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UP: सेवानिवृत्त सूबेदार की 75 वर्षीय पत्नी को अदालत से बड़ी राहत, मकान पर नहीं चलेगा बुलडोजर
Tue, 02 Jun 2026 10:44 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 02 Jun 2026 10:44 AM IST
सार
ताजगंज के गोमती एन्क्लेव में 75 वर्षीय बीमार महिला बैजंती देवी को उनके मकान पर चल रही एडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के मामले में अदालत से राहत मिली है। सिविल जज ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश देते हुए मकान गिराने पर रोक लगा दी है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिवंगत सूबेदार महावीर सिंह की 75 वर्षीय बुजुर्ग बीमार पत्नी को आवास के मामले में अदालत से राहत मिली है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन-2) दिव्या चौधरी ने विकास प्राधिकरण (एडीए) के खिलाफ आदेश पारित करते हुए मकान की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दे दिए।
ताजगंज थाना क्षेत्र के गोमती एन्क्लेव निवासी बैजंती देवी ने सिविल अदालत में वाद दायर कर बताया कि पति स्वर्गीय महावीर सिंह भारतीय सेना में सूबेदार थे। वर्ष 1971 में उन्हें राष्ट्रपति ने सम्मानित किया गया था। उनका ताजगंज क्षेत्र के गोमती एन्क्लेव में 215 वर्ग गज क्षेत्रफल में मकान है। उनके बीमार पड़ने पर पड़ोसी ने एडीए में झूठी शिकायत कर दी कि मकान का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए किया गया है।
इस पर एडीए ने 26 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया। इसके बाद 9 जनवरी और 2 मई को दोबारा नोटिस भेजकर मकान को सील एवं ध्वस्त करने की चेतावनी दी। आरोप है कि 16 मई को एडीए के कर्मचारी बुलडोजर लेकर मकान गिराने पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों ने उनकी वृद्धावस्था, बीमारी और लाचारी का हवाला दिया, जिसके बाद कर्मचारी लौट गए।
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ताजगंज थाना क्षेत्र के गोमती एन्क्लेव निवासी बैजंती देवी ने सिविल अदालत में वाद दायर कर बताया कि पति स्वर्गीय महावीर सिंह भारतीय सेना में सूबेदार थे। वर्ष 1971 में उन्हें राष्ट्रपति ने सम्मानित किया गया था। उनका ताजगंज क्षेत्र के गोमती एन्क्लेव में 215 वर्ग गज क्षेत्रफल में मकान है। उनके बीमार पड़ने पर पड़ोसी ने एडीए में झूठी शिकायत कर दी कि मकान का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए किया गया है।
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इस पर एडीए ने 26 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया। इसके बाद 9 जनवरी और 2 मई को दोबारा नोटिस भेजकर मकान को सील एवं ध्वस्त करने की चेतावनी दी। आरोप है कि 16 मई को एडीए के कर्मचारी बुलडोजर लेकर मकान गिराने पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों ने उनकी वृद्धावस्था, बीमारी और लाचारी का हवाला दिया, जिसके बाद कर्मचारी लौट गए।
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