जहां पर न्यायालय ने विभिन्न जेलों में बंद तीनों अभियुक्तों को 50-50 हजार के मुचलकों पर छोड़ने का आदेश दिया है। बता दें कि 3/25 आर्म्स एक्ट में अधिकतम तीन वर्ष का कारावास होता परंतु सभी अभियुक्त तीन वर्ष से अधिक समय से जेल में ही बंद हैं।
इसलिए अधिकतम सजा का समय जेल में बिताने के कारण न्यायालय ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया है। एडीजीसी ऊधम सिंह ने बताया कि इन अभियुक्तों को तीन वर्ष से अधिक समय जेल में बद हुए हो गया था।
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इसलिए अधिकतम सजा का समय जेल में बिताने के कारण न्यायालय ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया है। एडीजीसी ऊधम सिंह ने बताया कि इन अभियुक्तों को तीन वर्ष से अधिक समय जेल में बद हुए हो गया था।
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