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नेताओं ने नहीं दिया वकीलों का साथ
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 07 Feb 2016 02:33 AM IST
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हाईकोर्ट की बेंच के लिए निर्णायक लड़ाई का एलान कर रहे अधिवक्ताओं ने शनिवार को तहसील सदर परिसर में क्रमिक अनशन किया। अनशन स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि आगरा में खंडपीठ की स्थापना न हो पाने के लिए नेता दोषी हैं।
उन्होंने कहा कि आगरा की जनता और अधिवक्ताओं ने खंडपीठ स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया है। आंदोलन में किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। यह आंदोलन बहुत पहले ही जनांदोलन बन गया था लेकिन जनप्रतिनिधियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये की वजह से यहां खंडपीठ की स्थापना नहीं हो पाई है। केंद्रीय मंत्री संजीव वालियान और बीके सिंह खुलेआम मेरठ की वकालत कर रहे हैं लेकिन हमारे यहां के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। आठ फरवरी को वकील कमिश्नरी में प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को धरने में कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत, अरुण सोलंकी, लोकेंद्र शर्मा, विजय पाल सिंह चौहान, बृज किशोर लवानिया, लालबहादुर सिंह, अशोक चौबे, राजीव उपाध्याय, अनिल तिवारी, ओपी सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, हेमंत दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आगरा की जनता और अधिवक्ताओं ने खंडपीठ स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया है। आंदोलन में किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। यह आंदोलन बहुत पहले ही जनांदोलन बन गया था लेकिन जनप्रतिनिधियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये की वजह से यहां खंडपीठ की स्थापना नहीं हो पाई है। केंद्रीय मंत्री संजीव वालियान और बीके सिंह खुलेआम मेरठ की वकालत कर रहे हैं लेकिन हमारे यहां के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। आठ फरवरी को वकील कमिश्नरी में प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को धरने में कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत, अरुण सोलंकी, लोकेंद्र शर्मा, विजय पाल सिंह चौहान, बृज किशोर लवानिया, लालबहादुर सिंह, अशोक चौबे, राजीव उपाध्याय, अनिल तिवारी, ओपी सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, हेमंत दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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