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'अपनी मर्जी से गई थी': 16 वर्षीय छात्रा का बयान बना अहम, पॉक्सो और अपहरण केस में आरोपियों को राहत
Sun, 31 May 2026 10:06 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sun, 31 May 2026 10:06 AM IST
सार
पॉक्सो और अपहरण के मामले में पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी और किसी भी गलत कृत्य की शिकार नहीं हुई। अदालत ने गवाही के आधार पर तीनों आरोपियों को बरी कर दिया, जिससे मामले का पूरा स्वरूप बदल गया।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पॉक्सो एक्ट और अपहरण के मामले में तीन आरोपियों को विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया ने बरी कर दिया है। पीड़ित छात्रा ने अदालत में गवाही दी कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी और उसके साथ कोई गलत कृत्य नहीं हुआ।
थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता की मां ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि 16 वर्षीय पुत्री 11वीं कक्षा की छात्रा है। 28 अगस्त 2017 को घर से ड्रेस पहनकर स्कूल गई थी। देर शाम तक घर लौटकर नहीं आई। स्कूल जाकर पता किया तो वहां पहुंची ही नहीं थी। उसकी सहेली ने बताया कि पेट दर्द का बताकर घर जाने की बोलकर गई थी।
घटना के एक माह बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया था। उस समय पीड़िता ने मेडिकल कराने से मना कर दिया था। अदालत में उसने बताया कि माता-पिता से नाराज होकर घर से चली गई थी। उसने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शिमला घूमने की बात कही। पुलिस ने इस मामले में मुजफ्फरनगर के मिलान रोड निवासी तालिब, इरशाद और मो. शाहिद के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी शाहिद की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में पीड़िता सहित कुल छह गवाह अदालत में पेश किए गए। पीड़िता ने खुद घटना का समर्थन नहीं किया।
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थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता की मां ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि 16 वर्षीय पुत्री 11वीं कक्षा की छात्रा है। 28 अगस्त 2017 को घर से ड्रेस पहनकर स्कूल गई थी। देर शाम तक घर लौटकर नहीं आई। स्कूल जाकर पता किया तो वहां पहुंची ही नहीं थी। उसकी सहेली ने बताया कि पेट दर्द का बताकर घर जाने की बोलकर गई थी।
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घटना के एक माह बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया था। उस समय पीड़िता ने मेडिकल कराने से मना कर दिया था। अदालत में उसने बताया कि माता-पिता से नाराज होकर घर से चली गई थी। उसने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शिमला घूमने की बात कही। पुलिस ने इस मामले में मुजफ्फरनगर के मिलान रोड निवासी तालिब, इरशाद और मो. शाहिद के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी शाहिद की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में पीड़िता सहित कुल छह गवाह अदालत में पेश किए गए। पीड़िता ने खुद घटना का समर्थन नहीं किया।
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