फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   court

अपहरण के एक दोषी को सात साल की सजा

Mon, 30 Sep 2019 11:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
court
कासगंज। अपर जिला जल कक्ष संख्या चार विकास गोस्वामी के न्यायालय ने अपहरण के एक मामले में एक दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। जबकि एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया है। अदालत ने दोषी पर 5 हजार का जुर्माना लगाया है, जिसकी आधी धनराशि मुकदमा वादी को दिए जाने के आदेश जारी किए गए।
विज्ञापन

जितेंद्र पुत्र नरेश निवासी रोशन नगर सहावर 7 सितंबर 2012 को नगरिया ब्रांच से रामुधन के साथ अपनी तीन लाख रुपये में बेची गई जमीन का धन निकाल कर लाया। 9 सितंबर 2012 को रामधुन, राजभान, हीरा सिंह उसे घर से बुलाकर ले गए। जब वह काफी देर तक वापस नहीं आया तो परिजनों को उसकी चिंता हुई। परिजनों ने आरोपियों से पूछतांछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसके ताऊ नत्थू सिंह ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद ताऊ ने कोर्ट में मामला दायर कर दिया। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए। पुलिस ने विवेचना में राजभान व हीरा सिंह का नाम निकाल दिया। जबकि विजय को मामले में शामिल कर पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संजीव सिंह यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने रामधुन को अपहरण का दोषी मान लिया। इसके चलते उसे सात साल की सजा सुनाने के साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की आधी धनराशि वादी नत्थू सिंह को दी जाएगी। जबकि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में विजय सिंह को दोष मुक्त कर दिया।
विज्ञापन

हत्या के दोषी को आजीवन कारावासे
कासगंज। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत कुुमार के न्यायालय में हत्या के दोषी को आजीवन कारावास दिया। जबकि एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया गया। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले के दो नाबालिग दोषियों का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

26 मई 2009 का मामला है। राजेंद्र निवासी कल्यानपुर पत्नी कांती देवी के साथ जा रहे थे। जमीनी विवाद में रास्ते में ही कालीचरन, सत्यप्रकाश, मनोज, विनोद ने अपनी लाइसेंसी रायफल और तमंचों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल ने रास्ते में दम तोड़ दिया। कांती देवी ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दायर कर दिया। विनोद व मनोज को बाल अपचारी मानते हुए उनकी पत्रावली अलग कर दी। उनका मामला किशोर न्यायालय भेज दिया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी की। कोर्ट ने सत्यप्रकाश को दोषमुक्त कर दिया। जबकि कालीचरन को हत्या का दोषी मानते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई व एक लाख रुपया जुर्माना लगाया। जबकि धारा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के अधीन दो वर्ष का साधारण कारावास दिया। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को देने के आदेश हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed