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तहसीलदार करहल, घिरोर कोर्ट में तलब
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मैनपुरी। कोर्ट से भेजे गए जमानतगीरों के अभिलेखों का एक महीने बाद भी सत्यापन नहीं करना तहसीलदार करहल और घिरोर को महंगा पड़ा है। अपर जिला शक्ति सिंह ने दोनों को कोर्ट में तलब किया है। सत्यापन नहीं करने के संबंध में 13 मार्च को कोर्ट में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
अपर जिला जज षष्टम शक्ति सिंह की कोर्ट में थाना बरनाहल का एक मामला चल रहा है। इस मामले में पुलिस मुठभेड़ केे दो आरोपी जेल में बंद चल रहे हैं। उनकी जमानत चार फरवरी को कोर्ट से मंजूर हो चुकी है। आरोपियों द्वारा जमानत पाने के लिए जमानतगीरों द्वारा पेश किए गए कागजों को 12 फरवरी को तहसीलदार घिरोर और करहल को सत्यापन करने के लिए भेजा गया है। एक महीने बाद भी तहसीलदार करहल और घिरोर ने जमानतगीरों का सत्यापन करके कोर्ट नहीं भेजा है। बृहस्पतिवार को आरोपियों के वकील द्वारा की गई शिकायत के बाद अपर जिला जज ने तहसीलदार करहल और घिरोर को कोर्ट में तलब किया है। 13 मार्च को कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने केे निर्देश दिए हैं।
यह है मामला
थाना बरनाहल पुलिस ने 22 नवंबर 2016 की रात आठ बजे मुठभेड़ के बाद श्रीचंद्र, इंद्रपाल निवासी हकीमपुर थाना बरनाहल के खिलाफ रात 10:30 बजे पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इंद्रपाल 19 जुलाई 2019 और श्रीचंद्र 19 दिसंबर 2019 से मैनपुरी जेल में बंद हैं।
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दंडादेश पारित करने की चेतावनी
अपर जिला जज शक्ति सिंह ने आदेश में लिखा है तहसीलदार करहल और घिरोर की लापरवाही से दोनों आरोपी जमानत मंजूर होने के बाद भी जेल में बंद हैं। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर दोनों के खिलाफ दंडादेश पारित किया जा सकता है।
इंस्पेक्टर बरनाहल से मांगा स्पष्टीकरण
अपर जिला जज ने इंस्पेक्टर बरनाहल से भी स्पष्टीकरण मांगा है। इंस्पेक्टर को भेजे गए नोटिस में कहा है मुठभेड़ संबंधी मामले में स्पष्टीकरण कोर्ट में प्रस्तुत करें। किन परिस्थितियों में बिना सत्यापन कराए इंस्पेक्टर द्वारा अधूरी आख्या कोर्ट में भेजी गई है।
आरोपियों को दिया गया मौका
अपर जिला जज शक्ति सिंह ने आरोपियों को सहूलियत दी है। आरोपियों केे वकील से कहा है आरोपियों के जमानतगीरों को किसी भी कार्यदिवस में कोर्ट में पेश करें। जिससे जमानतगीरों को सत्यापित करके आरोपियों को अंतरिम जमानत दी जा सके।
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अपर जिला जज षष्टम शक्ति सिंह की कोर्ट में थाना बरनाहल का एक मामला चल रहा है। इस मामले में पुलिस मुठभेड़ केे दो आरोपी जेल में बंद चल रहे हैं। उनकी जमानत चार फरवरी को कोर्ट से मंजूर हो चुकी है। आरोपियों द्वारा जमानत पाने के लिए जमानतगीरों द्वारा पेश किए गए कागजों को 12 फरवरी को तहसीलदार घिरोर और करहल को सत्यापन करने के लिए भेजा गया है। एक महीने बाद भी तहसीलदार करहल और घिरोर ने जमानतगीरों का सत्यापन करके कोर्ट नहीं भेजा है। बृहस्पतिवार को आरोपियों के वकील द्वारा की गई शिकायत के बाद अपर जिला जज ने तहसीलदार करहल और घिरोर को कोर्ट में तलब किया है। 13 मार्च को कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने केे निर्देश दिए हैं।
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यह है मामला
थाना बरनाहल पुलिस ने 22 नवंबर 2016 की रात आठ बजे मुठभेड़ के बाद श्रीचंद्र, इंद्रपाल निवासी हकीमपुर थाना बरनाहल के खिलाफ रात 10:30 बजे पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इंद्रपाल 19 जुलाई 2019 और श्रीचंद्र 19 दिसंबर 2019 से मैनपुरी जेल में बंद हैं।
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दंडादेश पारित करने की चेतावनी
अपर जिला जज शक्ति सिंह ने आदेश में लिखा है तहसीलदार करहल और घिरोर की लापरवाही से दोनों आरोपी जमानत मंजूर होने के बाद भी जेल में बंद हैं। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर दोनों के खिलाफ दंडादेश पारित किया जा सकता है।
इंस्पेक्टर बरनाहल से मांगा स्पष्टीकरण
अपर जिला जज ने इंस्पेक्टर बरनाहल से भी स्पष्टीकरण मांगा है। इंस्पेक्टर को भेजे गए नोटिस में कहा है मुठभेड़ संबंधी मामले में स्पष्टीकरण कोर्ट में प्रस्तुत करें। किन परिस्थितियों में बिना सत्यापन कराए इंस्पेक्टर द्वारा अधूरी आख्या कोर्ट में भेजी गई है।
आरोपियों को दिया गया मौका
अपर जिला जज शक्ति सिंह ने आरोपियों को सहूलियत दी है। आरोपियों केे वकील से कहा है आरोपियों के जमानतगीरों को किसी भी कार्यदिवस में कोर्ट में पेश करें। जिससे जमानतगीरों को सत्यापित करके आरोपियों को अंतरिम जमानत दी जा सके।