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निकाय चुनावः आगरा में टिकट के लिए जंग शुरू, ये है प्रमुख दलों की हालत

Sat, 14 Oct 2017 01:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Sat, 14 Oct 2017 01:16 PM IST
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countdown begins for municipal election in agra
चुनाव - फोटो : Bureau
उत्तर प्रदेश में निकाय प्रमुखों के आरक्षण की घोषणा होते हुए टिकट के प्रमुख दावेदारों के नाम सामने आना शुरू हो गए हैं। आगरा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत ने पार्टी उम्मीदवारों के ग्राफ को आसमान पर पहुंचा दिया है। 
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सपा और बसपा में भी नामों पर चर्चा शुरू हो गई है। तीनों ही दलों की वरीयता वैश्य प्रत्याशी हैं। हालांकि दूसरी जातियों के दावेदारों के नामों पर भी मंथन किया जा रहा है। वर्ष 2014 लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को रिकार्ड वोट मिले। 
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वैसे भी महापौर सीट पर शुरू से भाजपा का कब्जा रहा है। ऐसे में सीट सामान्य होने पर भाजपा में टिकट को लेकर ज्यादा घमासान है। ये दावेदार संगठन के साथ-साथ संघ में अपनी पैठ बढ़ाने में जुटे हैं। इस बीच कुछ नाम छनकर लखनऊ तक भी पहुंचे हैं। 
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लखनऊ पहुंचे ये नाम

भाजपा से महापौर का टिकट मांग रहे दावेदारों में नवीन जैन, विजय शिवहरे, प्रमोद गुप्त, शिवशंकर शर्मा, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, सुरेंद्र गुप्ता, गामा दुबे, विजय दत्त पालीवाल, पूरन डाबर व राकेश गर्ग के नाम लखनऊ तक पहुंचे हैं। व्यापारी नेता टीनएन अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल भी दावेदारी को ताल ठोंक रहे हैं।

विधायक नहीं तो मेयर सही

विधानसभा चुनाव में भाजपा में टिकट पाने की दौड़ में पिछड़े दावेदार अब मेयर की टिकट हासिल करने के लिए जोड़तोड़ में जुट गए हैं। कई ऐसे दावेदार थे, जो विभिन्न विधानसभा सीटों से टिकट मांग रहे थे। 

इनमें कई पार्टी के पुराने दिग्गज भी थे। ऐसा ही हाल सपा और बसपा का है। विधानसभा चुनाव लड़ चुके सपा उम्मीदवार के साथ ही टिकट की दावेदारी कर रहे दिग्गज भी मेयर की टिकट के लिए मैदान में कूद गए हैं। 

भाजपा प्रत्याशी पर रहेगी सपा की नजर

सूत्रों की मानें तो सपा सबसे बाद में अपने पत्ते खोलेगी। दरअसल, उसकी नजर भाजपा उम्मीदवार पर रहेगी। जैसे ही भाजपा अपना उम्मीदवार घोषित करेगी, इसके बाद पार्टी में बगावत की आवाज बुलंद होगी। टिकट न पाने की दौड़ में पिछड़ने वाले तमाम दावेदार से किनारा करने पर विचार कर सकते हैं। सपा ऐसे उम्मीदवार पर अपना दांव लगा सकती है। 
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